बेरोजगारी, आर्थिक सुस्ती का विधानसभा चुनाव नतीजों पर कितना पड़ा असर
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हरियाणा और महाराष्ट्र विधानसभा चुनाव के नतीजे और रूझान आने शुरू हो गए हैं। रूझान के हिसाब से महाराष्ट्र में एनडीए आगे चल रहा है, वहीं हरियाणा में त्रिशंकु विधानसभा के आसार दिख रहे हैं। हरियाणा में कौन सी पार्टी की सरकार बनेगी, इसके बारे में पूरी तरह से स्पष्ट स्थिति साफ नहीं हुई है। भाजपा हरियाणा में फिर से सत्ता की वापसी करेगी, यह अभी कहना मुश्किल है। दोनों राज्यों में जम्मू-कश्मीर में अनुच्छेद 370 हटाने से बड़ा मुद्दा आर्थिक सुस्ती और बेरोजगारी के अलावा पीएमसी बैंक का घोटाला बन गया था।
राष्ट्रीय मुद्दों पर भारी पड़ गए स्थानीय मुद्दे
भाजपा और एनडीए के सभी बड़े नेताओं ने हर जगह केवल राष्ट्रीय मुद्दों पर बात की। रैलियों में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी, गृहमंत्री अमित शाह, रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह और यूपी, हरियाणा और महाराष्ट्र के मुख्यमंत्रियों ने केवल जम्मू-कश्मीर, वीर सावरकर और पाकिस्तान के मुद्दे पर बात की। हालांकि इन दोनों राज्यों में खेती-किसानी, फैक्ट्रियों का बंद होना, बेरोजगारी और बढ़ती महंगाई मुख्य स्थानीय मुद्दे थे, जिन पर किसी नेता ने ज्यादा बात नहीं की।
महाराष्ट्र देश के उन प्रमुख राज्यों में शुमार है, जहां पर प्रति व्यक्ति आय सबसे ज्यादा है। इस राज्य में खेती के बाद उद्योग और वित्तीय सेवाएं प्रमुख रूप से लोगों के लिए रोजगार का साधन हैं। राज्य की राजधानी मुंबई देश की आर्थिक राजधानी है, जहां पर सभी प्रमुख कंपनियों और बैंकों के मुख्यालय स्थित हैं। इस शहर के साथ ही प्रदेश के कई अन्य जिले भी उद्योगों के लिए प्रसिद्ध हैं।
वहीं हरियाणा में खेती और उद्योग लोगों के लिए सबसे बड़े आय के स्त्रोत हैं। खेती और उद्योग धंधों के चौपट होने से लोगों पर बड़ा असर पड़ा था। बेरोजगारी से लोग बेहाल थे, जिसको कम करने के लिए राज्य सरकार ने ठोस कार्य नहीं किया। इस वजह से युवा वर्ग सरकार से काफी नाराज था।
वहीं दूसरी तरफ कांग्रेस, एनसीपी और अन्य विपक्षी दलों ने केवल स्थानीय मुद्दों को लेकर के बात की। सभी ने ऑटो सेक्टर समेत अन्य सेक्टर में छाई आर्थिक सुस्ती, पीएमसी बैंक में हुए घोटाले, फैक्ट्रियों में तालाबंदी को रैलियों में खूब अच्छे से भुनाया।
हरियाणा के लिए भाजपा के संकल्प पत्र में ये थी धोषणाएं
भाजपा ने हरियाणा के लिए जो संकल्प पत्र जारी किया था, उसमें किसानों, युवाओं और उद्योगों के लिए प्रमुख तौर पर बात की गई थी। हालांकि संकल्प पत्र में जारी किए गए मुद्दों पर किसी राष्ट्रीय या फिर स्थानीय भाजपा नेता ने कोई बात नहीं की। दक्षिण हरियाणा के गुरुग्राम-मानेसर बेल्ट में सबसे ज्यादा ऑटो कंपनियां हैं, जहां पर लाखों लोगों को रोजगार मिला हुआ था। सेक्टर में सुस्ती आने से फैक्ट्रियों ने उत्पादन ठप किया तो इससे लोगों की नौकरियों पर संकट गहराया गया। इसका सबसे ज्यादा असर लोगों पर पड़ा।
महाराष्ट्र में यह किया था वादा
