भारत को 50 खरब की अर्थव्यवस्था बनाने में निवेश की होगी अहम भूमिका: कृष्णमूर्ति सुब्रमण्यम
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भारत के मुख्य आर्थिक सलाहकार कृष्णमूर्ति सुब्रमण्यम ने पिछले दशक में निवेश में भारी गिरावट पर चिंता जताते हुए कहा कि देश को पांच साल में 50 खरब की अर्थव्यवस्था बनाने के लिए निवेश काफी अहम है।
निवेश की अहम भूमिका
सुब्रमण्यम इंडियन स्कूल बिजनेस (आईएसबी) के पूर्व छात्रों के कार्यालय की ओर से आयोजित एक कार्यक्रम में "भारत कैसे पांच साल में 50 खरब की अर्थव्यवस्था बनेगा?" इस सवाल का जवाब दे रहे थे। उन्होंने जवाब में कहा कि देश में निवेश को बड़े पैमाने पर प्रोत्साहित करके यह किया जा सकता है।
2008 और 2009 में इतना था निवेश
एक प्रेस विज्ञप्ति के मुताबिक, सुब्रमण्यम ने कहा , "निवेश 2008 में जीडीपी के 40 फीसदी पर था , जो 2018 में गिरकर 29 फीसदी पर रह गया। यह तेजी से बढ़ती हुई अर्थव्यवस्था के लिए चिंताजनक आंकड़े हैं। "
सुब्रमण्यम से जब स्थानीय व्यवसायों की रक्षा के राष्ट्रवादी एजेंडे के बारे में पूछा गया, तो उन्होंने कहा कि मेरा मानना है कि वैश्वीकरण घरेलू व्यवसायों की उत्पादकता और प्रदर्शन में सुधार लाने में महत्वपूर्ण होगा। उन्होंने जोर दिया, "उदारीकरण को करीब 30 साल हो चुके हैं, हमें जरूरत है कि आज व्यवसाय 30 साल के व्यस्क की तरह व्यवहार करें।"
भारत की स्थिति को मजबूत कर सकता है व्यापार युद्ध
सुब्रमण्यम ने कहा कि व्यापार युद्ध, वैश्विक व्यापार तंत्र में भारत की स्थिति को मजबूत कर सकता है। उन्होंने कहा , "मौजूदा समय में वैश्विक व्यापार में भारत की हिस्सेदारी सिर्फ दो फीसदी है। एक देश के रूप में हमें अपनी हिस्सेदारी बढ़ाने के लिए इस अवसर का लाभ उठाने की जरूरत है। कंपनियों को ज्यादा उत्पादक बनाकर, व्यापार बाधाओं को दूर करके और व्यापार श्रृंखला में अंतर की पहचान करके हम ऐसा कर सकते हैं।"