Tariffs: जापान के मुख्य वार्ताकार ने वाशिंगटन यात्रा रोकी, भारत-अमेरिका टैरिफ विवाद के बीच टोक्यो से ये अपडेट
जापान के व्यापार दूत रयोसेई अकाजावा को 22 जुलाई को घोषित समझौते के बाद 10वें दौर की वार्ता के लिए गुरुवार को टोक्यो से वाशिंगटन के लिए रवाना होना था। लेकिन मुख्य कैबिनेट सचिव योशिमासा हयाशी ने संवाददाताओं को बताया कि कुछ विवरणों पर आगे विचार-विमर्श की आवश्यकता है, इसलिए यात्रा स्थगित कर दी गई। आइए इस बारे में विस्तार से जानते हैं।
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
विस्तार
जापान के शीर्ष व्यापार वार्ताकार ने ट्रम्प प्रशासन के साथ टैरिफ समझौते पर एक संयुक्त बयान जारी करने के उद्देश्य से वाशिंगटन की अपनी यात्रा अचानक रद्द कर दी। दूसरी ओर, एक शीर्ष सरकारी प्रवक्ता ने अमेरिकी पक्ष से समझौते के कार्यान्वयन में तेजी लाने की अपील की है।
पीएम मोदी के जापान-चीन की यात्रा शुरू करने के बीच टोक्यो का बड़ा फैसला
व्यापार दूत रयोसेई अकाजावा को 22 जुलाई को घोषित समझौते के बाद 10वें दौर की वार्ता के लिए गुरुवार को टोक्यो से वाशिंगटन के लिए रवाना होना था। लेकिन मुख्य कैबिनेट सचिव योशिमासा हयाशी ने संवाददाताओं को बताया कि कुछ विवरणों पर आगे विचार-विमर्श की आवश्यकता है, इसलिए यात्रा स्थगित कर दी गई। जानकार भारत और अमेरिका के बीच जारी टैरिफ विवाद के बीच जापानी वार्ताकार की वाशिंगटन यात्रा टलने को अहम मान रहे हैं, क्योंकि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी भी गुरुवार को जापान और चीन के पांच दिवसीय दौरे रवाना हुए हैं।
अमेरिका ने जापानी वस्तुओं पर 15% अतिरिक्त टैरिफ लगाने का किया था एलान
इससे पहले, अमेरिका और जापान ने जुलाई में जापानी वस्तुओं के आयात पर 15 प्रतिशत कर लगाने पर सहमति की जानकारी दी थी। यह फैसला 1 अगस्त से प्रभावी होने की बात कही गई थी। इससे पहले, राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रम्प ने जपान पर "पारस्परिक टैरिफ" के रूप में 25 प्रतिशत की दर का एलान किया था।
जापानी अधिकारियों को अमेरिका की इस बात से शुरू दिक्कत
जापानी अधिकारियों को कुछ दिनों बाद पता चला कि प्रारंभिक समझौते में अन्य शुल्कों के साथ 15 प्रतिशत शुल्क भी जोड़ा जाएगा और उन्होंने इस पर आपत्ति जताई। इसके बाद वाशिंगटन में अधिकारियों ने अपनी गलती स्वीकार की है और 15 प्रतिशत शुल्क के समझौते का पालन करने और चुकाए गए अतिरिक्त आयात शुल्क को वापस करने पर सहमति जताई है। हयाशी ने कहा, "हम अमेरिका से दृढ़तापूर्वक अनुरोध करेंगे कि वह पारस्परिक टैरिफ को सही करने के लिए अपने राष्ट्रपति आदेश में संशोधन करे और ऑटो व ऑटो पार्ट्स पर टैरिफ कम करने के लिए राष्ट्रपति आदेश जारी करे।"
इस सप्ताह के शुरू में फॉक्स न्यूज के साथ एक साक्षात्कार में अमेरिकी वाणिज्य सचिव हॉवर्ड लुटनिक ने कहा था कि वाशिंगटन इस समझौते को अंतिम रूप देने के लिए तैयार है।इसमें जापान ने आने वाले वर्षों में अमेरिका में 550 बिलियन अमेरिकी डॉलर तक निवेश करने का भी वादा किया है। हयाशी ने दैनिक ब्रीफिंग के दौरान ट्रम्प प्रशासन पर एक और प्रहार करते हुए कहा कि अकाजावा की वाशिंगटन यात्रा की योजना अभी तय नहीं हुई है। उन्होंने कहा, "जापान और अमेरिका ने दोनों देशों के बीच समझौते का ईमानदारी और शीघ्रता के साथ कार्यान्वयन जरूर है।" उन्होंने आगे कहा कि यह समझौता दोनों देशों की आर्थिक सुरक्षा के लिए आवश्यक है।
भारत के प्रधानमंत्री भी जापान और चीन की पांच दिवसीय यात्रा पर हुए रवाना
इस बीच, प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी गुरुवार को जापान और चीन के पांच दिवसीय दौरे रवाना हो गए। पीएम मोदी के दौरे का मुख्य एजेंडा दोनों देशों के द्विपक्षीय संबंधों को और प्रगाढ़ करना है। अमेरिकी टैरिफ विवाद के बीच हो रही पीएम मोदी की यह यात्रा काफी महत्वपूर्ण समझी जा रही है। पीएम मोदी जापान के बाद चीन जाएंगे। जहां वह शंघाई सहयोग संगठन (एससीओ) शिखर सम्मेलन में हिस्सा लेंगे। इस दौरान उनकी मुलाकात कई देशों के प्रमुख से होगी।