फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
डाउनलोड करें

सब्सक्राइब करें
Hindi News ›   Business ›   Business Diary ›   Indian economy doing well in adverse global environment: MPC member

भारतीय अर्थव्यवस्था: प्रतिकूल वैश्विक माहौल में भी प्रदर्शन अच्छा, एमपीसी सदस्य बोलीं- आर्थिक संकेतक बेहतर हुए

Wed, 20 Sep 2023 12:57 PM IST
कुमार विवेक न्यूज डेस्क, अमर उजाला, नई दिल्ली
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, नई दिल्ली Published by: कुमार विवेक Updated Wed, 20 Sep 2023 12:57 PM IST
सार

Indian Economy: मौद्रिक नीति समिति की सदस्य आशिमा गोयल ने कहा है कि भारत को अभी अपनी पूरी क्षमता हासिल करने के लिए काफी लंबा रास्ता तय करना है। गोयल ने मीडिया से कहा, ‘‘संयुक्त प्रगतिशील गठबंधन (संप्रग) सरकार को विरासत में एक मजबूत अर्थव्यवस्था मिली थी और साथ ही उस दौर की ऊंची वृद्धि से भी उसे लाभ हुआ था।’’

विज्ञापन
Indian economy doing well in adverse global environment: MPC member
भारतीय अर्थव्यवस्था - फोटो : istock

विस्तार

भारतीय अर्थव्यवस्था प्रतिकूल वैश्विक माहौल के बीच अच्छा प्रदर्शन कर रही है। भारतीय रिजर्व बैंक (आरबीआई) की मौद्रिक नीति समिति की सदस्य आशिमा गोयल ने यह बात कही है। उन्होंने कहा कि नरेन्द्र मोदी की अगुवाई वाली सरकार ने पिछले नौ साल के दौरान कई सुधार लागू किए हैं, जिससे महत्वपूर्ण वृहद आर्थिक संकेतक बेहतर हुए हैं।

विज्ञापन


हालांकि, इसके साथ ही उन्होंने कहा कि भारत को अभी अपनी पूरी क्षमता हासिल करने के लिए काफी लंबा रास्ता तय करना है। गोयल ने मीडिया से कहा, ‘‘संयुक्त प्रगतिशील गठबंधन (संप्रग) सरकार को विरासत में एक मजबूत अर्थव्यवस्था मिली थी और साथ ही उस दौर की ऊंची वृद्धि से भी उसे लाभ हुआ था।’’
विज्ञापन


उन्होंने कहा कि 2008 के बाद वैश्विक आर्थिक संकट के प्रभाव और भ्रष्टाचार से जुड़े घोटालों से अर्थव्यवस्था कमजोर हुई। उनसे पूछा गया था कि वह संप्रग सरकार के 10 साल (2004-14) और मोदी के नेतृत्व वाली राष्ट्रीय जनतांत्रिक गठबंधन (राजग) सरकार के नौ साल के कार्यकाल के प्रदर्शन की तुलना कैसे करेंगी।
विज्ञापन
विज्ञापन


उन्होंने कहा कि मोदी सरकार को दोहरा घाटा (उच्च राजकोषीय घाटा और उच्च चालू खाते का घाटा), ऊंची मुद्रास्फीति और कमजोर बैंक विरासत में मिले थे लेकिन उन्होंने इन सभी में सुधार किया है, और अन्य सुधारों को भी लागू किया है। इसी कारण एक प्रतिकूल वैश्विक वातावरण में भारतीय अर्थव्यवस्था अच्छा प्रदर्शन कर रही है।

कुछ अमेरिकी अर्थशास्त्रियों के इस दावे कि भारत आर्थिक वृद्धि को बढ़ा-चढ़ाकर पेश कर रहा है, गोयल ने कहा कि तिमाही आंकड़ों को बढ़ा-चढ़ाकर पेश नहीं किया जा सकता। ये आंकड़े मौसमी और आधार प्रभाव के साथ-साथ ‘माप’ के मुद्दों पर आधारित होते हैं।

उन्होंने स्पष्ट करते हुए कहा कि चालू वित्त वर्ष की पहली तिमाही की वृद्धि दर आधार प्रभाव की वजह से ऊंची रही है। 2020-21 की पहली तिमाही में अर्थव्यवस्था में 23.2 प्रतिशत की बड़ी गिरावट आई थी। उन्होंने कहा कि 2021-22 की पहली तिमाही में वृद्धि दर 21.6 प्रतिशत रही। 2022-23 की पहली तिमाही में यह 13.1 पतिशत और 2023-24 की पहली तिमाही में 7.8 प्रतिशत रही है। भारत की 2023-24 की अप्रैल-जून अवधि की सकल घरेलू उत्पाद (जीडीपी) की वृद्धि दर 7.8 प्रतिशत रही है, जो पिछली चार तिमाहियों का सबसे ऊंचा स्तर है।


गोयल ने कहा कि पिछले तीन वित्त वर्षों में वृद्धि दर क्रमश: नकारात्मक 6.6 प्रतिशत, 9.1 प्रतिशत और 7.2 प्रतिशत रही है। इससे पता चलता है कि आधार प्रभाव का असर धीरे-धीरे कम हो रहा है। उन्होंने कहा, ‘‘सभी प्रकार के आंकड़े बताते हैं कि वृद्धि मजबूत है।’’ उन्होंने कहा कि वैश्विक सुस्ती के बीच छह प्रतिशत की सालाना वृद्धि को काफी शानदार माना जाएगा।

विज्ञापन
विज्ञापन
सबसे विश्वसनीय Hindi News वेबसाइट अमर उजाला पर पढ़ें कारोबार समाचार और Union Budget से जुड़ी ब्रेकिंग अपडेट। कारोबार जगत की अन्य खबरें जैसे पर्सनल फाइनेंस, लाइव प्रॉपर्टी न्यूज़, लेटेस्ट बैंकिंग बीमा इन हिंदी, ऑनलाइन मार्केट न्यूज़, लेटेस्ट कॉरपोरेट समाचार और बाज़ार आदि से संबंधित ब्रेकिंग न्यूज़
 
रहें हर खबर से अपडेट, डाउनलोड करें अमर उजाला हिंदी न्यूज़ APP अपने मोबाइल पर।
Amar Ujala Android Hindi News APP Amar Ujala iOS Hindi News APP
विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन

एड फ्री अनुभव के लिए अमर उजाला प्रीमियम सब्सक्राइब करें

Next Article

AU ऐप में पढ़ें

Followed