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Manufacturing: पैकिंग मशीनरी का एक अक्तूबर से पहले जीएसटी में करें पंजीकरण, विफल रहने पर एक लाख का जुर्माना
Thu, 08 Aug 2024 08:40 AM IST
ज्योति भास्कर
बिजनेस डेस्क, अमर उजाला
बिजनेस डेस्क, अमर उजाला
Published by: ज्योति भास्कर
Updated Thu, 08 Aug 2024 08:40 AM IST
सार
केंद्रीय अप्रत्यक्ष कर एवं सीमा शुल्क बोर्ड (सीबीआईसी) के अहम फैसले के बाद पैकिंग मशीनरी जीएसटी के दायरे में आ गई है। सरकार ने कहा है कि इन मशीनों का इस्तेमाल करने वाले लोगों को अगले दो महीने में पंजीकरण कराना ही होगा। ऐसा न करने पर एक लाख का जुर्माना वसूला जा सकता है।
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सांकेतिक तस्वीर
- फोटो : Istock
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विस्तार
सरकार ने पान मसाला, गुटखा व तंबाकू आदि उत्पादों के निर्माताओं के लिए एक अक्तूबर से पहले पैकिंग मशीनरी को जीएसटी में पंजीकरण करना अनिवार्य कर दिया है। ऐसा नहीं करने पर निर्माताओं को एक लाख जुर्माना देना होगा। केंद्रीय अप्रत्यक्ष कर एवं सीमा शुल्क बोर्ड (सीबीआईसी) ने एक अप्रैल से इन उत्पादों के निर्माताओं के लिए जीएसटी पंजीकरण व मासिक रिटर्न भरने की प्रक्रिया शुरू करने की घोषणा की थी। हालांकि, बाद में तारीख को 15 मई तक बढ़ाया गया था। फरवरी, 2024 के वित्त विधेयक में जीएसटी कानून में संशोधन किया गया था।
इन पर लागू होगा नियम
यह नियम पान-मसाला, ब्रांड नाम के साथ या उसके बिना हुक्का या तंबाकू, पाइप-सिगरेट के लिए धूम्रपान मिश्रण, चबाने वाले तंबाकू (चूने की ट्यूब के बिना), फिल्टर खैनी, जर्दा सुगंधित तंबाकू और ब्रांडेड या गैर-ब्रांडेड गुटखा निर्माताओं पर लागू होगा।
कई राज्यों वाली कंपनियों के लिए भी पंजीकरण
सीबीआईसी ने कहा, कई राज्यों में काम करने वाली व शाखा कार्यालयों के जरिये सामान्य इनपुट टैक्स क्रेडिट का वितरण करने वाली कंपनियों को इनपुट सर्विस डिस्ट्रीब्यूटर के रूप में जीएसटी प्राधिकरण के पास एक अप्रैल, 2025 तक पंजीकरण कराना होगा। यह नियम वित्त विधेयक में लाया गया था।
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इन पर लागू होगा नियम
यह नियम पान-मसाला, ब्रांड नाम के साथ या उसके बिना हुक्का या तंबाकू, पाइप-सिगरेट के लिए धूम्रपान मिश्रण, चबाने वाले तंबाकू (चूने की ट्यूब के बिना), फिल्टर खैनी, जर्दा सुगंधित तंबाकू और ब्रांडेड या गैर-ब्रांडेड गुटखा निर्माताओं पर लागू होगा।
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कई राज्यों वाली कंपनियों के लिए भी पंजीकरण
सीबीआईसी ने कहा, कई राज्यों में काम करने वाली व शाखा कार्यालयों के जरिये सामान्य इनपुट टैक्स क्रेडिट का वितरण करने वाली कंपनियों को इनपुट सर्विस डिस्ट्रीब्यूटर के रूप में जीएसटी प्राधिकरण के पास एक अप्रैल, 2025 तक पंजीकरण कराना होगा। यह नियम वित्त विधेयक में लाया गया था।
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