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निवेश-बचत: सही समय पर संपत्तियों की वसीयत जरूर बनाएं; नॉमिनी से ही सब कुछ तय नहीं हो जाता

Narayan Krishnamurthy नारायण कृष्णमूर्ति
Updated Mon, 30 Sep 2024 08:51 AM IST
सार

अगर आप एक सेवानिवृत्त व्यक्ति हैं या आप इसके करीब हैं तो निश्चित तौर पर अपनी सभी संपत्तियों के बंटवारे को लेकर स्पष्ट विचार रखें। आपके नहीं रहने पर आपकी संपत्तियों के कई दावेदार हो सकते हैं जो विवाद बढ़ा सकता है। ऐसे में मुकदमेबाजी और अन्य झगड़ों से बचने के लिए वसीयत जरूर बनाएं।

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Make sure to make a will for your assets at the right time
सही समय पर संपत्तियों की वसीयत जरूर बनाएं - फोटो : iStock

विस्तार

एक दशक पहले सरकारी सेवाओं से वरिष्ठ पदों पर सेवानिवृत्त हुए पति-पत्नी की कोई संतान नहीं थी। उन्होंने सेवानिवृत्त होने के बाद कुछ दोस्तों और समान आयु वर्ग के लोगों के साथ रहने के लिए सेवानिवृत्ति समुदाय में जाने का फैसला किया था। उनके पास काफी संपत्ति थी। वे आध्यात्मिक भी थे और एक ऐसे समूह का हिस्सा थे जो उन दान कार्यों में लगे थे जो उन्हें पसंद थे। उस व्यक्ति ने अपने जीवनकाल के बाद अपनी सारी संपत्ति उस संगठन के लिए छोड़ने का मन बना लिया था जिस पर वे विश्वास करते थे।

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स्वास्थ्य संबंधी समस्याओं के लिए तैयार रहें
हर बुजुर्ग की तरह, जब उन्हें स्वास्थ्य संबंधी समस्याएं होने लगीं, तो वे कुछ भतीजों और एक भतीजी के नियमित संपर्क में थे। भतीजे और भतीजियों ने भी अपने चाचा और चाची का ख्याल रखना शुरू कर दिया। चाचा की यह इच्छा थी कि उनके नहीं रहने के बाद कुछ रकम पोते और पोतियों व भतीजियों को मिल जाए। उनको एक सुझाव दिया गया कि वे एक वसीयत का मसौदा तैयार करें जिसमें स्पष्ट रूप से बताया जाए कि वे क्या चाहते हैं। हर छोटी बात का विवरण दिया जाए। हालांकि, दोनों बुजुर्ग इस बात को लेकर स्पष्ट थे कि वे अपनी संपत्ति का क्या करना चाहते हैं, लेकिन वे कागज पर लिखने में सहज नहीं थे।
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नॉमिनी से ही सब कुछ तय नहीं हो जाता
उन्होंने कुछ भतीजों को कुछ म्यूचुअल फंड निवेशों के लिए नॉमिनी बनाया। बाकी रकम के लिए चैरिटी का नाम लिख दिया। उनका दिल्ली और हैदराबाद में घर था, जिनके किराये से खर्चा चल रहा था। कोविड के दौरान, चाचा का निधन हो गया। चूंकि उनकी सारी संपत्ति पत्नी के पास संयुक्त रूप से थी, इसलिए यह सब उनके नाम हो गई। वह भी वसीयत बनाने को तैयार नहीं थीं। वह भी कुछ संपत्ति उन्हीं तीन लोगों को देना चाहती थी। इनमें दो भतीजे और भतीजी थी जिनके बारे में वे इतने सालों से बात कर रहे थे। चाची ने हाथ से लिखा हुआ एक पत्र छोड़ रखा था। वह चाहती थीं कि उनकी वित्तीय संपत्ति तीन लोगों को समान रूप से वितरित की जाए। संपत्ति का चौथा हिस्सा दान में दिया जाए। घर भी दान में दिए जाएं। पिछले साल उनकी मृत्यु के बाद यह दस्तावेज उनके एक मित्र ने इसे पेश किया था। लेकिन, अब तक घर के 10 दावेदार हो गए। इनमें उनके कई भतीजे और भतीजी के साथ अन्य लोग थे।
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कोर्ट-कचहरी के साथ होती है परेशानी
मामला अब अदालत में है। यह अधिकांश बुजुर्ग लोगों का मामला है जिनके पास स्पष्ट निर्देश नहीं है कि वे अपनी संपत्ति का क्या करना चाहते हैं। ऐसे में सभी बुजुर्ग जीवन के अंतिम पड़ाव के लिए योजना बनाएं। उनके पास कम से कम वित्तीय परिसंपत्तियां हों, जिन्हें प्रबंधित करना और संभालना आसान हो। जैसे ही आप 50 वर्ष के हो जाएं, सोचें कि जब सेवानिवृत्त होंगे तो आप और आपका जीवनसाथी क्या करना पसंद करेंगे। आप एक अच्छी सेवानिवृत्ति के हकदार हैं। यह सुनिश्चित करना सही होगा कि आपके पास आराम से रहने के लिए पैसा हो।

बचत और निवेश को समेकित करें
मकानों का रखरखाव करना कठिन है। उनसे किराये पर निर्भर रहना असुरक्षित है। बचत और निवेश को समेकित करें और कुछ बैंक खाते रखें। स्वास्थ्य देखभाल और करीबी लोगों के समर्थन के संबंध में अपनी पसंद बनाएं। जहां भी संभव हो उसका दस्तावेजीकरण करें। महत्वपूर्ण यह कि एक वसीयत तैयार करें।

सही समय पर लें सही फैसला
एक बार जब आप 60 साल के या सेवानिवृत्त हो जाएं, तो अपनी अचल संपत्ति में हिस्सेदारी कम कर दें। महत्वपूर्ण बात यह है वसीयत तब बनाएं, जब आप शारीरिक और मानसिक रूप से निर्णय लेने और चीजों को अपने प्रियजनों या उन संगठनों को सौंपने में सक्षम हों जिन्हें आप सौंपना चाहते हैं।


अपने निधन के बाद अपने प्रियजनों को दुखी न छोड़ें, क्योंकि आपने जीवित रहते हुए यह स्पष्ट रूप से तय नहीं किया है कि अपनी संपत्ति का क्या करना है। सेवानिवृत्त होने के बाद कम अव्यवस्थित वित्तीय जीवन जीने की मानसिकता बनाएं। म्यूचुअल फंड होल्डिंग्स को कम करें। स्टॉक होल्डिंग्स को भी सीमित करें।

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