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IMF: वैश्विक वद्धि में 17 फीसदी योगदान देगा भारत; आईएमएफ ने भारतीय अर्थव्यवस्था के मजबूत प्रदर्शन को सराहा
Sat, 20 Apr 2024 06:08 AM IST
निर्मल कांत
एजेंसी, वॉशिंगटन।
एजेंसी, वॉशिंगटन।
Published by: निर्मल कांत
Updated Sat, 20 Apr 2024 06:08 AM IST
सार
IMF: आईएमएफ ने चुनावी वर्ष में राजकोषीय अनुशासन बनाए रखने के लिए भारत की सराहना की है। इसने कहा, अर्थव्यवस्था अच्छा प्रदर्शन कर रही है। इसकी 6.8 प्रतिशत की वृद्धि बहुत अच्छी है।
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अंतरराष्ट्रीय मुद्रा कोष।
- फोटो : एएनआई (फाइल)
विस्तार
अंतरराष्ट्रीय मुद्रा कोष यानी आईएमएफ ने चुनावी वर्ष में राजकोषीय अनुशासन बनाए रखने के लिए भारत की सराहना की है। इसने कहा, अर्थव्यवस्था अच्छा प्रदर्शन कर रही है। इसकी 6.8 प्रतिशत की वृद्धि बहुत अच्छी है। आईएमएफ में एशिया व प्रशांत विभाग के निदेशक कृष्णा श्रीनिवासन ने कहा, भारत वैश्विक वृद्धि में 17 फीसदी का योगदान करेगा।
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श्रीनिवासन ने कहा, महंगाई कम हो रही है। इसे तय लक्ष्य तक लाया जाए। आखिरकार ठोस मैक्रो फंडामेंटल ही वह आधार है, जिसके आधार पर देश समृद्ध होते हैं और टिकाऊ वृद्धि करते हैं। इसे बनाए रखना बेहद महत्वपूर्ण है।
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श्रीनिवासन के मुताबिक, भारत ने कई वर्षों में कई झटकों को झेला है। उससे सफलतापूर्वक पार पाया है। यह सबसे तेजी से बढ़ती प्रमुख जीडीपी में से एक बनकर उभर रहा है। चालू वित्त वर्ष में निजी खपत और सरकारी निवेश के नेतृत्व में 6.8 प्रतिशत की वृद्धि दर का अनुमान है। भारत में लगातार महंगाई कम हो रही है। यह अब पांच फीसदी से नीचे है।
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भारत बेहतरीन स्थान
श्रीनिवासन ने कहा, भारत बेहतरीन स्थान है। विदेशी मुद्रा भंडार की स्थिति मजबूत है। समग्र मैक्रो फंडामेंटल अच्छा है। अर्थव्यवस्था के जोखिम मोटे तौर पर संतुलित हैं। भारत में पूंजी निवेश में निजी सेक्टर ज्यादा खर्च कर सकता है।
डीपीआई प्रमुख चालक
श्रीनिवासन के अनुसार, दूसरा चालक डिजिटल पब्लिक इंफ्रास्ट्रक्चर (डीपीआई) है। डीपीआई जो करता है वह प्रतिस्पर्धा और इनोवेशन को बढ़ावा देकर उत्पादकता बढ़ाता है। यह वित्तीय समावेशन को भी बढ़ावा देता है और सरकारी क्षेत्र को और अधिक कुशल बनाता है।
रियल समय में लेनदेन में भारत का हिस्सा 46 फीसदी
आर्थिक मामलों के सचिव अजय सेठ ने विश्व बैंक कमिटी के सदस्यों को बताया कि 2022 में वास्तविक समय में लेनदेन में 46% के साथ भारत शीर्ष पर है। इस साल मार्च में मासिक लेनदेन 13.44 अरब हुआ। कुल राशि 19.78 लाख करोड़ रुपये थी।
यूपीआई ऑनलाइन लेनदेन का वॉल्यूम दिसंबर तिमाही में सालाना आधार पर 54% बढ़ा है। आज बढ़ी हुई मोबाइल कनेक्टिविटी व बैंक खातों के साथ जुड़ाव भारत की समावेशी आर्थिक विकास की कहानी का एक अभिन्न अंग बन गया है।
भारत की अर्थव्यवस्था ने खपत और निवेश मांग के समर्थन से पिछले वर्ष में मजबूत वृद्धि दिखाई है। खोजपरक इकोसिस्टम बढ़ाने व एआई क्षमताओं को विकसित करने, स्टार्टअप को फंडिंग व अन्य के लिए सरकार ने 103 अरब के बजट खर्च को मंजूरी दी है।
हमारा रुख सही, खाद्य महंगाई से सावधान रहने की जरूरत: आरबीआई
आरबीआई ने कहा है कि वर्तमान नीति का रुख सही है। लेकिन आगे चलकर हमें खाद्य महंगाई से सावधान रहने की जरूरत है। इस महीने एमपीसी की बैठक का ब्योरा जारी करते हुए केंद्रीय बैंक ने कहा,अवस्फीति प्रक्रिया को बाधित करने वाली बाहरी आकस्मिकताओं जैसे कारकों से सावधान रहने की जरूरत है। हाल में कमी के बावजूद लगातार ऊंची बनी रहने वाली महंगाई दर पर एमपीसी ने चिंता जताई है। स्पष्ट जोखिम सामने आने तक मुद्रास्फीति पर दबाव बनाए रखने की जरूरत पर जोर दिया। एमपीसी के पांच सदस्यों ने रेपो दर को यथावत रखने पर वोट किया था।