मोबाइल नंबर पोर्ट कराना होगा और सस्ता, ट्राई ने बताया क्यों घटी ग्राहकों की संख्या
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आने वाले दिनों में नंबर पोर्ट कराना सस्ता हो सकता है। भारतीय दूरसंचार नियामक प्राधिकरण (ट्राई) जल्द ही मोबाइल ग्राहकों को यह तोहफा दे सकता है। ट्राई का कहना है कि दूरसंचार क्षेत्र में हर महीने होने वाले नंबर पोर्ट की संख्या में कमी हो गई है।
कंपनियों से मांगी राय
ट्राई ने सभी मोबाइल कंपनियों से पोर्टिंग शुल्क सस्ता करने के लिए राय मांगी है। ट्राई ने कहा है कि पिछले एक साल में कई सारी दूरसंचार मोबाइल सेवा प्रदाता कंपनियों का विलय हो गया है। इसके अलावा कई कंपनियां बंद भी हो गई हैं। इस वजह से नंबर पोर्ट कराने वाले ग्राहकों की संख्या में काफी कमी आ गई है।
एक महीने में 37 फीसदी गिरावट
ट्राई ने उदाहरण देते हुए कहा कि सितंबर 2018 और अक्तूबर 2018 के बीच ऐसे ग्राहकों की संख्या में 37 फीसदी की कमी देखी गई है। ट्राई ने पिछले साल 31 जनवरी को पोर्टिंग शुल्क 19 रुपये से घटाकर के 4 रुपये कर दिया था। पिछले साल दिसंबर में ट्राई ने एमएनपी नियमों में बदलाव किया था।
तब ट्राई ने सुझाव दिया था कि एक ही सर्किल में नंबर पोर्ट दो दिन के भीतर हो जाना चाहिए। वहीं एक सर्किल से दूसरे सर्किल में नंबर पोर्ट कराने के लिए चार दिन का वक्त तय किया था। अगर कंपनी ने पोर्टिंग को गलत तरीके से रद्द कर दिया तो फिर उस पर 10 हजार रुपये का जुर्माना लगेगा।