नए साल से भारतीय जहाजों में सिंगल यूज प्लास्टिक प्रतिबंधित
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हाल ही में भारत सरकार ने सिंगल यूज प्लास्टिक के खिलाफ अभियान शुरू किया था। इस बीच नए साल यानी एक जनवरी 2020 से सिंगल यूज प्लास्टिक के नियम और सख्त होने जा रहे हैं। दरअसल डायरेक्टर जनरल ऑफ शिपिंग (डीजीएस) ने जहाजों पर प्लास्टिक का उपयोग कम करने की दिशा में पहल की है। बता दें कि नए साल से भारतीय जहाजों पर कई प्रकार के सिंगल यूज प्लास्टिक पर प्रतिबंध लगा दिया गया है।
नियम के उल्लंघन पर सजा
इस संदर्भ में डीजीएस ने जो नए दिशा-निर्देश दिए हैं, उनके मुताबिक, नियम के उल्लंघन पर हिरासत में भी लिया जा सकता है। दिशा-निर्देश के अनुसार, भारतीय जल क्षेत्र में प्रवेश करने से पहले विदेशी जहाजों को ऑनबोर्ड ऐसे उत्पादों के बारे में पूरी जानकारी सरकार को देनी होगी।
भारतीय जहाजों पर नहीं होगा इनका उपयोग
एक जनवरी से भारतीय जहाजों पर प्लास्टिक की बोतलें, बैग, कंटेनर, फूड पैकेजिंग, फ्रीजर बैग, आईसक्रीम कंटनेर, हॉट ड्रिंक कप और सिंगल यूज प्लास्टिक से बने बर्तन का उपयोग नहीं किया जा सकेगा। लेकिन 10 लीटर तक के पानी का बोतल ले जाने की अनुमति दी गई है।
2050 तक इतनी ज्यादा होगी प्लास्टिक की संख्या
प्लास्टिक के उत्पादों को भारतीय बंदरगाहों पर उतारने या उपयोग कि अनुमति नहीं होगी। इसका नियमित तौर पर सर्वेक्षण होगा। वैज्ञानिकों के मुताबिक, साल 2050 तक समुद्रों में प्लास्टिक की संख्या मछलियों से अधिक हो जाएगी।
क्या है सिंगल यूज प्लास्टिक ?
सिंगल यूज प्लास्टिक वह है, जिसका प्रयोग केवल एक ही बार किया जाए। इसमें प्लास्टिक की थैलियां, प्लेट, ग्लास, चम्मच, बोतलें, स्ट्रॉ और थर्माकोल शामिल हैं। इनका एक बार इस्तेमाल के बाद फेंक दिया जाता है। इस प्लास्टिक में पाए जाने वाले केमिकल पर्यावरण के साथ ही लोगों के लिए काफी घातक हैं।
इन विकल्पों का करें इस्तेमाल
- प्लास्टिक की जगह पेपर के बने स्ट्रॉ का प्रयोग कर सकते हैं।
- प्लास्टिक की पानी के बोतलों के स्थान पर कॉपर, शीशा या धातु की बोतलों का प्रयोग करें।
- प्लास्टिक के कप की जगह पेपर से बनी प्याली का इस्तेमाल कर सकते हैं।
- जूट या कागज से बनी थैली का प्रयोग कर सकते हैं।
- स्टील के चाकू, चम्मच का इस्तेमाल कर सकते हैं। लकड़ी के चम्मच भी मार्केट में उपलब्ध है।