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Business News: एसआईपी में निवेश पहली बार 17,000 करोड़ पार; विदेशी मुद्रा भंडार 600 अरब डॉलर के अधिक
Sat, 09 Dec 2023 07:56 AM IST
जलज मिश्रा
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, नई दिल्ली
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, नई दिल्ली
Published by: जलज मिश्रा
Updated Sat, 09 Dec 2023 07:56 AM IST
सार
देश का विदेशी मुद्रा भंडार चार महीने बाद पहली बार 600 अरब डॉलर के पार पहुंच गया। एक दिसंबर को यह 604 अरब डॉलर था। इससे पहले 11 अगस्त, 2023 को विदेशी मुद्रा भंडार 600 अरब डॉलर से अधिक था। 24 नवंबर को समाप्त सप्ताह में यह भंडार 597.93 अरब डॉलर था।
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व्यापार समाचार
- फोटो : Social Media
विस्तार
म्यूचुअल फंड में सिस्टमैटिक इन्वेस्टमेंट प्लान यानी एसआईपी के जरिये नवंबर में निवेश पहली बार 17,000 करोड़ रुपये के पार पहुंचा है। हालांकि, इक्विटी म्यूचुअल फंडों में निवेश 22 फीसदी घटकर 15,536 करोड़ रुपये रहा है। कुल एसआईपी खाते 7.44 करोड़ के रिकॉर्ड स्तर पर पहुंच गए हैं। नवंबर में 30.80 लाख नए एसआईपी खाते खोले गए।
एसोसिएशन ऑफ म्यूचुअल फंड्स इन इंडिया (एम्फी) के अनुसार, नवंबर में 17,073 करोड़ रुपये का एसआईपी आया है। अक्तूबर में इक्विटी फंडों में 19,957 करोड़ रुपये का निवेश आया था। सितंबर में यह 14,091 करोड़ था। जानकारों का कहना है कि दिवाली के त्योहारी सीजन और बैंकों की छुट्टियों से नवंबर में इक्विटी में कम निवेश आया है। नवंबर में लगातार 33वें महीने इक्विटी फंडों में निवेश आया है। सभी कैटेगरी में निवेशकों ने पैसे लगाए हैं। इस दौरान कुल 6 नए फंड लॉन्च हुए, जिनसे 1,907 करोड़ रुपये जुटाए गए।
विदेशी मुद्रा भंडार : चार माह बाद 600 अरब डॉलर के पार
देश का विदेशी मुद्रा भंडार चार महीने बाद पहली बार 600 अरब डॉलर के पार पहुंच गया। एक दिसंबर को यह 604 अरब डॉलर था। इससे पहले 11 अगस्त, 2023 को विदेशी मुद्रा भंडार 600 अरब डॉलर से अधिक था। 24 नवंबर को समाप्त सप्ताह में यह भंडार 597.93 अरब डॉलर था, जबकि अक्तूबर, 2021 में 642 अरब डॉलर के सार्वकालिक उच्चस्तर पर पहुंच गया था। दास ने कहा, मौजूदा भंडार से हम अपनी बाहरी वित्तीय जरूरतें आसानी से पूरी कर सकते हैं।
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सीबीडीसी के सीमा पार इस्तेमाल से कम होगी लागत
सेंट्रल बैंक डिजिटल करेंसी (सीबीडीसी) या ई-रुपये के सीमापार लेन-देन के उपयोग से लागत में दो से तीन फीसदी की बचत होती है। वित्त मंत्रालय में आर्थिक मामलों के सचिव अजय सेठ ने कहा, सीबीडीसी का उपयोग कारोबार, पैसा भेजने या किसी और इस्तेमाल में भी सीमापार के लिए किया जा सकता है। सेठ ने कहा, फिलहाल, सीमापार भुगतान की बहुत कुशल प्रणाली नहीं है। इसमें समय लगता है। अप्रवासी भारतीय हर साल भारत में करीब 100 अरब डॉलर भेजते हैं।
