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कोरोना का कहर: महाराष्ट्र में लॉकडाउन से होगा 40 हजार करोड़ रुपये का आर्थिक नुकसान

Tue, 06 Apr 2021 12:57 PM IST
‌डिंपल अलावाधी बिजनेस डेस्क, अमर उजाला, नई दिल्ली
बिजनेस डेस्क, अमर उजाला, नई दिल्ली Published by: ‌डिंपल अलावाधी Updated Tue, 06 Apr 2021 12:57 PM IST
सार

  • महाराष्ट्र में कोरोना वायरस संक्रमण के मामले सबसे अधिक हैं। 
  • इसके मद्देनजर रात का कर्फ्यू और अन्य प्रतिबंध लगाए गए हैं।
  • इससे देश को 40 हजार करोड़ रुपये का आर्थिक नुकसान होगा।
  • घरेलू अर्थव्यवस्था की सकल मूल्य वर्धित (GVA) वृद्धि 0.32 फीसदी घट सकती है।

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Maharashtra radical lockdown will have economic impact of Rs 40000 crore according to Care Ratings
महाराष्ट्र में लॉकडाउन से कितना होगा नुकसान? - फोटो : अमर उजाला

विस्तार

कोरोना की दूसरी लहर ने पूरे देश को अपनी जद में ले लिया है। हर तरफ खतरा फिर से बढ़ गया है। महाराष्ट्र में कोरोना वायरस संक्रमण के मामले सबसे अधिक हैं। इसलिए राज्य में सप्ताह के कार्यदिवसों में रात का कर्फ्यू लगाया गया है जबकि सप्ताहांत (शुक्रवार रात आठ बजे से सोमवार सुबह सात बजे तक) सख्त लॉकडाउन लागू रहेगा। महामारी के रोकथाम के लिए यह आवश्यक था, लेकिन इससे आर्थिक नुकसान भी हो रहा है।

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होगा 40 हजार करोड़ रुपये का आर्थिक नुकसान
केयर रेटिंग्स के मुताबिक इससे देश को 40 हजार करोड़ रुपये का आर्थिक नुकसान होगा और इससे सबसे अधिक ट्रेड, होटल और ट्रांसपोर्ट क्षेत्र प्रभावित होंगे। इस आर्थिक नुकसान से घरेलू अर्थव्यवस्था की सकल मूल्य वर्धित या ग्रॉस वैल्यू ऐडेड (GVA) वृद्धि 0.32 फीसदी घट सकती है। जीवीए बताता है कि एक तय अवधि में कितने रुपये की वस्तुओं और सेवाओं का उत्पादन हुआ।
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जीडीपी की वृद्धि दर का अनुमान घटाया
इसके साथ ही एजेंसी ने जीडीपी की वृद्धि दर का अनुमान 11-11.2 फीसदी से घटाकर 10.7-10.9 फीसदी कर दिया है। देश में रोजाना आ कोरोना के मामलों में महाराष्ट्र की हिस्सेदारी करीब 60 फीसदी है। केयर रेटिंग्स का मानना है कि कुल उत्पादन और उपभोग प्रभावित होगा।
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लॉकडाउन से होगा नुकसान
केयर रेटिंग्स ने वित्त वर्ष 2022 में देश का जीवीए 137.8 लाख करोड़ रुपये रहने का अनुमान जताया था। इसमें महाराष्ट्र की हिस्सेदारी करीब 20.7 लाख करोड़ रुपये होगी। लेकिन लॉकडाउन के चलते अब इसमें दो फीसदी की गिरावट आ सकती है। कोरोना के बढ़ते मामले और सख्त पाबंदियों के बीच मजदूर फिर से अपने-अपने गांव लौटने लगे हैं। मजदूरों की इस पलायन को देखकर महाराष्ट्र के कंपनी मालिकों के होथ उड़ गए हैं। मजदूरों के लौटने से कंपनियों के उत्पादन और सप्लाई पर बुरा असर पड़ेगा। मालिकों को डर है कि अगर ये मजदूर अपने-अपने घर लौट गए तो कंपनी में ताला लटक जाएगा। 

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