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भारत को बड़े स्तर पर विनिवेश की जरूरत: विरल आचार्य
Mon, 04 Nov 2019 07:52 PM IST
paliwal पालीवाल
बिजनेस डेस्क, अमर उजाला
बिजनेस डेस्क, अमर उजाला
Published by: paliwal पालीवाल
Updated Mon, 04 Nov 2019 07:52 PM IST
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रिजर्व बैंक के पूर्व डिप्टी गवर्नर विरल आचार्य ने भारत सरकार को बॉन्ड बाजार में हिस्सेदारी घटाने का सुझाव दिया है। उन्होंने कहा कि मौजूदा हालात में भारत को बड़ी विनिवेश योजना की जरूरत है। साथ ही भूमि, श्रम और कृषि क्षेत्र में तत्काल बड़े सुधार का प्रयास होना चाहिए।
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‘कोलंबिया विश्वविद्यालय में भारतीय अर्थव्यवस्था : अगले पांच वर्ष’ विषय पर चर्चा के दौरान आचार्य ने आर्थिक विकास तेज करने के लिए कुछ सुधारों पर जोर दिया। उन्होंने कहा कि सबसे पहली सलाह यह है कि सरकार को कुछ घोषित योजनाओं को फिलहाल टाल देना चाहिए।
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यह आसान नहीं होगा, लेकिन ऐसे भारी-भरकम प्रोजेक्ट को तर्कसंगत बनाना होगा जिनसे अपेक्षित लाभ नहीं मिल रहा है। ऐसी योजनाएं जिनका राजनीतिक और सामाजिक रूप से कम प्रभाव पड़ेगा, उन्हें हटाकर नई योजनाओं को शामिल करने पर जोर देना होगा। जनवरी 2017 से जुलाई 2019 तक आरबीआई के डिप्टी गवर्नर रहे विरल आचार्य ने कहा कि सरकार को बड़े पैमाने पर अपनी हिस्सेदारी बेचने और विनिवेश पर ध्यान देना चाहिए। साथ ही बांड बाजार से पूंजी जुटाने के बजाए इक्विटी बाजार से धन जुटाने पर जोर देना चाहिए।
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बिना सुधार पीछे छूट जाएंगे 30 करोड़ लोग
आचार्य ने कहा कि मौजूदा समय में भारत सरकार को भूमि, श्रम और कृषि क्षेत्र में व्यापक सुधार किए जाने की जरूरत है। इसके बिना आने वाले समय में मध्य वर्ग के 20-30 करोड़ लोगों को विकास के अगले पायदान तक नहीं पहुंचा सकेंगे, जहां उनकी खपत सालाना 10 फीसदी पहुंच जाएगी। मौजूदा स्थितियों में मध्य वर्ग अपनी खपत को कभी 10 फीसदी नहीं पहुंचा सकता है।