ट्रेन नहीं होंगी लेट, 250 स्टेशनों पर बनेंगे रेल फ्लाईओवर
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इटावा और नई दिल्ली में बनेगा रेल फ्लाईओवर
रेलवे बोर्ड के चेयरमैन वीके यादव ने बताया कि देश के दो स्टेशनों पर इस फ्लाईओवर का निर्माण किया जाएगा। पहले चरण में फिलहाल नई दिल्ली रेलवे स्टेशन और उत्तर प्रदेश के इटावा जंक्शन स्टेशन में इन फ्लाईओवर का निर्माण किया जाएगा। इससे ट्रेनें सीधे प्लेटफॉर्म पर आ सकेंगी। नई दिल्ली में यह फ्लाईओवर तिलक ब्रिज के पास बनेगा और सीधे स्टेशन पर उतरेगा। इससे गाड़ियों को बिना रोके सीधे प्लेटफॉर्म पर लाने की सुविधा मिलेगी।तिलक ब्रिज पर रुकती है प्रत्येक गाड़ी
नई दिल्ली स्टेशन पर पूर्व और दक्षिण दिशा की तरफ से आने वाली प्रत्येक गाड़ी को तिलक ब्रिज पर रोककर चलाया जाता है। इन गाड़ियों में शताब्दी व राजधानी जैसी सुपरफास्ट प्रीमियम गाड़ियां भी शामिल हैं। ऐसा इसलिए होता है क्योंकि लाइन खाली नहीं होती है, जिस वजह से गाड़ियों को रोकना पड़ता है। कई बार गाड़ी को तिलक ब्रिज से नई दिल्ली पहुंचने में एक घंटे से अधिक का समय लग जाता है।
यहां पर जल्द शुरू होगा काम
यूपी के इटावा जंक्शन रेलवे स्टेशन पर इस तरह का रेल फ्लाईओवर बनाने की घोषणा सबसे पहले हुई थी। रेल मंत्रालय ने 2017 में इस बात की घोषणा की थी। यह फ्लाईओवर करीब 10.978 किलोमीटर लंबा होगा। यह फ्लाईओवर हावड़ा-दिल्ली, इटावा-भिंड-आगरा और इटावा-मैनपुरी रेलवे लाइन के जंक्शन पर बनेगा। इस फ्लाईओवर से उन गाड़ियों को निकाला जाएगा, जिनका इटावा में ठहराव नहीं है। इससे मौजूदा रेलवे लाइन पर काफी बोझ कम होगा। इसमें मालगाड़ियां भी शामिल होंगी।
इतनी है लागत
इटावा में बनने वाले रेल फ्लाईओवर की लागत करीब 894.47 करोड़ रुपये है और रेलवे इसको 2020-21 तक बनाकर तैयार कर देगी। इन दोनों रेल फ्लाईओवर के बन जाने के बाद रेलवे अन्य जगह पर इसका निर्माण शुरू करेगी। रेलवे ने यात्रा में लगने वाले समय को कम करने के लिए वंदे भारत एक्सप्रेस (टी 18) और गतिमान एक्सप्रेस जैसी ट्रेनों को शुरू किया है। फिलहाल वंदे भारत दिल्ली-वाराणसी के बीच और गतिमान हजरत निजामुद्दीन-आगरा कैंट तक चलती है। भविष्य में रेलवे इस तरह की ट्रेनों को और चलाएगा।