5 मई 1993 को बॉम्बे-अहमदाबाद से शुरू हुई थी जेट, 17 मई 2019 को अमृतसर-मुंबई बनी आखिरी उड़ान
- 4 महीने में कम होते गए विमान
- 124 विमान थे
- 4 विमान बंद हुए दिसंबर 2018 में
- 90 से ज्यादा बंद हुए 8 फरवरी 2019 में
- 10 विमान बंद हुए 3 अप्रैल 2019 को
- 11 अप्रैल 2019 बैंकों ने 400 करोड़ का इमरजेंसी फंड नहीं दिया
- 5 विमान बचे 17 अप्रैल 2019 तक
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चार महीने तक संकट से जूझने के बाद जेट एयरवेज की उड़ानें बुधवार से बंद हो गईं। आखिरी उड़ान अमृतसर से रात 10.30 बजे मुंबई के लिए थी। जेट ने कहा है कि उड़ानें अस्थायी तौर बंद की गई हैं। अब उड़ानें कब शुरू होंगी, यह नीलामी पर निर्भर है। नीलामी में भाग लेने वाली कंपनियों के पास 10 मई तक का समय है। इससे पहले जेट ने कहा कि बैंकों ने 400 करोड़ रु. का इमरजेंसी फंड देने से मना कर दिया।
इसके बाद ऑपरेशन बंद करना पड़ा। सिविल एविएशन सेक्रेटरी प्रदीप सिंह खरोला ने बताया कि गुरुवार को सभी एयरलाइंस की बैठक बुलाई है, जिसमें यात्रियों के लिए क्या किया जा सकता है, यह तय होगा। मौजूदा सरकार में बंद होने वाली जेट 7वीं एयरलाइन है। इससे पहले एयर पिगेसस, एयर कोस्टा, एयर कार्निवाल, एयर डेक्कन, एयर ओडिशा और जूम एयर भी बंद हुईं। जेट एयरवेज के पास दिसंबर 2018 तक 124 विमान थे। इस साल जनवरी से जेट का संकट गहराने लगा था। महज चार महीने में विमानों की संख्या घटकर पांच रह गई।
बैंकों ने 25 मार्च को जेट को 1,500 करोड़ रु. देने की बात कही थी। पर अभी तक सिर्फ 300 करोड़ दिए। वह भी छोटी-छोटी किस्तों में। इसलिए इसका एयरलाइन को कोई फायदा नहीं हुआ।
जेट पर पहले ही 15,500 करोड़ रु. का कर्ज है। बैंकों को डर है कि नया कर्ज देने के बाद भी कंपनी की स्थिति नहीं सुधरी तो यह रकम भी डूब जाएगी। बैंक चाहते हैं कि पहले खरीदार मिले, उसके बाद कर्ज देंगे।
20% तक बढ़ सकता है हवाई किराया
जेट एयरवेज का टिकट बुक है, क्या होगा?
>> डीजीसीए और अन्य रेगुलेटर यह व्यवस्था कर रहे हैं कि कंपनी टिकट कैंसिलेशन और रिफंड के नियमों का पालन करे। जेट को कैंसिल टिकट के ही 3500 करोड़ रु. लौटाने हैं।
क्या जेट बंद हो जाने से किराया बढ़ेगा?
>> जेट के विमान खड़े होने के कारण महीने भर में कुछ रूट्स पर किराया 100% तक बढ़ गया था। जेट के पूरी तरह बंद होने के बाद किराया 20% तक बढ़ सकता है। डीजीसीए ने एयरलाइंस को किराया नीचे लाने को कहा है।
जमीन पर खड़े विमानों का क्या होगा?
>> दिसंबर में जेट की रोजाना 650 उड़ानें थीं। अंतिम दिन 37 रह गईं। लीजिंग कंपनियां जेट का रजिस्ट्रेशन रद्द कर दूसरी एयरलाइंस को विमान दे रही हैं। जेट के खाली हुए फ्लाइट स्लॉट भी दूसरी एयरलाइंस को दे दिए गए हैं। ताकि उड़ानों की संख्या बढ़ाई जा सके।
जेट में नौकरी कर रहे लोगों का क्या होगा?
>> स्टाफ को जनवरी से सैलरी नहीं मिली है। सीईओ विनय दुबे ने कहा- 'नीलामी में 20 हजार कर्मचारियों का क्या होगा, हमें नहीं पता।
पीएमओ से लगाई गुहार
तीन महीने से वेतन के लिए तरस रहे जेट एयरवेज के पायलटों ने अब नौकरी बचाने के लिए प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी से गुहार लगाई है। पायलटों के संगठन नेशनल एविएटर्स गिल्ड (एनएजी) ने सोमवार को कहा कि कंपनी का संचालन बंद होता है तो 20 हजार नौकरियां खतरे में पड़ जाएंगी। इस मुश्किल से उबारने के लिए प्रधानमंत्री को हाथ बढ़ाना चाहिए।
बेड़े में बचे सिर्फ सात विमान
कंपनी के प्रवक्ता गौरव साहनी ने बताया कि लीजधारकों को बकाया भुगतान नहीं देने के कारण एयरलाइन सिर्फ सात विमानों का ही संचालन कर पा रही है। ये सभी उड़ानें घरेलू रूट पर ही जारी हैं। नकदी की समस्या गहराने से अन्य उड़ानों पर गंभीर असर पड़ा है।
जल्द मिले 1500 करोड़ की सहायता
एनएजी के उपाध्यक्ष अदीम वालियानी ने जेट को पूंजी उपलब्ध कराने का वादा करने वाले स्टेट बैंक से अपील करते हुए कहा कि बकाया वेतन भुगतान के लिए जल्द 1,500 करोड़ की सहायता दी जाए। उन्होंने कहा कि बैंक ने जल्द यह राशि नहीं दी तो संचालन पूरी तरह बंद हो जाएगा और 1100 पायलटों के साथ 20 हजार नौकरियां खतरे में पड़ जाएंगी। इससे पहले बकाया वेतन की मांग को लेकर पायलट, इंजीनियर और केबिन क्रू के सदस्यों ने कंपनी के मुख्यालय पर एकजुटता दिखाई।
दिसंबर में मिला था आखिरी वेतन
उनका कहना है कि दिसंबर 2018 में उन्हें आखिरी बार वेतन का भुगतान हुआ था। दूसरी ओर, कंपनी को जल्द 1500 करोड़ देने के लिए एसबीआई और प्रबंधन के बीच बैठक चल रही है, जिसके फैसले पर कंपनी का भविष्य निर्भर करता है।
आगे क्या: नीलामी के बाद ही दोबारा उड़ानें संभव होंगी
अब सब नीलामी पर है। बैंकों ने जेट के 75% शेयरों के लिए बोली मंगवाई है। शुरुआती बोली में 4 कंपनियों ने भाग लिया है। इन्हें 10 मई तक अंतिम बोली लगानी है। एसबीआई के अधिकारी ने बताया कि जेट का रिवाइवल इस पर निर्भर करेगा कि खरीदार कितना पैसा लगा रहे हैं। खरीदार के पास एयरलाइन चलाने का अनुभव भी होना चाहिए। एतिहाद या विस्तारा जैसी कंपनियां इसके लिए मुफीद हो सकती हैं।