{"_id":"6423842e1b2eb5ab3f0eea75","slug":"insurance-companies-will-now-themselves-decide-the-commission-to-be-charged-from-the-policyholders-2023-03-29","type":"story","status":"publish","title_hn":"IRDA: बीमा कंपनियां तय करेंगी कमीशन, इरडा ने खत्म की सीमा, एक अप्रैल 2023 से लागू होगा नियम","category":{"title":"Business Diary","title_hn":"बिज़नेस डायरी","slug":"business-diary"}}
IRDA: बीमा कंपनियां तय करेंगी कमीशन, इरडा ने खत्म की सीमा, एक अप्रैल 2023 से लागू होगा नियम
Wed, 29 Mar 2023 05:50 AM IST
वीरेंद्र शर्मा
बिजनेस डेस्क, अमर उजाला, नई दिल्ली
बिजनेस डेस्क, अमर उजाला, नई दिल्ली
Published by: वीरेंद्र शर्मा
Updated Wed, 29 Mar 2023 05:50 AM IST
सार
कमीशन में इस बदलाव का उद्देश्य बीमा की पहुंच बढ़ाना है। हालांकि, साथ ही यह भी कहा है कि इसमें पॉलिसीधारकों के हितों से किसी भी तरह का समझौता नहीं होना चाहिए। यह नियम एक अप्रैल, 2023 से लागू किया जाएगा।
विज्ञापन
irda
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
विस्तार
बीमा कंपनियां अब पॉलिसीधारकों से लेने वाले कमीशन को खुद तय करेंगी। बीमा नियामक भारतीय बीमा विनियामक विकास प्राधिकरण (इरडा) ने बीमा उत्पादों की बिक्री के लिए भुगतान किए जाने वाले कमीशन की व्यक्तिगत सीमा को खत्म कर दिया है।
कमीशन में इस बदलाव का उद्देश्य बीमा की पहुंच बढ़ाना है। हालांकि, साथ ही यह भी कहा है कि इसमें पॉलिसीधारकों के हितों से किसी भी तरह का समझौता नहीं होना चाहिए। यह नियम एक अप्रैल, 2023 से लागू किया जाएगा। इरडा के मुताबिक, बीमा कंपनी का बोर्ड एजेंटों और पॉलिसीधारकों के हितों का ध्यान रखकर कमीशन की नीति के लिए एक ढांचा तैयार करेगा। बोर्ड को यह सुनिश्चित करना होगा कि प्रबंधन की जो खर्च सीमा (ईओएम) है, उसके दायरे में ही कमीशन रहे।
इरडाई ने इसे पेमेंट ऑफ कमीशन रेगुलेशंस, 2023 का नाम दिया है। इसमें कहा गया है कि सामान्य बीमा और स्वास्थ्य बीमा उत्पादों के तहत दिए जाने वाले कुल कमीशन की रकम ईओएम की तय सीमा से ज्यादा नहीं होनी चाहिए। इसे समय-समय पर सुधारा भी जाएगा। इसकी हर तीन साल में समीक्षा की जाएगी। हालांकि, जरूरत पड़ने पर पहले भी इसकी समीक्षा हो सकती है। इरडा अभी तक कमीशन तय करता था और यह पॉलिसी के आधार पर दिया जाता था। नियामक ने कहा, इससे बाजार खोजपरख के लिए विनियमन की जवाबदेही बढ़ाने में मदद मिलेगी।
विज्ञापन
नियमों के अनुपालन को बनाएगा आसान
यह बीमाकर्ताओं को नए व्यापार मॉडल, उत्पादों, रणनीतियों, आंतरिक प्रक्रियाओं के विकास में मदद करेगा और नियामक उद्देश्यों को पूरा करते हुए नियमों के अनुपालन को आसान बनाएगा। यह बीमाकर्ताओं को उनकी विकास उद्देश्यों और हमेशा बदलती बीमा जरूरतों के आधार पर अपने खर्चों का प्रबंधन करने के लिए लचीलापन प्रदान करेगा।
लागत अनुशासन लाने में मिलेगी मदद
बढ़ेगा बजाज आलियांज जनरल इंश्योरेंस के प्रबंध निदेशक तपन सिंघल ने कहा, संशोधित ईओम और कमीशन की सीमा उद्योग के मुताबिक है। अधिकांश बीमा कंपनियां खर्च के निर्धारित मानदंडों से ऊपर हैं। ये ईओएम सीमाएं लागत अनुशासन लाने में मदद करेंगी।
विज्ञापन
कमीशन में इस बदलाव का उद्देश्य बीमा की पहुंच बढ़ाना है। हालांकि, साथ ही यह भी कहा है कि इसमें पॉलिसीधारकों के हितों से किसी भी तरह का समझौता नहीं होना चाहिए। यह नियम एक अप्रैल, 2023 से लागू किया जाएगा। इरडा के मुताबिक, बीमा कंपनी का बोर्ड एजेंटों और पॉलिसीधारकों के हितों का ध्यान रखकर कमीशन की नीति के लिए एक ढांचा तैयार करेगा। बोर्ड को यह सुनिश्चित करना होगा कि प्रबंधन की जो खर्च सीमा (ईओएम) है, उसके दायरे में ही कमीशन रहे।
विज्ञापन
इरडाई ने इसे पेमेंट ऑफ कमीशन रेगुलेशंस, 2023 का नाम दिया है। इसमें कहा गया है कि सामान्य बीमा और स्वास्थ्य बीमा उत्पादों के तहत दिए जाने वाले कुल कमीशन की रकम ईओएम की तय सीमा से ज्यादा नहीं होनी चाहिए। इसे समय-समय पर सुधारा भी जाएगा। इसकी हर तीन साल में समीक्षा की जाएगी। हालांकि, जरूरत पड़ने पर पहले भी इसकी समीक्षा हो सकती है। इरडा अभी तक कमीशन तय करता था और यह पॉलिसी के आधार पर दिया जाता था। नियामक ने कहा, इससे बाजार खोजपरख के लिए विनियमन की जवाबदेही बढ़ाने में मदद मिलेगी।
विज्ञापन
नियमों के अनुपालन को बनाएगा आसान
यह बीमाकर्ताओं को नए व्यापार मॉडल, उत्पादों, रणनीतियों, आंतरिक प्रक्रियाओं के विकास में मदद करेगा और नियामक उद्देश्यों को पूरा करते हुए नियमों के अनुपालन को आसान बनाएगा। यह बीमाकर्ताओं को उनकी विकास उद्देश्यों और हमेशा बदलती बीमा जरूरतों के आधार पर अपने खर्चों का प्रबंधन करने के लिए लचीलापन प्रदान करेगा।
लागत अनुशासन लाने में मिलेगी मदद
बढ़ेगा बजाज आलियांज जनरल इंश्योरेंस के प्रबंध निदेशक तपन सिंघल ने कहा, संशोधित ईओम और कमीशन की सीमा उद्योग के मुताबिक है। अधिकांश बीमा कंपनियां खर्च के निर्धारित मानदंडों से ऊपर हैं। ये ईओएम सीमाएं लागत अनुशासन लाने में मदद करेंगी।