क्या है कॉर्पोरेट टैक्स और क्यों इसकी कटौती से बाजार में आई बहार?
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सुस्त अर्थव्यवस्था के दौर के बीच भारत सरकार ने आर्थिक वृद्धि दर को गति देने के लिए बड़ी घोषणा करते हुए शुक्रवार को कॉर्पोरेट कर की प्रभावी दर घटा दी है, जिसे प्रधानमंत्री ने ऐतिहासिक फैसला बताया है। लेकिन क्या आपको पता है कॉर्पोरेट टैक्स आखिर है क्या और किन कंपनियों पर ये टैक्स लगाया जाता है?
क्या है कॉर्पोरेट कर ?
कॉर्पोरेट कर या कॉर्पोरेट टैक्स कंपनियों पर लगाया जाता है। प्राइवेट लिमिटेड, सूचीबद्ध और असूचीबद्ध सभी कंपनियां इस कर के दायरे में आती हैं। कंपनियों की आय पर कॉर्पोरेट टैक्स लगाया जाता है। कॉर्पोरेट कर सरकार के सालाना राजस्व का प्रमुख जरिया होता है। कॉर्पोरेट कर घटाने का फैसला सभी घरेली कंपनियों और नई मैन्यूफैक्चरिंग कंपनियों पर लागू होगा। कॉर्पोरेट कर को निगम कर या कंपनी कर भी कहा जाता है।
सरकार के रेवेन्यू का अहम हिस्सा है कॉर्पोरेट टैक्स
बता दें कि कॉर्पोरेट टैक्स सरकार के हर साल के रेवेन्यू का एक अहम जरिया होता है इसलिए इसकी कटौती से राजस्व प्रभावित होगा। कॉर्पोरेट कर की दर घटाने से राजस्व में सालाना 1.45 लाख करोड़ रुपये की कमी का अनुमान लगाया गया है।
वित्त मंत्री के एलान से बाजार में आई बहार
वित्त मंत्री के एलान के बाद शुक्रवार शेयर बाजार में 10 साल की रिकॉर्ड तेजी आई। कॉर्पोरेट टैक्स में छूट के एलान को बाजार ने सकारात्मक तौर पर लिया और निवेशकों को मालामाल कर दिया। कॉर्पोरेट क्षेत्र को टैक्स बोनस दिए जाने के कुछ ही समय के अंदर दलाल स्ट्रीट के निवेशकों ने 6.8 लाख करोड़ रुपये कमाए।
वित्त मंत्री ने किया था एलान
शुक्रवार को वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण ने जीएसटी काउंसिल की बैठक से पहले घरेलू कंपनियों को बड़ी राहत दी थी। निर्मला सीतारमण ने कॉर्पोरेट टैक्स में कटौती का एलान किया था। घरेलू कंपनियों पर बिना किसी छूट के इनकम टैक्स 22 फीसदी होगा। जबकि सरचार्ज और सेस जोड़कर प्रभावी दर 25.17 फीसदी होगी। पहले यह दर 30 फीसदी थी।