महाराष्ट्र में भी भाजपा ने जो संकल्प पत्र जारी किया था, उसमें केवल वो मुद्दे थे, जिनका आम लोगों से कोई वास्ता नहीं था। पार्टी ने अपने घोषणा पत्र में वीर सावरकर, महात्मा फुले और सावित्रीबाई फुले को भारत के सर्वोच्च नागरिक सम्मान भारत रत्न से नवाजे जाने का प्रस्ताव भेजने की घोषणा प्रमुखता से की थी। इसके अलावा पांच साल में एक करोड़ नौकरियां देने और प्रदेश को सूखा मुक्त बनाने का वादा किया गया था।
ये थे नौ प्रमुख मुद्दे
1. कृष्णा कोयना और अन्य नदियों में बहने वाले अतिरिक्त पानी को पश्चिमी महाराष्ट्र के स्थायी रूप से सूखे हिस्से में ले जाएगा।
2. अगले 5 साल में यह सुनिश्चित किया जाएगा कि कृषि में इस्तेमाल होने वाली बिजली सौर ऊर्जा पर आधारित हो। साथ ही किसानों को 12 घंटे से अधिक बिजली दी जाएगी।
3. आने वाले पांच सालों में एक करोड़ नौकरियां पैदा करेंगे। एक करोड़ परिवारों को महिला बचत समूह से जोड़कर विशेष रोजगार के अवसर दिए जाएंगे।
4. 2022 तक प्रत्येक व्यक्ति को शुद्ध पेयजल उपलब्ध कराया जाएगा। बुनियादी सुविधाओं के लिए केंद्र सरकार के सहयोग से 5 लाख करोड़ रुपये का निवेश किया जाएगा।
5. घरेलू बिजली में 300 यूनिट की खपत पर इसकी दर को 30 फीसदी तक कम करने का वादा किया है।
6. साथ ही महाराष्ट्र में गांवों तक विशेष बस सेवा शुरू करने का भी वादा किया गया है।
7. भाजपा ने महाराष्ट्र के जरूरतमंद किसानों को हर साल दस हजार रुपये देने, कृषि ऋण माफी, उर्वरकों की कीमत तय करना, व्यक्तिगत किसानों को फसल बीमा योजना के लाभार्थी बनाने का भी वादा किया है।
8. राज्य में सभी सड़कों की मरम्मत और रखरखाव के लिए स्वतंत्र और स्थायी तंत्र विकसित किया जाएगा। मुख्यमंत्री ग्राम सड़क योजना के माध्यम से, सभी गांव—बस्तियों को 12 महीने तक चलने वाली सड़कों से जोड़ा जाएगा।
9. भाजपा वीर सावरकर, महात्मा फुले और सावित्रीबाई फुले को भारत के सर्वोच्च नागरिक सम्मान भारत रत्न से नवाजे जाने का प्रस्ताव केंद्र सरकार को भेजेगी।
हरियाणा में कांग्रेस के यह थे वादे
- हर जिले में सुपर स्पेशिएलिटी अस्पताल और विश्वविद्यालय
- प्रत्येक जिले में स्थापित होंगे किसान मॉडल स्कूल
- लड़कियों के लिए खुलेंगे बारहवीं तक के आवासीय स्कूल
- पंजाबी व उर्दू के शिक्षकों के लिए नए पद होंगे सृजित
- हुडा के सेक्टरों व कमेटी एरिया में स्थापित होंगी रेहड़ी मार्केट
- वरिष्ठ नागरिकों को आवास एवं चिकित्सा की मिलेगी सुविधा
- प्रदेश में गैस आधारित बिजली के बड़े संयंत्र होंगे स्थापित
- नई स्वीकृत कॉलोनियों में तुरंत प्रभाव से शुरू होंगी मूलभूत सुविधाएं
- सभी जिलों में सब्जी और फल मंडिया होंगी स्थापित।
कांग्रेस-एनसीपी के घोषणापत्र में थे ये मुद्दे
- योग्य छात्रों को विदेश में पढ़ाई के लिए स्कॉलरशिप शुरू की जाएगी।
- हर जिले में सरकारी इंजीनियरिंग और मेडिकल कॉलेज।
- पूरे प्रदेश में शिक्षक पद की रिक्तियों को तुरंत भरा जाएगा।
- स्कूलों के मौजूदा करिकुलम में बदलाव।
- कामगारों की वेतन में इजाफे का वादा।
- शिक्षण, आरोग्य, कृषि, मूलभूत सुविधाओं को क्षेत्र में बड़े काम करने का वादा।