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Lulu Row: खुलते ही विवादों में आए 'लुलु' मॉल की कहानी, जानें बनाने वाली कंपनी और उसके मालिक के बारे में सबकुछ

Fri, 22 Jul 2022 08:33 PM IST
विवेक दास बिजनेस डेस्क, अमर उजाला, नई दिल्ली
बिजनेस डेस्क, अमर उजाला, नई दिल्ली Published by: विवेक दास Updated Fri, 22 Jul 2022 08:33 PM IST
सार

उत्तर प्रदेश की तरह लुलु ग्रुप केरल में तीन नई परियोजनाओं पर काम कर रहा है। इतना ही नहीं  बीते मई महीने में कंपनी ने कर्नाटक सरकार के साथ भी 2 हजार करोड़ रुपये निवेश का समझौता किया है। उससे पहले मार्च महीने में ग्रुप ने तमिलनाडु में 3500 करोड़ निवेश और गुजरात में मॉल खोलने के लिए 2 हजार करोड़ रुपये निवेश का भी करार किया है।

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Lulu Row: The story of 'Lulu' Mall, which came into controversy as soon as it opened, know everything
यूसुफ अली, लुलु ग्रुप - फोटो : Social Media

विस्तार

बीते दिनों लखनऊ के एक मॉल में कुछ लोगों के नमाज पढ़ने का एक वीडियो सोशल मीडिया पर खूब वायरल हुआ। बाद में खबरें आईं की यह लखनऊ में हाल ही खुले लुलु मॉल का वीडियाे है। वीडियो वायरल होने के बाद हिन्दू संगठनों की ओर से सुंदर कांड और हनुमान चालिसा का पाठ करने का एलान कर दिया। विवाद बढ़ा तो मॉल की सुरक्षा के लिए पुलिस तक बुलानी पड़ी।

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जिस मॉल में इतना बवाल हुआ उसका उद्घाटन हुए 15 दिन भी नहीं हुए हैं। बीती 10 जुलाई को खुद यूपी के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने इसका उद्घाटन किया। इस विवाद के बाद न सिर्फ ये मॉल बल्कि इसके मालिक भी सुर्खियों में हैं। आइये जानते हैं इस मॉल को बनाने वाली कंपनी उस पर लग रहे आरोपों और इसके मालिक के बारे में… 

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लखनऊ के इस नए नवेले मॉल का मालिक लुलु इंटरनेशन ग्रुप है। अबुधाबी के बिजनेसमैन एमए यूसुफ अली इस ग्रुप के मुखिया हैं। अली की भारत में 14 हजार करोड़ रुपये के निवेश की योजना है। इसकी शुरुआत लखनऊ के लुलु मॉल से हुई है। 

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आने वाले समय में उत्तर प्रदेश समेत कई राज्यों में कंपनी कई मॉल और फूड प्रोसेसिंग हब बनाएगी। अकेले उत्तर प्रदेश में 2500 करोड़ रुपये का निवेश किया जाएगा। इसके जरिए बनारस और प्रयागराज में मॉल बनाने के साथ ही ग्रेटर नोएडा में फूड प्रोसेसिंग हब बनाया जाएगा। 

केरल में कई सेक्टर में काम कर रही है लुलु 

उत्तर प्रदेश से पहले केरल में पैदा हुए अली की कंपनी ने अपने मूल राज्य में भी कई सेक्टर्स में निवेश कर चुकी है। यहां उनकी कंपनी कोच्चि में साइबर टावर, त्रिशूर में फैशन व कन्वेंशन सेंटर, कोच्चि में 2 मैरिएट होटल और एक रिजॉर्ट का संचालन करती है।

जन्मू-कश्मीर, गुजरात से लेकर कर्नाटक तक है विस्तार की तैयारी

उत्तर प्रदेश की तरह लुलु ग्रुप केरल में तीन नई परियोजनाओं पर काम कर रहा है। इतना ही नहीं  बीते मई महीने में कंपनी ने कर्नाटक सरकार के साथ भी 2 हजार करोड़ रुपये निवेश का समझौता किया है। उससे पहले मार्च महीने में ग्रुप ने तमिलनाडु में 3500 करोड़ निवेश और गुजरात में मॉल खोलने के लिए 2 हजार करोड़ रुपये निवेश का भी करार किया है। इसी साल जनवरी में लुलु ग्रुप जम्मू-कश्मीर के श्रीनगर में फूड प्रोसेसिंग हब खोलने पर 200 करोड़ रुपये निवेश करने की बात कह चुकी है।

