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Income Tax: देश में करोड़पति करदाताओं की संख्या 2.20 लाख के पार, वेतन और बोनस में वृद्धि से भी बढ़ी संख्या
Mon, 11 Nov 2024 02:21 AM IST
दीपक कुमार शर्मा
एजेंसी, नई दिल्ली
एजेंसी, नई दिल्ली
Published by: दीपक कुमार शर्मा
Updated Mon, 11 Nov 2024 02:21 AM IST
सार
विश्लेषकों के मुताबिक, करोड़पति करदाताओं की संख्या में उछाल के कई कारक हैं। इनमें तेजी से बढ़ता शेयर बाजार, चुनिंदा कंपनियों में जबरदस्त मुनाफा, वेतन में भारी बढ़ोतरी, टैक्स के सख्त नियम और कुछ नियमों में बदलाव शामिल हैं।
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सांकेतिक तस्वीर
- फोटो : ANI/Pexels
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विस्तार
देश में करोड़पति करदाताओं की संख्या पिछले 10 साल में पांच गुना बढ़कर अब 2.20 लाख से ज्यादा हो गई है। इससे भी चौंकाने वाली बात यह है कि कोरोना के बाद से केवल तीन साल में ही एक लाख लोग करोड़पति करदाता के क्लब में शामिल हो गए हैं।
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विश्लेषकों के मुताबिक, करोड़पति करदाताओं की संख्या में उछाल के कई कारक हैं। इनमें तेजी से बढ़ता शेयर बाजार, चुनिंदा कंपनियों में जबरदस्त मुनाफा, वेतन में भारी बढ़ोतरी, टैक्स के सख्त नियम और कुछ नियमों में बदलाव शामिल हैं। एक वरिष्ठ सरकारी अधिकारी के मुताबिक, कोविड की शुरुआत में भारतीय अर्थव्यवस्था में गिरावट आई थी। तब भी कई बड़ी कंपनियां फल-फूल रही थीं। शेयर बाजार में उछाल बना हुआ था।
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आयकर विभाग के करदाताओं के अपने निवेश रिटर्न में किए गए खुलासे के डाटा मिलान ने करोड़पति करदाता वर्ग में आने वाले व्यक्तियों की बढ़ती संख्या में महत्वपूर्ण योगदान दिया है। जब भी बताई गई आय और भुगतान किए गए करों के बीच कोई विसंगति पाई जाती है, तो विभाग तुरंत नोटिस देता है। अग्रिम कर भुगतान और चालू वर्ष के लेनदेन के बीच विसंगति होने पर करदाताओं को नियमित रूप से सावधान किया जाता है।
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एक दशक पहले 40,000 लोग थे करोड़पति करदाता सूची में
एसबीआई रिसर्च की रिपोर्ट के अनुसार, आकलन वर्ष 2013-14 में भारत में लगभग 40,000 लोगों ने एक करोड़ रुपये से अधिक की कर योग्य आय बताई थी। आकलन वर्ष 2020-21 तक करोड़पति करदाताओं की संख्या 120,000 तक पहुंच गई। एक करोड़ रुपये से अधिक की आय वाले ज्यादा अमीर भारतीयों की संख्या में तेज वृद्धि केवल आकलन वर्ष 2022-23 और 2023-24 में हुई। यह 190,000 और 220,000 तक पहुंच गई।
वेतन और बोनस में वृद्धि से भी बढ़ी करदाताओं की संख्या
पीडब्ल्यूसी इंडिया में भागीदार रानेन बनर्जी कहते हैं, कोरोना के बाद बड़ी संख्या में इस्तीफे की लहर ने कॉरपोरेट्स को प्रभावित किया। इससे कॉरपोरेट्स को साल के मध्य में 20-30% तक पारिश्रमिक बढ़ाने पर मजबूर होना पड़ा। इसने कई वेतनभोगी आयकरदाताओं को करोड़ के आंकड़े से ऊपर जाने में भी योगदान दिया। हाल के वर्षों में बड़े बोनस भुगतान के साथ-साथ कॉरपोरेट के भारी लाभ ने करोड़ से अधिक आय वाले व्यक्तियों की संख्या में वृद्धि की है।
1902 अधिकारी पाते हैं एक करोड़ से ज्यादा वेतन
एक करोड़ रुपये से अधिक वेतन पाने वाले अधिकारियों की संख्या 2019-20 में 1,609 से बढ़कर 2022-23 में 1,902 हो गई। तीन साल में इसमें 18 प्रतिशत की वृद्धि हुई। कर विशेषज्ञ बढ़ते पूंजी बाजार से असामान्य रूप से बड़े निवेश ने भी करदाताओं की बढ़ी संख्या में योगदान दिया है। इसमें 50 लाख से एक करोड़ रुपये की सीमा में कई वेतनभोगी अब एक करोड़ रुपये से अधिक आय वाले स्तर को पार कर गए हैं।