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Inflation: बढ़ती महंगाई पर पेट्रोलियम मंत्री का बड़ा बयान, दूसरे देशों का हवाला देकर किया सरकार का बचाव

Thu, 02 Jun 2022 11:15 PM IST
दीपक चतुर्वेदी बिजनेस डेस्क, अमर उजाला, नई दिल्ली
बिजनेस डेस्क, अमर उजाला, नई दिल्ली Published by: दीपक चतुर्वेदी Updated Thu, 02 Jun 2022 11:15 PM IST
सार

देश में खुदरा महंगाई अप्रैल में बढ़कर आठ साल के उच्च स्तर पर पहुंच चुकी है। सरकारी आंकड़ों के मुताबिक, यह 7.79 फीसदी हो गई है। इसके अलावा थोक महंगाई भी लगातार दोहरे अंकों में बनी हुई है और अप्रैल में 15 फीसदी के स्तर को पार कर गई है। 

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Inflation in india Union Minister Hardeep singh puri said this big thing in defense of govt
केंद्रीय मंत्री हरदीप सिंह पुरी - फोटो : एएनआई (फाइल)

विस्तार

देश में लगातार बढ़ती महंगाई को काबू में करने के लिए सरकार और भारतीय रिजर्व बैंक (आरबीआई) लगातार प्रयास कर रहे हैं। लेकिन तमाम कोशिशों के बावजूद देश में मुद्रास्फीति की दर नए रिकॉर्ड पर पहुंच चुकी है। इस बीच महंगाई के मुद्दे पर केंद्रीय पेट्रोलियम मंत्री हरदीप सिंह पुरी ने बड़ा बयान दिया है और दूसरे देशों का हवाला देते हुए केंद्र सरकार का बचाव किया है।

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गुरुवार को हरदीप सिंह पुरी ने कहा कि दूसरे विश्व युद्ध के बाद से दुनिया के अन्य बड़े-बड़े देशों की अर्थव्यवस्थाएं सबसे तेज मुद्रास्फीति के साथ ही जीवन स्तर में तेज गिरावट का सामना कर रही हैं। यह एक घटना है और हम ऐसी स्थिति में हैं बढ़ती कीमतों को उस हद तक नियंत्रित कर सकते हैं, जिस हद तक उन्हें नियंत्रित करने की क्षमता है।
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गौरतलब है कि देश में खुदरा महंगाई अप्रैल महीने में बढ़कर आठ साल के उच्च स्तर पर पहुंच चुकी है। सरकारी आंकड़ों के मुताबिक, खुदरा मुद्रास्फीति दर 7.79 फीसदी हो गई है। इसके अलावा थोक महंगाई भी लगातार दोहरे अंकों में बनी हुई है और अप्रैल में 15 फीसदी के स्तर को पार कर गई है। 
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ओपेक, सहयोगी देश कच्चे तेल का उत्पादन बढ़ाने पर सहमत
तेल निर्यातक देशों के संगठन (ओपेक) और रूस समेत सहयोगी देश जुलाई और अगस्त में कच्चे तेल का उत्पादन बढ़ाकर 6,48,000 बैरल प्रतिदिन करेंगे। इस कदम से ऊर्जा के ऊंचे दाम और फलस्वरूप बढ़ती महंगाई से प्रभावित वैश्विक अर्थव्यवस्था को कुछ राहत मिलेगी। ओपेक और सहयोगी देशों (ओपेक प्लस) का निर्णय महामारी के दौरान की गयी कटौती को तेजी से बहाल करने में मददगार होगा। समूह 2020 से उत्पादन में कटौती को धीरे-धीरे बहाल करने के लिये हर महीने प्रति दिन 4,32,000 बैरल का उत्पादन कर रहा था। योजना के विपरीत उत्पादन में तेजी से बढ़ोतरी का निर्णय ऐसे समय किया गया है जब कच्चे तेल की बढ़ती कीमतों के कारण अमेरिका में पेट्रोल का दाम रिकॉर्ड ऊंचाई पर पहुंच गया है। ऐसी आशंका है कि ऊर्जा के ऊंचे दाम से महामारी से उबर रही वैश्विक अर्थव्यवस्था में पुनरुद्धार की गति धीमी पड़ेगी।

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