फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
डाउनलोड करें

सब्सक्राइब करें
Hindi News ›   Business ›   Business Diary ›   Interest rates to keep falling but last mile 'very very tricky': IMF Chief

Davos: आईएमएफ की प्रमुख ने ब्याज दरों में कटौती पर केंद्रीय बैंकों को चेताया, महंगाई पर कही यह बात

Thu, 18 Jan 2024 06:48 PM IST
कुमार विवेक बिजनेस डेस्क, अमर उजाला, नई दिल्ली
बिजनेस डेस्क, अमर उजाला, नई दिल्ली Published by: कुमार विवेक Updated Thu, 18 Jan 2024 06:48 PM IST
सार

विश्व आर्थिक मंच की वार्षिक बैठक 2024 के दौरान आईएमएफ प्रमुख ने साक्षात्कार के दौरान कहा कि केंद्रीय बैंकों को समय से पहले सख्ती नहीं करनी चाहिए क्योंकि तब वे उस जीत को खो सकते हैं जो फिलहाल उनके हाथों में है।

विज्ञापन
Interest rates to keep falling but last mile 'very very tricky': IMF Chief
क्रिस्टालिना जॉर्जीवा - फोटो : सोशल मीडिया

विस्तार

अंतरराष्ट्रीय मुद्राकोष (आईएमएफ) की प्रमुख क्रिस्टालिना जॉर्जीवा ने ब्याज दरों में कटौती के मसलेपर केंद्रीय बैंकों से सावधान रहने को कहा है। जॉर्जीवा ने गुरुवार को दावोस में विश्व आर्थिक मंच की सलाना बैठक के दौरान कहा कि 2024 में ब्याज दरों में गिरावट जारी रहनी चाहिए लेकिन यह ध्यान रखना भी जरूरी है कि नीतिगत गलती की कोई गुंजाइश नहीं है,  क्योंकि अंतिम मील तक पहुंचना 'बहुत, बहुत मुश्किल' है।

विज्ञापन


विश्व आर्थिक मंच की वार्षिक बैठक 2024 के दौरान एक साक्षात्कार में उन्होंने कहा कि केंद्रीय बैंकों को समय से पहले सख्ती नहीं करनी चाहिए क्योंकि तब वे उस जीत को खो सकते हैं जो फिलहाल उनके हाथों में है।
विज्ञापन

   
2024 में सकारात्मक रुझान जारी रहने की उम्मीद करते हुए, उन्होंने कहा मुद्रास्फीति की दर औसतन नीचे जा रही है। अंतरराष्ट्रीय मुद्रा कोष के प्रबंध निदेशक ने हालांकि क्षेत्रीय विसंगतियों पर भी बात की। उन्होंने कहा, "अब हमारे पास एक बहुत ही विविध रेंज है। कुछ देशों में, काम पहले ही हो चुका है, और मुद्रास्फीति इतनी कम है कि वे एक उदार मौद्रिक नीति को अपना सकते हैँ। ब्राजील इसका एक उदाहरण है। एशिया में, कई देशों में मुद्रास्फीति की समस्या ही नहीं है।" 
विज्ञापन
विज्ञापन


उन्होंने कहा, "केंद्रीय बैंकों को समय से पहले सख्ती नहीं करनी चाहिए क्योंकि ऐसा करने से वे अपनी बढ़त खो सकते हैं। लेकिन अगर उन्होंने सुस्ती बरती तो वे अर्थव्यवस्था में मंदी ला सकते हैं। उन्होंने विभिन्न देशों के नीति निर्माताओं से सावधानी बरतने और डेटा पर ध्यान केंद्रित करने का आह्वान किया।


आईएमएफ प्रमुख ने कहा "अमेरिका में श्रम बाजार बहुत तंग है और मजदूरी अब मुद्रास्फीति से ऊपर जा रही है। इसका क्या मतलब है? इसका मतलब है लोगों के पास खर्च करने के लिए अधिक पैसा है और जब वे अधिक खर्च करते हैं, तो इससे कीमतों पर दबाव बढ़ता है।"

विज्ञापन
विज्ञापन
सबसे विश्वसनीय Hindi News वेबसाइट अमर उजाला पर पढ़ें कारोबार समाचार और Union Budget से जुड़ी ब्रेकिंग अपडेट। कारोबार जगत की अन्य खबरें जैसे पर्सनल फाइनेंस, लाइव प्रॉपर्टी न्यूज़, लेटेस्ट बैंकिंग बीमा इन हिंदी, ऑनलाइन मार्केट न्यूज़, लेटेस्ट कॉरपोरेट समाचार और बाज़ार आदि से संबंधित ब्रेकिंग न्यूज़
 
रहें हर खबर से अपडेट, डाउनलोड करें अमर उजाला हिंदी न्यूज़ APP अपने मोबाइल पर।
Amar Ujala Android Hindi News APP Amar Ujala iOS Hindi News APP
विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन

एड फ्री अनुभव के लिए अमर उजाला प्रीमियम सब्सक्राइब करें

Next Article

AU ऐप में पढ़ें

Followed