Indigo Crisis: बंगलूरू में 60 उड़ानें फिर रद्द, जानिए डीजीसीए ने परिचालन सुधारने के लिए अब क्या कदम उठाया
Indigo Crisis: बंगलूरू में गुरुवार को इंडिगो की 60 उड़ानें रद्द की गईं। इंडिगो एयरलाइन में स्थिति की गंभीरता को देखते हुए डीजीसीए ने निगरानी के लिए आठ सीनियर पायलट्स की टीम बनाई है। गुड़गांव स्थित इंडिगो मुख्यालय में भी इस टीम के सदस्यों को तैनात किया गया है। डीजीसीए के अनुसार दो पायलट और दो सरकारी अधिकारी सीधे एयरलाइन के मुख्यालय में तैनात रहेंगे। आइए इस बारे में विस्तार से जानें।
विस्तार
देश की सबसे बड़ी एयरलाइन इंडिगो का परिचालन संकट बहुत हद तक गुरुवार को भी जारी रहा। सूत्रों के अनुसार, बुधवार को बंगलूरू हवाई अड्डे से एयरलाइन की 60 उड़ानें (32 आगमन और 28 प्रस्थान) रद्द कर दी गईं। यह व्यवधान नए पायलट और क्रू ड्यूटी मानदंडों (FDTL) के कार्यान्वयन में हुई योजनागत विफलताओं और संसाधनों की कमी का परिणाम है। हालांकि, एयरलाइन प्रबंधन ने दावा किया है कि स्थिति को नियंत्रित किया जा रहा है और गुरुवार को डीजीसीए की कड़ी निगरानी में 1,950 से अधिक उड़ानें संचालित करने की योजना है।
डीजीसीए कर रहा 'वॉर-रूम' की निगरानी और सीईओ तलब
वहीं, नागरिक उड्डयन महानिदेशालय (डीजीसीए) ने इस मामले में अभूतपूर्व सख्ती दिखाई है। नियामक ने इंडिगो के सीईओ पीटर एल्बर्स को हालिया परिचालन व्यवधानों पर विस्तृत डेटा और रिपोर्ट के साथ तलब किया है। एल्बर्स को गुरुवार दोपहर 3 बजे नियामक के समक्ष पेश होना है। स्थिति की गंभीरता को देखते हुए डीजीसीए ने निगरानी के लिए आठ सीनियर पायलट्स की टीम बनाई है। गुड़गांव स्थित इंडिगो मुख्यालय में भी इस टीम के सदस्यों को तैनात किया गया है। डीजीसीए के अनुसार दो पायलट और दो सरकारी अधिकारी सीधे एयरलाइन के मुख्यालय में तैनात रहेंगे। यहह टीम रद्द उड़ानों, क्रू की तैनाती, अनियोजित अवकाश और कर्मचारियों की कमी से प्रभावित मार्गों की रीयल-टाइम निगरानी करेगी और नियामक को दैनिक रिपोर्ट सौंपेगी।
प्रबंधन की सफाई बनाम जमीनी हकीकत
इससे पहले, इंडिगो के चेयरमैन विक्रम मेहता ने 10 दिनों के संकट के बाद बुधवार को पहली बार चुप्पी तोड़ी। उन्होंने अराजकता के लिए माफी मांगते हुए इसे आंतरिक और बाहरी "अप्रत्याशित घटनाओं" का मिश्रण बताया। उन्होंने तकनीकी खामियों, मौसम और नए रोस्टरिंग नियमों को जिम्मेदार ठहराया।
हालांकि, उद्योग विशेषज्ञों का मानना है कि यह तर्क पूरी तरह गले नहीं उतरता, क्योंकि अन्य भारतीय एयरलाइनों ने इन्हीं बाहरी परिस्थितियों का सामना किया, लेकिन उनका परिचालन काफी हद तक स्थिर रहा। इंडिगो के सीओओ इसिड्रो पोरक्वेरास ने पिछले दिसंबर में डीजीसीए को बताया था कि नए एफडीटीएल मानदंडों से क्रू की जरूरत में केवल 3% की वृद्धि होगी। यह आकलन पूरी तरह गलत साबित हुआ है। संसद में पेश आंकड़ों के मुताबिक, जहां मार्च में इंडिगो के पास 5,463 पायलट होने का दावा किया गया था, वहीं 8 दिसंबर को नागरिक उड्डयन राज्य मंत्री मुरलीधर मोहोल की ओर से दिए गए उत्तर के अनुसार यह संख्या घटकर 5,085 रह गई। पिछले नौ महीनों में 378 पायलटों की यह कमी गंभीर चिंता का विषय है।
सरकार ने कर दी है इंडिगो के 10 फीसदी उड़ानों में कटौती
पायलटों के संगठन 'फेडरेशन ऑफ इंडियन पायलट्स' (FIP) ने एयरलाइन पर 'लंबे समय से चली आ रही अपर्याप्त मानव संसाधन रणनीति' और 'कार्टेल जैसा व्यवहार' करने का आरोप लगाया है। एफआईपी का कहना है कि तैयारी के लिए दो साल का समय मिलने के बावजूद, एयरलाइन ने भर्ती पर रोक और वेतन वृद्धि रोकने जैसे अदूरदर्शी फैसले लिए। एयरलाइन अपने शीतकालीन कार्यक्रम के तहत सामान्यतः प्रतिदिन 2,200 उड़ानें संचालित करती है, लेकिन सरकार ने स्थिरता लाने के लिए इसमें 10% की कटौती कर दी है। बुधवार को उड़ानों के रद्द होने होने के मामले दिल्ली (137 कैंसिलेशन), मुंबई और बंगलूरू सबसे अधिक प्रभावित रहे। अब सभी की निगाहें गुरुवार के संचालन और सीईओ की डीजीसीए के साथ होने वाली बैठक पर टिकी हैं।