फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
डाउनलोड करें

सब्सक्राइब करें
Hindi News ›   Business ›   Business Diary ›   Indias GDP likely to grow at 5.8percent in Oct Dec Quarter SBI research report ecowrap

SBI Report: दिसंबर तिमाही में 5.8 फीसदी रह सकती है भारत की जीडीपी, एसबीआई के अर्थशास्त्रियों का अनुमान

Fri, 18 Feb 2022 05:08 PM IST
दीपक चतुर्वेदी बिजनेस डेस्क, अमर उजाला, नई दिल्ली
बिजनेस डेस्क, अमर उजाला, नई दिल्ली Published by: दीपक चतुर्वेदी Updated Fri, 18 Feb 2022 05:08 PM IST
सार

SBI Research Report Ecowrap: भारतीय स्टेट बैंक (एसबीआई) की रिसर्च इकोरैप में भारत की जीडीपी ग्रोथ 5.8 फीसदी रहने का अनुमान जताया गया है। इसके साथ ही इसमें अर्थशास्त्रियों ने सुझाव दिया है कि सरकार गरीबों को 50,000 रुपये तक आजीविका ऋण की पेशकश कर सकती है।
 

विज्ञापन
Indias GDP likely to grow at 5.8percent in Oct Dec Quarter SBI research report ecowrap
भारत की जीडीपी - फोटो : अमर उजाला

विस्तार

देश की जीडीपी ग्रोथ अक्तूबर-दिसंबर तिमाही में 5.8 फीसदी रह सकती है। भारतीय स्टेट बैंक (एसबीआई) की शोध रिपोर्ट इकोरैप में यह अनुमान जताया गया है। इसमें कहा गया कि देश की अर्थव्यवस्था 2021-22 की दूसरी तिमाही में 8.4 फीसदी की दर से बढ़ी थी। हालांकि, जीडीपी वृद्धि दर जुलाई-सितंबर में इससे पिछली तिमाही के 20.1 फीसदी वृद्धि के मुकाबले कम रही थी। 

विज्ञापन


एनएसओ का अनुमान 28 फरवरी को
गौरतलब है कि राष्ट्रीय सांख्यिकी कार्यालय (एनएसओ) 28 फरवरी को चालू वित्त वर्ष की तीसरी तिमाही के लिए जीडीपी अनुमान घोषित करेगा। एसबीआई की ओर से शुक्रवार को जारी इस शोध रिपोर्ट के मुताबिक, एसबीआई नाउकास्टिंग मॉडल के अनुसार वित्त वर्ष 2021-22 की तीसरी तिमाही के लिए अनुमानित सकल घरेलू उत्पाद की वृद्धि दर 5.8 फीसदी रहेगी। इसमें पूरे वर्ष (वित्त वर्ष 2021-22) की जीडीपी वृद्धि का अनुमान 9.3 फीसदी से घटाकर 8.8 फीसदी कर दिया गया है। 
विज्ञापन


गरीबों को मिल सकते हैं 50 हजार रुपये
बता दें कि नाउकास्टिंग मॉडल औद्योगिक गतिविधियों, सेवा गतिविधियों और वैश्विक अर्थव्यवस्था से जुड़े 41 उच्च आवृत्ति संकेतकों पर आधारित है। इसके साथ ही रिपोर्ट में कहा गया है कि सरकार ग्रामीण गरीबों को 50,000 रुपये तक आजीविका ऋण की पेशकश कर सकती है। 
विज्ञापन
विज्ञापन


राज्यों का राजकोषीय घाटा 3.6 फीसदी 
रेटिंग एजेंसी इंडिया रेटिंग्स ने 2022-23 के लिए राज्यों के वित्त परिदृश्य को संशोधित कर इसे ‘तटस्थ’ से ‘सुधरता हुआ’ कर दिया है। कहा कि राजस्व वृद्धि के दम पर राज्यों का कुल राजकोषीय घाटा उनके जीडीपी का 3.6 फीसदी पर आ सकता है। इससे पहले एजेेंसी ने अगले वित्त वर्ष में राजकोषीय घाटा जीडीपी का 4.1 फीसदी रहने का अनुमान जताया था।


2021-22 में इसके जीडीपी का 3.5 फीसदी रहने का पूर्वानुमान जताया गया है। एजेंसी ने कहा कि 2021-22 में राज्यों की सकल बाजार उधारी 6.6 लाख करोड़ और शुद्ध बाजार उधारी 4.6 लाख करोड़ रुपये रहने का अनुमान है। यह क्रमश: 8.2 लाख करोड़ और 6.2 लाख करोड़ रुपये के पिछले अनुमान से कम है।

विज्ञापन
विज्ञापन
सबसे विश्वसनीय Hindi News वेबसाइट अमर उजाला पर पढ़ें कारोबार समाचार और Union Budget से जुड़ी ब्रेकिंग अपडेट। कारोबार जगत की अन्य खबरें जैसे पर्सनल फाइनेंस, लाइव प्रॉपर्टी न्यूज़, लेटेस्ट बैंकिंग बीमा इन हिंदी, ऑनलाइन मार्केट न्यूज़, लेटेस्ट कॉरपोरेट समाचार और बाज़ार आदि से संबंधित ब्रेकिंग न्यूज़
 
रहें हर खबर से अपडेट, डाउनलोड करें अमर उजाला हिंदी न्यूज़ APP अपने मोबाइल पर।
Amar Ujala Android Hindi News APP Amar Ujala iOS Hindi News APP
विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन

एड फ्री अनुभव के लिए अमर उजाला प्रीमियम सब्सक्राइब करें

Next Article

AU ऐप में पढ़ें

Followed