सॉफ्टबैंक ने जोमैटो में 1,128 करोड़़ में बेचा 1.1% िहस्सा
जापानी कंपनी सॉफ्टबैंक ने शुक्रवार को जोमैटो में 1,128 करोड़ रुपये की अपनी 1.1 फीसदी हिस्सेदारी बेच दी। अब जोमैटो में सॉफ्टबैंक की हिस्सेदारी 2.17 से घटकर 1.09 फीसदी रह गई है। सौदे के बाद जोमैटो के शेयर एनएसई पर 1.27 फीसदी टूट गए। एनएसई के मुताबिक, सॉफ्टबैंक की सहयोगी एसवीएफ ग्रोथ (सिंगापुर) प्राइवेट ने जोमैटो में 1.08 फीसदी हिस्से के तहत 9,35,69,368 शेयर बेचे। शेयर औसतन 120.50 रुपये की कीमत पर बेचे गए।
सरकार ने गेहूं की भंडारण सीमा घटाई
सरकार ने जमाखोरी रोकने, उपलब्धता बढ़ाने और कीमतों को नियंत्रित करने के वास्ते व्यापारियों व मिल मालिकों के िलए गेहूं की भंडारण की सीमा को घटाकर अब 1,000 टन कर दिया है। सितंबर में यह सीमा घटाकर 2,000 टन की गई थी, जो उससे पहले 3,000 टन थी। कारोबारियों को 30 दिन के अंदर यह सीमा घटानी होगी, िजसकी जानकारी उन्हें हर शुक्रवार को सरकार की वेबसाइट पर देनी होगी। खुदरा विक्रेताओं के लिए भंडारण सीमा 10 टन से घटकर 5 टन हो गई है। अगले साल चुनाव को देखते हुए सरकार कीमतें थामने के साथ पर्याप्त भंडारण भी रखना चाहती है।
उच्च वृद्धि दर बनाए रखने के लिए निजी निवेश अहम: सीईए
मुख्य आर्थिक सलाहकार (सीईए) वी अनंत नागेश्वरन ने कहा, अगर निजी पूंजी निर्माण में तेजी आती है, तो भारत की आर्थिक वृद्धि तेज हो सकती है। एक कार्यक्रम में उन्होंने कहा, आर्थिक वृद्धि के लिए हमें निवेश व्यय की जरूरत है। अगर बहुप्रतीक्षित निजी पूंजी निर्माण बढ़ जाए तो आर्थिक वृद्धि तेज हो सकती है। निजी क्षेत्र में भरोसा पैदा करने के लिए सरकार ने 2019 में कॉरपोरेट कर की दर घटाई थी।
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एसोसिएशन ऑफ म्यूचुअल फंड्स इन इंडिया (एम्फी) के अनुसार, नवंबर में 17,073 करोड़ रुपये का एसआईपी आया है। अक्तूबर में इक्विटी फंडों में 19,957 करोड़ रुपये का निवेश आया था। सितंबर में यह 14,091 करोड़ था। जानकारों का कहना है कि दिवाली के त्योहारी सीजन और बैंकों की छुट्टियों से नवंबर में इक्विटी में कम निवेश आया है। नवंबर में लगातार 33वें महीने इक्विटी फंडों में निवेश आया है। सभी कैटेगरी में निवेशकों ने पैसे लगाए हैं। इस दौरान कुल 6 नए फंड लॉन्च हुए, जिनसे 1,907 करोड़ रुपये जुटाए गए।
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विदेशी मुद्रा भंडार : चार माह बाद 600 अरब डॉलर के पार
