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China Crisis: चीन में चल क्या रहा है? दो और बिजनेस एग्जीक्यूटिव लापता, संकटग्रस्त झोंगजी से जुड़े हैं तार
Fri, 01 Dec 2023 02:34 PM IST
कुमार विवेक
बिजनेस डेस्क, अमर उजाला, नई दिल्ली
बिजनेस डेस्क, अमर उजाला, नई दिल्ली
Published by: कुमार विवेक
Updated Fri, 01 Dec 2023 02:34 PM IST
सार
China Crisis: चीन की लिस्टेड एजुकेशन फर्म डालियान माई जिम एजुकेशन टेक्नोलॉजी ने कहा कि कंपनी अपनी चेयरपर्सन मा होंग्यिंग से संपर्क नहीं कर पा रही है। शेनझेन स्टॉक एक्सचेंज को भेजी सूचना में कंपनी ने कहा कंपनी समझ नहीं पा रही है कि मा होंग्यिंग से संपर्क क्यों नहीं हो रहा।
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चीन की अर्थव्यवस्था का विकास मॉडल टूट रहा।
- फोटो : amarujala.com
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विस्तार
चीन के संकटग्रस्त वित्तीय समूह झोंगझी की ओर से नियंत्रित कंपनियों के दो और बिजनेस एग्जीक्यूटिव लापता हो गए हैं। यह मामला ऐसे समय में सामने आया है जब कुछ ही दिन पहले चीनी अधिकारियों ने संकटग्रस्त शैडो बैंक झोंगजी की आपराधिक जांच शुरू की थी। पिछले हफ्ते, झोंगज़ी ने अपने निवेशकों को बताया था कि वह दिवालिया हो गया है। रिपोर्ट्स के अनुसार लिस्टेड एजुकेशन फर्म डालियान माई जिम एजुकेशन टेक्नोलॉजी ने कहा कि कंपनी अपनी चेयरपर्सन मा होंग्यिंग से संपर्क नहीं कर पा रही है।
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शेनझेन स्टॉक एक्सचेंज को भेजी सूचना में कंपनी ने कहा, "कंपनी इस बात को लेकर आश्वस्त नहीं है कि वह मा होंग्यिंग से संपर्क क्यों नहीं कर पा रही है।"
इसी बीच, शिनजियांग तियानशान पशुपालन बायो-इंजीनियरिंग, जो शिनजियांग क्षेत्र में मवेशियों और डेयरी गायों के प्रजनन का काम करता है ने कहा कि उसके अध्यक्ष मा चांगशुई के साथ संपर्क नहीं हो पा रहा है। इन दोनों कंपनियों को झोंगज़ी की निवेश इकाइयों द्वारा नियंत्रित किया जाता है। जानकारी के अनुसार लापता अधिकारी वर्षों से समूह से जुड़े हुए हैं।
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कंपनी के अनुसार, 38 वर्षीय मा होंग्यिंग ने 2015 से झोंगझी के मुख्य वित्तीय अधिकारी के रूप में कार्य किया है। उन्हें 2022 में डालियान माई जिम एजुकेशन टेक्नोलॉजी के अध्यक्ष के रूप में नियुक्त किया गया था, कुछ साल बाद झोंगज़ी ने शेयर खरीद सौदे के माध्यम से कंपनी का नियंत्रण हासिल कर लिया था।
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दूसरी ओर, 59 वर्षीय मा चांगशुई, पशु प्रजनन फर्म में अपनी पोजीशन के साथ-साथ झोंगजी के उपाध्यक्ष के रूप में भी कार्य करते हैं। वह पहले समूह के मुख्य जोखिम नियंत्रण अधिकारी थे।
बीजिंग स्थित झोंगझी लगभग एक दर्जन संपत्ति और धन प्रबंधन फर्मों को नियंत्रित करता है। इसे चीन के 3 ट्रिलियन डॉलर के शैडो बैंकिंग उद्योग का हिस्सा माना जाता है। यह उद्योग चीन में वित्तपोषण का एक महत्वपूर्ण स्रोत है। शैडो बैंकिंग आमतौर पर वित्तपोषण की ऐसी गतिविधि को कहा जाता है जो औपचारिक बैंकिंग प्रणाली से बाहर संचालित होता है। यह व्यवस्था बैंकों द्वारा ऑफ-बैलेंस-शीट गतिविधियों के माध्यम से या गैर-बैंकिंग वित्तीय संस्थानों, ट्रस्ट और फर्मों की ओर से संचालित की जाती है।
जानकारी के अनुसार झोंगजी की वित्तीय समस्याएं इसके संस्थापक झी झिकुन की दिसंबर 2021 में दिल का दौरा पड़ने से मृत्यु के बाद शुरू हुईं।
झोंगझी के वित्त के बारे में चिंताएं पहली बार अगस्त में शुरू हुई थीं जब कंपनी के आंशिक स्वामित्व वाला एक ट्रस्ट- झोंगरोंग इंटरनेशनल ट्रस्ट व्यक्तिगत और कॉर्पोरेट निवेशकों को भुगतान करने से चूक गया था। इससे नाराज निवेशकों ने विरोध प्रदर्शन किया था। इससे इस चिंता को बल मिला था कि चीन के संपत्ति बाजार में मंदी एक व्यापक वित्तीय संकट की ओर ले जा सकता है।
झोंगझी की ट्रस्ट बैंकिंग इकाई ने रियल एस्टेट में अपने पैसे का लगभग दसवां हिस्सा निवेश किया है। लेकिन इसके रियल एस्टेट पोर्टफोलियो की कई कंपनियां पिछले कुछ वर्षों में नकदी संकट से जूझ रही हैं, इनमें से कुछ ने दिवालियापन के लिए आवेदन किया है।
झोंगज़ी ने पिछले हफ्ते अपने निवेशकों से माफी मांगी थी और स्वीकार किया कि इसकी लिक्विडिटी समाप्त हो गई है। कंपनी ने कहा कि उसके संस्थापक की मौत और उसके बाद वरिष्ठ अधिकारियों के इस्तीफे के बाद से उसका आंतरिक प्रबंधन 'विफलता' की स्थिति में चला गया है। कुछ दिनों बाद, बीजिंग पुलिस ने कंपनी की धन प्रबंधन इकाई की जांच की घोषणा की, जिसमें "अवैध गतिविधियों" का संदेह जताया गया था।