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IT Raid: तमिलनाडु में दो समूहों पर छापेमारी, 150 करोड़ काला धन जब्त
Thu, 28 Jul 2022 10:02 PM IST
अभिषेक दीक्षित
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, नई दिल्ली
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, नई दिल्ली
Published by: अभिषेक दीक्षित
Updated Thu, 28 Jul 2022 10:02 PM IST
सार
जांच में पता चला कि रियल एस्टेट समूह ने बड़ी मात्रा में नकदी ली थी। समूह ऐसे बेहिसाब लेन-देन के आंकड़े का हिसाब रखने के लिए एक साफ्टवेयर भी बना रखा था।
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छापा
- फोटो : अमर उजाला
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विस्तार
आयकर विभाग ने तमिलनाडु के रियल एस्टेट और रेल व सड़क निर्माण अनुबंध कंपनी के यहां छापा मारकर 150 करोड़ रुपये की ब्लैक मनी जब्त की। सीबीडीटी अधिकारी के अनुसार, राज्य के मदुरै और चेन्नई में 20 जुलाई को विभाग अधिकारियों ने इन दोनों समूहों के करीब 30 जगहों पर तलाशी अभियान चलाया।
इस दौरान 14 करोड़ से अधिक के नकद, 10 करोड़ रुपये के सोने व आभूषण विभाग ने सील किया। जांच में पता चला कि रियल एस्टेट समूह ने बड़ी मात्रा में नकदी ली थी। समूह ऐसे बेहिसाब लेन-देन के आंकड़े का हिसाब रखने के लिए एक साफ्टवेयर भी बना रखा था। विभाग इस मामले में समूहों के मालिकों से पूछताछ कर रही है।
केंद्रीय प्रत्यक्ष कर बोर्ड (सीबीडीटी) के मुताबिक, एक समूह रियल एस्टेट कारोबार से जुड़ा है। दूसरा समूह रेल और सड़क निर्माण का ठेका लेता है। 20 जुलाई को मदुरै और चेन्नई स्थित दोनों समूहों के करीब 30 परिसरों में की गई छापेमारी के दौरान 14 करोड़ की अघोषित नकदी और 10 करोड़ रुपये का सोना-जेवरात जब्त किए गए थे।
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सीबीडीटी ने दोनों समूहों के नाम उजागर नहीं किए हैं। सीबीडीटी ने बयान में कहा कि रियल एस्टेट के कारोबार से जुड़े समूह के पास से मिले सबूत से पता चला है कि वह बड़े पैमाने पर कर चोरी में शामिल है। वहीं, निर्माण ठेका लेने वाले दूसरे समूह की जांच में खुलासा हुआ कि वह फर्जी उप ठेका खर्च और कच्चे माल की अधिक कीमत पर खरीद दिखाकर कर चोरी करता था।
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इस दौरान 14 करोड़ से अधिक के नकद, 10 करोड़ रुपये के सोने व आभूषण विभाग ने सील किया। जांच में पता चला कि रियल एस्टेट समूह ने बड़ी मात्रा में नकदी ली थी। समूह ऐसे बेहिसाब लेन-देन के आंकड़े का हिसाब रखने के लिए एक साफ्टवेयर भी बना रखा था। विभाग इस मामले में समूहों के मालिकों से पूछताछ कर रही है।
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केंद्रीय प्रत्यक्ष कर बोर्ड (सीबीडीटी) के मुताबिक, एक समूह रियल एस्टेट कारोबार से जुड़ा है। दूसरा समूह रेल और सड़क निर्माण का ठेका लेता है। 20 जुलाई को मदुरै और चेन्नई स्थित दोनों समूहों के करीब 30 परिसरों में की गई छापेमारी के दौरान 14 करोड़ की अघोषित नकदी और 10 करोड़ रुपये का सोना-जेवरात जब्त किए गए थे।
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सीबीडीटी ने दोनों समूहों के नाम उजागर नहीं किए हैं। सीबीडीटी ने बयान में कहा कि रियल एस्टेट के कारोबार से जुड़े समूह के पास से मिले सबूत से पता चला है कि वह बड़े पैमाने पर कर चोरी में शामिल है। वहीं, निर्माण ठेका लेने वाले दूसरे समूह की जांच में खुलासा हुआ कि वह फर्जी उप ठेका खर्च और कच्चे माल की अधिक कीमत पर खरीद दिखाकर कर चोरी करता था।