केरल में जन्मे यूएई में खड़ा किया कारोबार

लुलु ग्रुप के मालिक यूसुफ अली का जन्म 15 नवंबर 1955 को केरल के त्रिशूर जिले के नाट्टिका गांव में हुआ। शुरुआती पढ़ाई त्रिशूर के ही करनचीरा गांव के सेंट जेवियर हाई स्कूल में हुई। उस समय वे अपने चाचा के साथ रहते थे। उनके पिता तब गुजरात के अहमदाबाद में राशन की एक दुकान चलाते थे। 15 साल की उम्र में वे पिता की मदद के लिए अहमदाबाद आ गए। वहीं, उन्होंने बिजनेस एडमिनिस्ट्रेशन में डिप्लोमा किया।  

18 साल की उम्र में गए अबुधाबी 

करीब तीन साल पिता के साथ अहमदाबाद में काम करने के बाद अली यूसुफ अबुधाबी चले गए। यहां अली अपने चाचा की कारोबार में मदद करने लगे। जो अबुधाबी में राशन का बिजनेस करते थे। अली के चाचा का कारोबार सिंगापुर, हॉन्गकॉन्ग और ऑस्ट्रेलिया जैसे देशों में भी था। अली चाचा के साथ इन देशों में गए यहीं उन्हें सुपरमार्केट खोलने का आइडिया आया। जब 1989 में उन्होंने अपना पहला डिपार्टमेंटल स्टोर खोला तो उनकी उम्र सिर्फ 34 वर्ष थी। 

साल 2000 में शुरू हुआ लुलु ग्रुप इंटरनेशनल का सफर 

1989 में शुरू हुआ अली के डिपार्टमेंटल स्टोर का सिलसिला 2000 आते-आते अंतरराष्ट्रीय रूप लेने को तैयार था। इसी साल यूसुफ अली ने लुलु ग्रुप इंटरनेशनल की स्थापना की थी। लुलु एक अरबी भाषा का शब्द है जिसका अर्थ होता है 'मोती'। आज यह कंपनी दुनिया के कई देशों में सुपरमार्केट और रिटेल स्टोर की चेन चलाती है। इसका मुख्यालय अबु धाबी में स्थित है। खाड़ी देशों में 215 आउलटलेट्स के साथ लुलु ग्रुप एशिया की सबसे बड़ी रिटेल चेन है। ग्रुप खाड़ी देशों में 13 शॉपिंग मॉल का भी संचालन करती है। 

यूसुफ के बिजनेस में तीन दामाद भी करते हैं सहयोग

यूसुफ अली की तीन बेटियां शबीना, शफीना और शिफा हैं। इन तीनों के पति भी यूसुफ के कारोबार से जुड़े हैं। यूसुफ के सबसे बड़े दामाद और शबीना के पति शमशीर पेशे से रेडियोलॉजिस्ट हैं और वे ग्रुप के हेल्थकेयर क्षेत्र की कंपनियों का काम देखते हैं। लुलु ग्रुप भारत समेत पूरी दुनिया में तकरीबन 20 अत्याधुनिक अस्पतालों और 125 स्वास्थ्य केंद्रों का संचालन करती है।  

यूसुफ के दूसरे नंबर के दामाद अदीब अहमद जो शफीना के पति हैं ग्रुप की 43 हजार करोड़ रुपये की वित्तीय कंपनियों का कामकाज देखते हैं। इन कंपनियों में लुलु एक्सजेंस और टैब्लेज जैसी कंपनियां शामिल हैं। तीसरे दामाद और शिफा के पति शेरोन शम्सुद्दीन ग्रुप के आईटी और इन्फ्रास्ट्रक्चर सेक्टर का कामकाज देखते हैं। 

कंपनी पर वर्ग विशेष के लोगों को मॉल में नौकरी देने का आरोप 

अली की कंपनी पर लखनऊ के मॉल में काम करने वाले लोगों में एक खास वर्ग के लोगों को तरजीह देने का आरोप है। हालांकि मॉल प्रशासन ने इन आरोपों को खारिज कर रहा है। कंपनी का कहना है कि कर्मचारियों के चयन की एक पारदर्शी प्रक्रिया है जिसके तहत कर्मी बहाल किए जाते हैं।

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