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सलाह: त्योहारों में फालतू खर्चों के बजाय बचत करना सीखें; कंपनियों के बड़े ऑफर के चक्कर में न फंसें

Mon, 23 Sep 2024 05:33 AM IST
दीपक कुमार शर्मा अजीत सिंह, अमर उजाला
अजीत सिंह, अमर उजाला Published by: दीपक कुमार शर्मा Updated Mon, 23 Sep 2024 05:33 AM IST
सार

आज के समय में हर व्यक्ति सुख सुविधाओं के साथ जीना चाहता है। त्योहारों में विभिन्न ऑफर के चक्कर में फंसकर लोग अधिक खर्च कर देते हैं, जिसका असर उनकी बचत पर पड़ता है। इन खर्चों के बजाय पैसे बचाने की कला बताती अजीत सिंह की रिपोर्ट-

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Learn to save instead of unnecessary expenses during festivals Dont get trapped shopping big offers
सांकेतिक तस्वीर - फोटो : Istock

विस्तार

बिना अच्छी आर्थिक योजना के पैसे बचाना संभव नहीं है। योजनाओं को पूरा करने और भविष्य को सुखद बनाने के लिए बचत बहुत जरूरी है। इसके खर्चों को नियंत्रित करना पड़ता है। आपको पता होना चाहिए कि पैसे खर्च कहाँ हो रहे हैं। इससे जरूरी चीजों और फालतू खर्चों का पता चलेगा। साथ ही, पैसों का सही ढंग से उपयोग होगा। आमदनी और खर्चों के प्रबंधन करने के लिए ऑनलाइन बचत खाता अच्छा साधन है। इसमें आने जाने वाले पैसों पर नजर रखी जा सकती है। ब्याज भी मिलता है।

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कंपनियों के बड़े ऑफर के चक्कर में न फंसें
अगले माह से त्योहारी सीजन शुरू हो रहा है। कंज्यूमर इलेक्ट्रॉनिक्स और वाहन कंपनियां बड़े-बड़े ऑफर के नाम पर आकर्षित करती हैं। लेकिन, याद रखें कि बिना मार्जिन कंपनी कोई भी उत्पाद नहीं बेचती है।      

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  • त्योहार में क्रेडिट कार्ड के अनापशनाप खर्चों से बचें। क्रेडिट कार्ड के भी पैसे देने होते हैं। लेटलतीफी पर भारी-भरकम ब्याज भी। ऐसे में यह प्रतिज्ञा करें कि जरूरी सामान ही त्योहारी सीजन में भी खरीदेंगे।
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घरेलू खर्चों पर रखें नियंत्रण, जरूर बनाएं सूची
नियमित घरेलू खर्चों को सीमित कर लें तो खर्चों को कम कर सकते हैं। खर्चों की सूची तैयार करें। निरीक्षण करें कि क्या जरूरी है। हर महीने बजट बनाएं। फिर खर्चों को कम करने की कोशिश करें। नियमित खर्चों को परिवार के सदस्यों के साथ बांटने की कोशिश करें। यह पैसे बचाने का एक उत्तम उपाय है।  

  • आज किस्त पर खरीदी करने का चलन है। यह गलत नहीं है, लेकिन सिर्फ स्कीमों के लालच में आकर सस्ता विकल्प होते हुए भी महंगी वस्तुएं लेना अच्छा निर्णय नहीं है। ब्याज दरें खर्चे को बढ़ा सकती हैं। किस्त शुरू करने से पहले समझ लें कि यह खरीदारी जरूरी है या नहीं।

 

निवेश में देखें बचत, ज्यादा रिटर्न पर रखें ध्यान
ऐसे निवेश विकल्प देखें जो बचत को भी बढ़ाए। वित्तीय योजना बनाने का अच्छा तरीका एसेट अलोकेशन है। जोखिम उठाने की क्षमता, रिटर्न, समय-सीमा और निवेश लक्ष्य जैसे पहलू इसमें शामिल हैं। आपके पास 10-15 वर्ष और काम हैं, तो ज्यादा रिटर्न व जोखिम वाली संपत्तियों में निवेश करें।

  • इक्विटी के साथ सोने और बॉन्ड को चुनें। यानी एसेट अलोकेटर फंड। एसेट अलोकेटर फंड ने एक साल में 22.28 फीसदी रिटर्न दिया है।

म्यूचुअल फंड का एसेट अलोकेटर निवेश का बेहतर विकल्प है। तीन साल में सालाना चक्रवृद्धि दर से रिटर्न 14.02 फीसदी और 5 साल में 15.21 फीसदी रहा है। कम से कम 24 महीने तक इसमें निवेश करना चाहिए। यह कई संपत्तियों में निवेश कर जोखिम को कम करता है।  -शिवेंद्र कुमार सिंह, म्यूचुअल फंड वितरक

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