फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
डाउनलोड करें

सब्सक्राइब करें
Hindi News ›   Business ›   Business Diary ›   Modi government third term first budget emphasis on infra for developed India Concession possible middle class

बजट: विकसित भारत के लिए इन्फ्रा पर जोर, आम आदमी को महंगाई से राहत और बेरोजगारी से निपटने के लिए घोषणाएं संभव

Mon, 22 Jul 2024 04:51 AM IST
दीपक कुमार शर्मा न्यूज डेस्क, अमर उजाला, नई दिल्ली
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, नई दिल्ली Published by: दीपक कुमार शर्मा Updated Mon, 22 Jul 2024 04:51 AM IST
सार

अर्थशास्त्री डॉ. शरद कोहली का कहना है कि सरकार 5.1 फीसदी के राजकोषीय घाटे के लक्ष्य से पीछे नहीं हटेगी। कोशिश रहेगी कि इसे पांच फीसदी से नीचे लाया जाए। इसके बावजूद बेरोजगारी के लिहाज से बुनियादी ढांचे पर खर्च जारी रहेगा। 

विज्ञापन
Modi government third term first budget emphasis on infra for developed India Concession possible middle class
प्रतीकात्मक फोटो - फोटो : अमर उजाला

विस्तार

मोदी 3.0 का पहला बजट इंटरवल के बाद की वह पिक्चर साबित हो सकती है, जिसकी पटकथा 2047 तक विकसित भारत के लक्ष्य को हासिल करने के इर्द-गिर्द लिखी जा सकती है। इस लक्ष्य को पाने के लिए राजकोषीय मोर्चे पर मुस्तैदी के बावजूद सरकार बुनियादी ढांचे (इन्फ्रा) पर खर्च जारी रखेगी। यह इसलिए भी जरूरी है, क्योंकि इससे बेरोजगारी, मध्य वर्ग की कमाई, ग्रामीण खपत और निजी निवेश जैसी कई समस्याओं का एकसाथ समाधान संभव है।

विज्ञापन


5.1% के राजकोषीय घाटे के लक्ष्य से पीछे नहीं हटेगी सरकार
अर्थशास्त्री डॉ. शरद कोहली का कहना है कि सरकार 5.1 फीसदी के राजकोषीय घाटे के लक्ष्य से पीछे नहीं हटेगी। कोशिश रहेगी कि इसे पांच फीसदी से नीचे लाया जाए। इसके बावजूद बेरोजगारी के लिहाज से बुनियादी ढांचे पर खर्च जारी रहेगा। उनका मानना है कि अगर राजकोषीय घाटे को थोड़ा अनदेखा कर सरकार कोई ऐसी योजना लाती हैं, जिससे बेरोजगारी का जल्द निस्तारण हो जाए तो कोई हर्ज नहीं हैं, क्योंकि कर संग्रह के मोर्चे पर स्थिति अच्छी है।

विज्ञापन
  • प्रत्यक्ष कर संग्रह में 20 फीसदी से अधिक की तेजी दिख रही है।
  • अप्रत्यक्ष कर के मोर्चे पर सरकार को जीएसटी से हर महीने औसतन 1.75 लाख करोड़ रुपये की कमाई हो रही है।

जहां तक मध्य वर्ग की बात है, तो इस चुनाव ने मोदी सरकार को आभास कराया है कि यह तबका थोड़ा नाखुश है। राजनीतिक कारकों के अलावा इसकी अन्य वजहें भी हैं, जिनमें महंगाई के कारण किचन का बजट बिगड़ना, बचत कम होना, देनदारियां बढ़ना और नौकरियों का संकट शामिल हैं। ऐसे में मध्य वर्ग को साधने के लिए वित्त मंत्री अप्रत्यक्ष रूप से थोड़ी रियायत दे सकती हैं। राष्ट्रीय पेंशन प्रणाली (एनपीएस) में कुछ बदलाव व सुधार की संभावना है। पेंशन योजनाओं के मामले में भी राहत मिल सकती है क्योंकि इस पर राज्यों के स्तर पर काफी चर्चा हुई है।

विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन
सबसे विश्वसनीय Hindi News वेबसाइट अमर उजाला पर पढ़ें कारोबार समाचार और Union Budget से जुड़ी ब्रेकिंग अपडेट। कारोबार जगत की अन्य खबरें जैसे पर्सनल फाइनेंस, लाइव प्रॉपर्टी न्यूज़, लेटेस्ट बैंकिंग बीमा इन हिंदी, ऑनलाइन मार्केट न्यूज़, लेटेस्ट कॉरपोरेट समाचार और बाज़ार आदि से संबंधित ब्रेकिंग न्यूज़
 
रहें हर खबर से अपडेट, डाउनलोड करें अमर उजाला हिंदी न्यूज़ APP अपने मोबाइल पर।
Amar Ujala Android Hindi News APP Amar Ujala iOS Hindi News APP
विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन

एड फ्री अनुभव के लिए अमर उजाला प्रीमियम सब्सक्राइब करें

Next Article

AU ऐप में पढ़ें

Followed