Exclusive: इंडिगो की कंपनी बेच रही है एयर इंडिया के टिकट, सीवीसी में दर्ज हुई शिकायत
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सरकारी एयरलाइन कंपनी एयर इंडिया के टिकट को इंडिगो की स्वामित्व वाली कंपनी बेच रही है। एयर इंडिया ने हाल ही में अपने टिकट बिक्री करने के अधिकार प्रतिस्पर्धी कंपनी को दे दिए हैं, जिसके खिलाफ केंद्रीय सतर्कता आयोग (सीवीसी) में शिकायत दर्ज कर दी गई है।
नियमों का किया उल्लंघन
amarujala.com के पास मौजूद इस एक्सक्लूसिव जानकारी के अनुसार एयर इंडिया ने अपनी प्रतिस्पर्धी कंपनी इंडिगो की सहयोगी इकाई ट्रेवलपोर्ट को यह अधिकार दे दिए हैं। ट्रेवलपोर्ट के पास केवल 20 फीसदी हिस्सेदारी है।
सीवीसी को भेजी गई शिकायत में ट्रेवल एजेंट्स एसोसिएशन ऑफ इंडिया (टीएएआई)और ट्रेवल एजेंट्स फेडरेशन ऑफ इंडिया (टीएएफआई) ने एयर इंडिया पर आरोप लगाते हुए कहा है कि कंपनी ने प्रतिस्पर्धा आयोग के नियमों को अनदेखा कर दिया है।
कांट्रैक्ट देने में की गई नियमों की अनदेखी
टीएएआई और टीएएफआई ने पत्र में लिखा है कि एयर इंडिया ने ट्रेवलपोर्ट को टिकटों की बिक्री का अधिकार देने से पहले किसी तरह के नियमों का भी पालन नहीं किया, जिसके चलते कंपनी के साथ ही भारत सरकार को भी करोड़ों रुपये का नुकसान हुआ।
फिलहाल घाटे में चल रही एयर इंडिया को इससे किसी तरह का कोई फायदा नहीं होगा। टिकट बेचने का अधिकार देने के लिए किसी भी तरह के टेंडर को भी जारी नहीं किया गया।
एयर इंडिया को होगा 6 हजार करोड़ का नुकसान
एयर इंडिया के इस फैसले से उसको सालाना 6 हजार करोड़ रुपये का नुकसान होने की आशंका है। एयर इंडिया ने पिछले साल 4 जून को अमेडस से अपना समझौता समाप्त कर लिया था। इसके बाद इसने 6 महीने का नोटिस पीरियड जारी किया था।
एकतरफा लिए गए इस फैसले के खिलाफ देश के तीन उच्च न्यायलयों में याचिका भी दायर की गई थी। बंबई उच्च न्यायलय ने आदेश देते हुए कहा था कि वो अमेडस से फिर से अपना कांट्रैक्ट रिन्यू कराएं।
एजेंट्स नहीं कर पा रहे हैं टिकटों की बुकिंग
जनवरी में एयर इंडिया ने उसकी देशी-विदेशी उड़ानों के टिकट बेचने का अधिकार ट्रेवलपोर्ट को दे दिया था। इससे पहले एयर इंडिया के टिकट अमेडस के जरिए बुक होते थे। अमेडस के पास ही ग्लोबल डिस्ट्रीब्यूशन सिस्टम (जीडीएस) का सबसे ज्यादा शेयर है। इस सिस्टम के जरिए ही विश्व भर में ट्रेवल कंपनियां और एजेंट्स टिकटों की बुकिंग करते हैं।