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सरकार को झटका, मूडीज ने घटाया GDP का अनुमान

Thu, 10 Oct 2019 12:12 PM IST
‌डिंपल अलवधी बिजनेस डेस्क, अमर उजाला
बिजनेस डेस्क, अमर उजाला Published by: ‌डिंपल अलवधी Updated Thu, 10 Oct 2019 12:12 PM IST
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Moodys cuts India growth forecast to for FY20

अंतरराष्ट्रीय क्रेडिट रेटिंग एजेंसी मूडीज ने गुरुवार को वित्त वर्ष 2019-20 के लिए भारत की जीडीपी का अनुमान घटा दिया है। एजेंसी के अनुसार, जीडीपी 5.8 फीसदी होगी, जो भारतीय रिजर्व बैंक ( RBI ) के अनुमान से भी कम है। पहले एजेंसी ने 6.8 फीसदी का अनुमान जताया था। 

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इस संदर्भ में मूडीज ने कहा है कि, मार्च 2020 में समाप्त वित्त वर्ष में भारत की जीडीपी 5.8 फीसदी पर आ सकती है। मूडीज की ताजा रिपोर्ट के मुताबिक, वित्त वर्ष 2020-21 में ग्रोथ रेट बढ़कर 6.6 फीसदी रह सकता है जो आने वाले सालों में बढ़ सात फीसदी तक पहुंच जाएगा। एजेंसी ने कहा कि पिछले सालों के मकाबले भारत की विकास दर कम रहेगी। मूडीज का ये अनुमान बेहद निराशावादी है। अगले सप्ताह अंतरराष्ट्रीय मुद्रा कोष ( IMF ) ने भी विकास के अनुमान के आंकड़े जारी करने हैं। 
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आठ फीसदी तक जीडीपी ग्रोथ रेट की जो संभावना थी, उसको निवेश आधारित सुस्ती ने कमजोर किया है। इसके अलावा मांग में कमी, ग्रामीण घरों पर आर्थिक दबाव, उच्च बेरोजगारी दर और गैर बैंकिंग वित्तीय संस्थान के पास कैश की किल्लत जैसी समस्याओं से भी आर्थिक सुस्ती की समस्या बढ़ी है।

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आरबीआई ने भी घटाया था अनुमान

चार अक्तूबर को भारतीय रिजर्व बैंक (आरबीआई) ने वित्त वर्ष 2019-20 के लिए जीडीपी का अनुमान 6.9 फीसदी से घटाकर 6.1 फीसदी कर दिया था। वहीं वित्त वर्ष 2020-21 के लिए जीडीपी का अनुमान 7.2 फीसदी कर दिया था। आरबीआई की मौद्रिक नीति समिति (MPC) की समीक्षा बैठक में यह फैसला लिया गया। इससे केंद्र की नरेंद्र मोदी सरकार के पांच ट्रिलियन यानी 50 खरब इकोनॉमी बनने की कवायद को झटका लग सकता है। 

लग सकता है झटका

विकास दर को घटाने के अनुमान से केंद्र सरकार की देश को 50 खरब इकोनॉमी बनाने की कवायद को भी झटका लग सकता है। अगर अर्थव्यवस्था में मंदी का दौर देखने को या फिर धीमी रफ्तार रहेगी तो इसका असर भविष्य में भी देखने को मिलेगा। फिलहाल देश में कई सेक्टरों में उत्पादन लगभग ठप हो गया है। ऐसा इसलिए क्योंकि लोग पुराने स्टॉक को भी नहीं खरीद रहे हैं। 50 खरब अर्थव्यवस्था बनाने के लिए विकास दर में तेजी रखने के लिए कोशिशों को जारी रखना होगा। 

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