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कच्चे तेल में उछाल का असर: भारतीय तेल कंपनियों को हुआ 19000 करोड़ का घाटा, मूडीज का अनुमान
Thu, 24 Mar 2022 06:27 PM IST
दीपक चतुर्वेदी
बिजनेस डेस्क, अमर उजाला, नई दिल्ली
बिजनेस डेस्क, अमर उजाला, नई दिल्ली
Published by: दीपक चतुर्वेदी
Updated Thu, 24 Mar 2022 06:27 PM IST
सार
कच्चे तेल की कीमत में लगातार आ रहे उछाल और देश में साढ़े चार महीने तक पेट्रोल और डीजल के दाम में स्थिरता से तेल कंपनियों को भारी घाटा उठाना पड़ा है। मूडीज इंवेस्टर्स की हालिया रिपोर्ट में अनुमान लगाया गया है कि मार्च महीने में ही आईओसी, बीपीसीएल और एचपीसीएल को करीब 19000 करोड़ रुपये का नुकसान हुआ है।
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पेट्रोल-डीजल क्रूड ऑयल
- फोटो : iStock
विस्तार
रूस और यूक्रेन के बीच जारी युद्ध के चलते कच्चे तेल की कीमतों में आया उछाल भारतीय तेल कंपनियों के लिए बेहद नुकसानदायक रहा है। मुडीज की नई रिपोर्ट में कहा गया है कि अंतरराष्ट्रीय स्तर पर कच्चे तेल के दाम में इजाफे के बावजूद पेट्रोल और डीजल की कीमतों को स्थिर रखना तेल कंपनियों पर भारी पड़ा है। रिपोर्ट में अनुमान जताया गया है कि इससे सिर्फ मार्च महीने में ही तेल कंपनियों को 19000 करोड़ रुपये का नुकसान हुआ।
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चार नवंबर से स्थिर थीं देश में कीमतें
मूडीज इनवेस्टर सर्विस की गुरुवार को जारी की गई रिपोर्ट में अनुमान जताया गया है कि क्रूड की ऊंची कीमतों के बीच खुदरा कीमतों में कोई बढ़ोतरी न करने से मार्च महीने में आईओसी, बीपीसीएल और एचपीसीएल को कुल मिलाकर 2.25 अरब डॉलर यानि 19 हजार करोड़ रुपये का घाटा उठाना पड़ा है। गौरतलब है कि देश में 4 नवंबर 2021 से 21 मार्च 2022 तक पेट्रोल-डीजल की कीमतों में कोई भी बदलाव नहीं किया गया था। हालांकि, बीते दो दिनों में देश में पेट्रोल और डीजल की कीमतों में 1.6 रुपये प्रति लीटर का इजाफा किया जा चुका है। जबकि, इनके दाम में अभी और बढ़ोतरी होने की उम्मीद जताई जा रही है।
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नवंबर में 82 डॉलर था कच्चा तेल
मूडीज की रिपोर्ट के अनुसार, नवंबर में अंतरराष्ट्रीय बाजार में ब्रेंट क्रूड की कीमत 82 डॉलर प्रति बैरल थी, जो बीते दिनों अपने 14 साल के शिखर पर 139 डॉलर प्रति बैरल पर पहुंच गई थी। हालांकि, इसके बाद मार्च के बीते तीन हफ्तों में इसका दाम 111 डॉलर प्रति बैरल के आस-पास बनी रही। रिपोर्ट में कहा गया कि वर्तमान बाजार भाव के हिसाब से देखें तो तेल कंपनियां पेट्रोल पर 25 डॉलर प्रति बैरल और डीजल पर 24 डॉलर प्रति बैरल का नुकसान उठा रही हैं। इसमें कहा गया कि अगर कच्चे तेल की कीमतें मौजूदा औसत 111 डॉलर प्रति बैरल के करीब बनी रहती हैं और पेट्रोल और डीजल कीमतों में कोई बदलाव नहीं होता तो तीनो तेल कंपनियों आईओसी, बीपीसीएल और एचपीसीएल को हर दिन 6.5 से 7 करोड़ डॉलर का नुकसान उठाना पड़ेगा।
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