पाकिस्तान से 11 गुना अधिक है भारत की अर्थव्यवस्था, पड़ोसी मुल्क पर करोड़ों का कर्ज
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पाकिस्तान एक तरफ तो कश्मीर के नाम पर दुनिया को भारत के साथ परमाणु युद्ध की लगातार धमकी दे रहा है और दूसरी तरफ उसकी अपने ही देश में हालात खराब हैं। पाकिस्तान की अर्थव्यवस्था बुरी तरह से लड़खड़ा गई है। कर्ज के बोझ से कंगाली की दहलीज पर खड़े पाकिस्तान के लिए में महंगाई, बेरोजगारी, बिजली, पानी और सड़क जैसी बुनियादी चीजों की बहुत दिक्कत है।
भारत से इतनी कम है पाकिस्तान की जीडीपी
विश्व बैंक के आंकड़ों के मुताबिक, साल 2018 के अंत तक पाकिस्तान की जीडीपी 254 अरब की थी। इस अवधि में भारत की जीडीपी 28.4 खरब (2.84 ट्रिलियन डॉलर) थी। इसका मतलब भारत की अर्थव्यवस्था पाकिस्तान से 11 गुना अधिक है।
अगर भारत साल 2019 में सात फीसदी की दर से भी बढ़ता है, तो एक वित्तीय वर्ष में यह आंकड़ा 200 अरब और ऊपर पहुंच जाएगा, जो साल 2018 की पाकिस्तान की जीडीपी का 80 फीसद है।
वर्तमान में जो जीडीपी पाकिस्तान की है, वो साल 1975 यानी 44 साल पहले भारत की थी।
4.3 फीसदी की दर से बढ़ रही है पाकिस्तान की अर्थव्यवस्था
पाकिस्तान की अर्थव्यवस्था औसतन 4.3 फीसदी की दर से बढ़ रही है। अंतरराष्ट्रीय मुद्रा कोष (आईएमएफ) के आकड़ों के अनुसार, साल 2019 और 2020 में पाकिस्तान की जीडीपी में बढ़त दर तीन फीसद से भी कम रह जाएगी। पाकिस्तान की अर्थव्यवस्था में कई उतार-चढ़ाव आए हैं।
टूटा पाकिस्तानी रुपया
पिछले साल जुलाई में सत्ता में आने के बाद से खान को भुगतान संतुलन और खस्ताहाल आर्थिक स्थितियों से जूझना पड़ रहा है। वित्तीय संकट से जूझ रहे पाकिस्तान में चीजों के दाम तेजी से बढ़ रहे हैं। डॉलर के मुकाबले पाकिस्तानी रुपया भी काफी टूट गया है।
बजट घाटा पिछले आठ वर्षों में सबसे ज्यादा
हाल ही में पाक अखबार एक्सप्रेस ट्रिब्यून ने अपनी एक रिपोर्ट में यह आशंका जताई थी कि पाक का मौजूदा वित्तीय वर्ष में बजट घाटा पिछले आठ वर्षों में सबसे ज्यादा है। पाक वित्त मंत्रालय के आंकड़ों के मुताबिक, देश का बजट घाटा देश के कुल घरेलू उत्पाद का 8.9 फीसदी (3.45 लाख करोड़ रुपये) तक पहुंच गया है जो गतवर्ष 6.6 फीसदी था।
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पाकिस्तान के ऊपर छह लाख करोड़ का कर्ज
पाकिस्तान के ऊपर करीब छह लाख करोड़ (85 बिलियन डॉलर) से अधिक का कर्ज बकाया है। पाकिस्तान ने पश्चिमी यूरोप और मध्य पूर्व के से देशों से कर्ज लिया है। पड़ोसी मुल्क ने सबसे ज्यादा कर्ज चीन से लिया है।
खुदरा महंगाई नौ फीसदी के करीब
मई 2019 में पाकिस्तान में खुदरा महंगाई नौ फीसदी के करीब थी। इसके अभी और बढ़ने की आशंका है। लड़खड़ाती अर्थव्यवस्था से जरूरी चीजों की कीमतें बढ़ गई है। ना सिर्फ पेट्रोल और डीजल, बल्कि पाकिस्तान में आलू और टमाटर जैसी अन्य कई सब्जियों के दामों ने आसमान छू लिया है। सच तो यह है कि पाक सरकार अवाम को आर्थिक सुरक्षा प्रदान नहीं कर पाई। आज भी चार करोड़ से अधिक लोग बेरोजगार हैं। इस बेकारी के कारण युवा दहशतगर्दी का दामन थाम रहे हैं।
महंगाई ने तोड़ी पाकिस्तान की जनता की कमर
पाक में गेहूं की आसमान छूती कीमतें इस माह तीसरी बार बढ़ गई हैं। पाकिस्तान में सामान्य श्रेणी का आटा 44.50 रुपये प्रति किलो और अच्छी श्रेणी के आटे की कीमत 47.50 रुपये प्रति किलो हो गई है।
गेहूं के दामों में आए उछाल का असर यह हुआ है कि पाक में एक पैकेट पाव रोटी की कीमत 40 से 80 रुपये तक हो चुकी है और चावल 130.47 के दाम पर प्रति किलो बिक रहा है। इससे पहले 15 अगस्त को और फिर 22 अगस्त को इसके दाम बढ़ाए जा चुके हैं।
देश में गहराती खाद्यान्न समस्या से पाकिस्तानी हुक्मरानों की नींद उड़ी हुई है। पीएम इमरान खान ने अधिकारियों को आटे के दाम काबू में करने के निर्देश देते हुए फ्लोर मिल मालिकों को आगाह किया है।