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Hyundai IPO: निवेशकों ने हुंडई के आईपीओ से क्यों बनाई दूरी? जानिए पहले ही दिन 5% से ज्यादा गिरावट का कारण

Tue, 22 Oct 2024 02:58 PM IST
नविता स्वरूप बिजनेस डेस्क, अमर उजाला, मुंबई
बिजनेस डेस्क, अमर उजाला, मुंबई Published by: नविता स्वरूप Updated Tue, 22 Oct 2024 02:58 PM IST
सार

Hyundai IPO: बॉम्बे स्टॉक एक्सचेंज और नेशनल स्टॉक एक्सचेंज पर अपनी कमजोर लिस्टिंग के बाद हुंडई मोटर इंडिया के शेयर पहले ही दिन 5 प्रतिशत गिरकर 1,844.6 रुपये पर आ गए। बाजार में कंपनी के शेयरों की लिस्टिंग 1,934 रुपये पर हुई जो 1,960 रुपये के आईपीओ मूल्य से 26 रुपये या 1.3 प्रतिशत कम है।

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Investors kept away from Hyundai Motor India's IPO for several reasons
एनएसई पर हुंडई की लिस्टिंग के दौरान मौजूद कंपनी और एक्सचेंज के अधिकारी। - फोटो : PTI

विस्तार

बॉम्बे स्टॉक एक्सचेंज (बीएसई)और नेशनल स्टॉक एक्सचेंज (एनएसई) दोनों ही सूचकांक पर अपनी अपनी कमजोर लिस्टिंग के बाद हुंडई मोटर इंडिया के शेयर 5% से ज्यादा टूट गए। कंपनी के शेयर पहले ही दिन गिरकर 1,844.6 रुपये पर आ गए।  एनएसई पर शेयरों की लिस्टिंग 1,934 रुपये पर हुई जो 1,960 रुपये के आईपीओ मूल्य से 26 रुपये या 1.3 प्रतिशत कम है। स्वास्तिका इन्वेस्टमार्ट की वेल्थ हेड शिवानी न्याति ने कहा, हुंडई मोटर इंडिया लिमिटेड के शेयर 1,934 पर सूचीबद्ध हुए, इसमें 1.33 प्रतिशत की गिरावट दर्ज की गई, जो काफी हद तक उम्मीदों के अनुरूप है।

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जानकारों का कहना है कि हुंडई के आईपीओ की सुस्त शुरुआत की मुख्य वजह रिटेल निवेशकों में मांग सुस्त रहना है। विशेषज्ञ बताते हैं कि इसकी हाई वैल्यूएशन, ग्रे मार्केट प्रीमियम में शेयरों में गिरावट और त्योहारी मौसम के दौरान ऑटो सेक्टर में कमजोर मांग के कारण निवेशकों में चिंता दिखी।

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निवेशकों को कई वजहों से बनाई दूरी

एमके ग्लोबल फाइनेंशियल सर्विसेज लिमिटेड के विशेषज्ञ चिराग जैन के अनुसार हुंडई के शेयरों की हाई वैल्यूएशन, ग्रे मार्केट प्रीमियम में शेयरों में गिरावट और त्योहारी मौसम के दौरान ऑटो सेक्टर के शेयरों की कमजोर मांग रहने से निवेशक चिंतित दिखे। इस वजह से रिटेल निवेशकों ने इससे दूरी बनाई। वहीं, निवेशकों को यह भी पता चला है कि इसमें किया गया निवेश देश के बाहर जाएगा, जिसकी वजह से लोगों ने लॉट बुक करने के बाद भी उसे कैंसिल कर दिया। तीसरी वजह यह है कि इससे पहले भी ऐसे बड़े आईपीओ लिस्टिंग के बाद निराशाजनक साबित हुए है। जिसमें एलआईसी जैसे आईपीओ का अनुभव निवेशकों के लिए अच्छा नहीं रहा है। बाजार विशेषज्ञ जेमिन देसाई बताते हैं कि इसमें एक वजह और भी है पैसेंजर वाहनों की बिक्री में गिरावट। हुंडई मोटर इंडिया का भारत में मुख्य फोकस एसयूवी (स्पोर्ट यूटिलिटी व्हीकल) पर है और इसमें दोहरे अंकों में वृद्धि भी रही है। लेकिन अब यह वृद्धि एक अंकों में आती दिख रही है।

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नए उत्पादों की लॉन्चिंग और क्षमता वृद्धि के मामले में पिछड़ रही कंपनी

एमके ग्लोबल फाइनेंशियल की एक रिपोर्ट के अनुसार हुंडई मोटर इंडिया के नए लॉन्च ने आमतौर पर पैसेंजर व्हीकल के वॉल्यूम को बढ़ाया है। लेकिन हमारा मानना है कि कंपनी के पास अगले 12 से 18 महीनों के लिए कोई नए लॉन्च नहीं है केवल क्रेटा ईवी को छोड़कर। इसके अलावा कंपनी की योजना कैलेंडर वर्ष 2028 तक 1,073 यूनिट तक की क्षमता का विस्तार करना यानी 5 प्रतिशत सीएजीआर है। वहीं दूसरी ओर किआ भारत में  (साथ ही वैश्विक स्तर पर) हुंडई मोटर इंडिया की तुलना में अधिक आक्रामक है और अपनी क्षमता का विस्तार 7 प्रतिशत सीएजीआर से कर रही है। वहीं हुंडई मोटर कंपनी का चीन को भारत से होने वाला निर्यात का हिस्सा भी घट गया है।

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