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पैसों को रखना है सेफ, तो इन बातों का रखें ध्यान, वरना खाली हो जाएगा खाता

Tue, 15 Sep 2020 01:44 PM IST
‌डिंपल अलवधी बिजनेस डेस्क, अमर उजाला, नई दिल्ली
बिजनेस डेस्क, अमर उजाला, नई दिल्ली Published by: ‌डिंपल अलवधी Updated Tue, 15 Sep 2020 01:44 PM IST
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keep these things in mind to save your money from bank frauds
बैंक धोखाधड़ी - फोटो : pixabay

कोरोना काल में भारत सरकार और आरबीआई देश में डिजिटल लेनदेन को बढ़ावा दे रहे हैं। साल 2021 तक देश में डिजिटल लेनदेन चार गुना तक बढ़ने की उम्मीद है। भारत में लोग डिजिटल लेनदेन के लिए UPI यानी यूनिफाइड पेमेंट्स इंटरफेस, डेबिट कार्ड, नेट बैंकिंग, आदि का काफी इस्तेमाल करते हैं। यूपीआई के जरिए हर महीने करोड़ों का लेनदेन होता है। लेकिन सवाल ये है कि लेनदेन के ये माध्यम कितने सुरक्षित हैं। भारतीय रिजर्व बैंक (आरबीआई) के कड़े नियमों के बावजूद बैंकों में धोखाधड़ी हो ही जाती है। जालसाज आम लोगों को लूटने का कोई न कोई तरीका ढूंढ लेते हैं। डिजिटल लेनदेन ग्राहकों के लिए लाभदायक होने के साथ-साथ उनके लिए खतरा भी है।

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देश में तकनीक के बढ़ने के साथ ऑनलाइन धोखाधड़ी तेजी से बढ़ रही है। आए दिन साइबर क्राइम की घटनाएं सामने आ रही हैं, जिनमें लोगों के खातों से लाखों रुपये उड़ा लिए जाते हैं। इसलिए हम आपको सुरक्षित लेनदेन के लिए कुछ जरूरी बात बताने जा रहे हैं, जिनके माध्यम से आप धोखाधड़ी का शिकार होने से बच सकते हैं। 

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हमेशा OTP का विकल्प चुनें
साइबर अटैक के लिए फिशिंग अटैक सबसे पुराना और आसान तरीका है। फिशिंग अटैक में ई-मेल आईडी को भी हैक किया जाता है। इसके लिए हैकर्स फर्जी और आपके दोस्तों के नाम से मिलते-जुलते ई-मेल भेजते हैं जिसमें वायरस वाले लिंक होते हैं। धोखाधड़ी से बचने के लिए आप किसी फिशिंग ईमेल पर कभी क्लिक न करें और ऑनलाइन भुगतान में हमेशा वन टाइम पासवर्ड (OTP) का विकल्प ही चुनें। यह ओटीपी किसी को ना बताएं। कोई भी बैंक आपसे कभी भी ओटीपी नहीं मांगता। इससे धोखाधड़ी की संभावना कम हो सकती है।

सुरक्षित एप्लिकेशन का ही करें इस्तेमाल 
नुकसान पहुंचाने वाले एप्लीकेशन आपके फोन के माध्यम से आपकी निजी जानकारी का पता लगा सकते हैं। इसमें भुगतान से जुड़ी जानकारी भी शामिल है। आपको ऐसी एप्लीकेशन से बचना चाहिए। अपने यूपीआई पिन को संभाल कर रखें क्योंकि इससे फ्रॉड हो सकता है। सावधानी के लिए भीम यूपीआई जैसे सुरक्षित एप्लिकेशन पर ही यूपीआई पिन का इस्तेमाल करें। अगर किसी वेबसाइट या फॉर्म में यूपीआई पिन डालने के लिए लिंक दिया गया हो, तो उससे बचें। 

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किसी को न दें ये जानकारी
अपने डेबिट व क्रेडिट कार्ड का नंबर और सीवीवी किसी को न बताएं। बैंक कभी भी आपसे इसकी जानकारी नहीं मांगते। आपका यूपीआई पिन भी एटीएम पिन की तरह ही होता है। इसलिए इसे भी किसी के साथ साझा ना करें। ऐसा करने पर जालसाज उसका गलत इस्तेमाल कर आपको ठग सकते हैं।

बैंक को दें धोखाधड़ी की सूचना
अगर आपके साथ भी धोखाधड़ी हुई है, तो तुरंत बैंक को इसकी सूचना दें। ऐसा करने पर आपके नुकसान की जिम्मेदारी बैंक उठा सकता है। यदि डेबिट या क्रेडिट कार्ड से पैसे निकाले गए हैं, तो इसे ब्लॉक करें।

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