JP Morgan: जेपी मॉर्गन ने उभरते बाजारों पर जताया भरोसा, भारत को निवेश के लिए बेहतर देशों में किया गया शामिल
JP Morgan: जेपी मॉर्गन ने विकसित बाजारों की तुलना में उभरते बाजारों को निवेश के लिए ज्यादा बेहतर माना है। चीन को छोड़कर बाकी उभरते बाजारों में 2% की वृद्धि दर्ज हुई है। अमेरिकी निवेश बैंकिंग फर्म ने अपनी रिपोर्ट में क्या कहा है, आइए जानते हैं।
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वैश्विक निवेश कंपनी जेपी मॉर्गन ने भारत को निवेश के लिए सबसे अच्छे देशों में से एक माना है। जेपी मॉर्गन ने उभरते बाजारों (EM) के प्रति अपना दृष्टिकोण सकारात्मक करते हुए उन्हें "ओवरवेट" रेटिंग दी है यानी निवेश के लिए बेहतर माना गया है । इसमें भारत सहित फिलीपींस, ब्राजील, चिली, ग्रीस, पोलैंड और यूएई में शामिल है। इसके अलावा चिली और दक्षिण कोरिया जैसे देश भी निवेशकों को आकर्षित कर रहे हैं।
उभरते बाजारों में 2% की वृद्धि हुई
रिपोर्ट के अनुसार, उभरते बाजारों ने 2021 से अब तक विकसित बाजारों की तुलना में 40% कम प्रदर्शन किया है। हालांकि अब हालात बदल रहे हैं और इसे देखते हुए नजरिया भी बदला है। 2025 में अब तक उभरते बाजारों ने बेहतर प्रदर्शन किया है। चीन को छोड़कर दूसरे उभरते बाजारों में साल दर साल 2% की वृद्धि हुई है।
अमेरिका-चीन के बीच व्यापारिक तनाव से उभरते बाजारों को फायदा
अमेरिका की चीन पर लगाए गए अतिरिक्त टैरिफ के बाद से चीनी शेयरों को सबसे ज्यादा नुकसान हुआ है। एक हफ्ते से भी कम समय में 13% की गिरावट आई। हालांकि, चीन ने अमेरिका के साथ 90-दिवसीय अस्थायी व्यापार समझौते के बाद ज्यादातर नुकसान की भरपाई कर ली। इस समझौते के तहत दोनों देशों ने टैरिफ में 115% कटौती की। फिलहाल अमेरिका, चीनी सामानों पर 30% टैरिफ लगा रहा है। वहीं चीन, अमेरिकी सामानों पर 10% टैरिफ लगा रहा है।
टैरिफ पर अमेरिकी रुख से उभरते बाजारों में होगा बेहतर कारोबार
जेपी मॉर्गन का मानना है कि अमेरिका और चीन के बीच व्यापार समझौते पर 90 दिनों में सुलह होने वाली नहीं है। यदि 90 दिनों के बाद अमेरिका आक्रामक रुख अपनाता है तो उभरते बाजारों में बेहतर कारोबार होगा। रिपोर्ट के अनुसार क्षेत्रीय प्रदर्शन की बात करें तो खनन क्षेत्र ने इस अवधि के दौरान अच्छा प्रदर्शन किया है। उभरते बाजारों को खनन क्षेत्र से अतिरिक्त सहारा मिल सकता है।