देश का विदेशी मुद्रा भंडार चार महीने बाद पहली बार 600 अरब डॉलर के पार पहुंच गया। एक दिसंबर को यह 604 अरब डॉलर था। इससे पहले 11 अगस्त, 2023 को विदेशी मुद्रा भंडार 600 अरब डॉलर से अधिक था। 24 नवंबर को समाप्त सप्ताह में यह भंडार 597.93 अरब डॉलर था, जबकि अक्तूबर, 2021 में 642 अरब डॉलर के सार्वकालिक उच्चस्तर पर पहुंच गया था। दास ने कहा, मौजूदा भंडार से हम अपनी बाहरी वित्तीय जरूरतें आसानी से पूरी कर सकते हैं।
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सीबीडीसी के सीमा पार इस्तेमाल से कम होगी लागत
सेंट्रल बैंक डिजिटल करेंसी (सीबीडीसी) या ई-रुपये के सीमापार लेन-देन के उपयोग से लागत में दो से तीन फीसदी की बचत होती है। वित्त मंत्रालय में आर्थिक मामलों के सचिव अजय सेठ ने कहा, सीबीडीसी का उपयोग कारोबार, पैसा भेजने या किसी और इस्तेमाल में भी सीमापार के लिए किया जा सकता है। सेठ ने कहा, फिलहाल, सीमापार भुगतान की बहुत कुशल प्रणाली नहीं है। इसमें समय लगता है। अप्रवासी भारतीय हर साल भारत में करीब 100 अरब डॉलर भेजते हैं।
सॉफ्टबैंक ने जोमैटो में 1,128 करोड़़ में बेचा 1.1% िहस्सा
जापानी कंपनी सॉफ्टबैंक ने शुक्रवार को जोमैटो में 1,128 करोड़ रुपये की अपनी 1.1 फीसदी हिस्सेदारी बेच दी। अब जोमैटो में सॉफ्टबैंक की हिस्सेदारी 2.17 से घटकर 1.09 फीसदी रह गई है। सौदे के बाद जोमैटो के शेयर एनएसई पर 1.27 फीसदी टूट गए। एनएसई के मुताबिक, सॉफ्टबैंक की सहयोगी एसवीएफ ग्रोथ (सिंगापुर) प्राइवेट ने जोमैटो में 1.08 फीसदी हिस्से के तहत 9,35,69,368 शेयर बेचे। शेयर औसतन 120.50 रुपये की कीमत पर बेचे गए।
सरकार ने गेहूं की भंडारण सीमा घटाई
सरकार ने जमाखोरी रोकने, उपलब्धता बढ़ाने और कीमतों को नियंत्रित करने के वास्ते व्यापारियों व मिल मालिकों के िलए गेहूं की भंडारण की सीमा को घटाकर अब 1,000 टन कर दिया है। सितंबर में यह सीमा घटाकर 2,000 टन की गई थी, जो उससे पहले 3,000 टन थी। कारोबारियों को 30 दिन के अंदर यह सीमा घटानी होगी, िजसकी जानकारी उन्हें हर शुक्रवार को सरकार की वेबसाइट पर देनी होगी। खुदरा विक्रेताओं के लिए भंडारण सीमा 10 टन से घटकर 5 टन हो गई है। अगले साल चुनाव को देखते हुए सरकार कीमतें थामने के साथ पर्याप्त भंडारण भी रखना चाहती है।
उच्च वृद्धि दर बनाए रखने के लिए निजी निवेश अहम: सीईए
मुख्य आर्थिक सलाहकार (सीईए) वी अनंत नागेश्वरन ने कहा, अगर निजी पूंजी निर्माण में तेजी आती है, तो भारत की आर्थिक वृद्धि तेज हो सकती है। एक कार्यक्रम में उन्होंने कहा, आर्थिक वृद्धि के लिए हमें निवेश व्यय की जरूरत है। अगर बहुप्रतीक्षित निजी पूंजी निर्माण बढ़ जाए तो आर्थिक वृद्धि तेज हो सकती है। निजी क्षेत्र में भरोसा पैदा करने के लिए सरकार ने 2019 में कॉरपोरेट कर की दर घटाई थी।