निवेश-बचत: शेयरों में निवेश की मूलभूत बातें समझिए, गलतफहमियों से बचना जरूरी
हाल में चुनाव के एग्जिट पोल और वास्तविक नतीजों के बीच शेयर बाजार में जो उथल-पुथल रही, उससे निवेशकों में डर का माहौल पैदा हो गया। हालांकि, जब तक आप शेयर न तो खरीदते हैं और न ही बेचते हैं, तब तक कोई भी नुकसान काल्पनिक होता है। ऐसे में इससे घबराने से बचना चाहिए।
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जून के पहले हफ्ते में कई घटनाएं घटीं। बाजार में आए उतार-चढ़ाव ने कई निवेशकों को चिंतित कर दिया। मेरे पड़ोसी ने हाल ही में निवेश करना शुरू किया है और वह अपने निवेश की स्थिति को लेकर चिंतित थे। अपने निवेश की कीमत में अचानक लाखों की गिरावट से वह बहुत चिंतित हो गए। मैं उनसे अपने फ्लैट के बाहर गलियारे में परेशान होकर चलते हुए मिला। मिलते ही उन्होंने कहा, बाजार कितनी बेकार चीज है...यह सब एक जुआ है। मैं काफी नुकसान उठा चुका हूं। मुझे उन्हें शांत करना पड़ा और उनसे यह समझना पड़ा कि उन्होंने पैसा कैसे खो दिया, क्योंकि उन्होंने अपने शेयर बेचे नहीं थे और उस कीमत का आकलन नहीं किया था, जिस पर उन्होंने निवेश किया था, जिससे उन्हें लगे कि उन्होंने कोई पैसा खो दिया है।
गलतफहमियों से बचना जरूरी होता है
दरअसल, जब शेयरों में निवेश की बात आती है, तो कई गलतफहमियां होती हैं और कई मनोवैज्ञानिक बाधाओं को पार करना होता है। उदाहरण के लिए, 4 जून को बाजार में करीब 6 फीसदी की गिरावट आई, लेकिन चुनाव के नतीजों से पहले के हफ्तों में इसमें 10 फीसदी से अधिक की बढ़ोतरी देखने को मिली थी। इसलिए, कुल मिलाकर बाजार पहले की समय-सीमा की तुलना में अब भी ऊपर ही था। हालांकि, निवेशक केवल उस दिन के काल्पनिक नुकसान के बारे में चिंता करते हैं और तब चिंता में पड़ जाते हैं, जब बाजार में गिरावट आती है। काल्पनिक नुकसान का मतलब कागज पर होने वाले घाटे से है। यह इसलिए होता है क्योंकि उनके निवेश का मूल्य गिर जाता है। हालांकि, उन्हें वास्तव में कोई नुकसान नहीं होता है क्योंकि वास्तविक नुकसान तभी होगा, जब वे शेयर बेचेंगे।
फ्लैट की कीमत से बाजार को ऐसे जानें
उदाहरण के तौर पर, किसी ने 2020 में 50 लाख रुपये में फ्लैट खरीदा था। अब, पिछले दो वर्षों में रेट बढ़ने से वह फ्लैट 58 लाख हा गया। दो वर्षों में 8 लाख रुपये का यह लाभ देखना अच्छा है क्योंकि आपको लगता है कि आपके फ्लैट का मूल्य बढ़ गया है। अब, अगर 2024 में वही फ्लैट 55 लाख रुपये में बिकता है, तो क्या इसका मतलब यह है कि आपके फ्लैट का मूल्य कम हो गया है या आपने पैसा खो दिया है? शेयरों में निवेश के मामले में भी यही स्थिति है, क्योंकि उसमें निवेश का मूल्यांकन करते समय कई कारकों पर विचार करना होता है।
इन कारकों पर भी करें विचार
नुकसान की इस गलत धारणा को दूर करने के लिए हर निवेशक को कुछ डिटेल्स रखने चाहिए। जैसे...उन्होंने किस दिन और किस कीमत पर स्टॉक में निवेश किया। लाभांश और बोनस का भी हिसाब रखना चाहिए। कुछ साल बाद जब वे स्टॉक की कीमत की जांच करते हैं, तो इसकी तुलना उस दिन से की जानी चाहिए जिस दिन उन्होंने निवेश किया था, न कि इसकी हाल की उच्च कीमत से, जहां से यह स्टॉक गिर सकता है। एक सरल मूल्यांकन तंत्र होने से निवेशकों को यह पता लगाने में मदद मिल सकती है कि उनके निवेश का प्रदर्शन कैसा रहा है और जब वे किसी निवेश से बाहर निकलते हैं तो उन्हें वास्तव में क्या मिला है। इसके अलावा, निवेश का विश्लेषण करना अब काफी आसान हो चला है और इसके लिए आजकल कई ऑनलाइन संसाधन भी उपलब्ध हैं।
निवेश का उद्देश्य और समय-सीमा जरूरी
स्टॉक में पैसा लगाने के साथ ध्यान में रखने वाला एक और महत्वपूर्ण फैक्टर किसी विशेष शेयर में निवेशका उद्देश्य और वह समय सीमा है, जिसके लिए कोई उसमें निवेशित है। शेयर बाजारों में पूरे निवेश को देखा जाना चाहिए, न कि किसी एक स्टॉक को।
- उन्हें यह उत्तर देने में सक्षम होना चाहिए कि क्या उनक ओर से रखा गया प्रत्येक स्टॉक मार्केट इंडेक्स के साथ या उसके खिलाफ या स्वतंत्र रूप से चलता है? बाजार सूचकांक की तुलना में पूरा पोर्टफोलियो कैसा व्यवहार करता है?
- उपरोक्त प्रश्नों से पता चलेगा कि बाजार में किस वजह से गिरावट आई। यह बैलेंस शीट पढ़ने से कहीं ज्यादा आसान है। इसका मतलब है कि आप इसे सरल तरीके से समझने का प्रयास करें तो निवेश आसान हो सकता है।