फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
डाउनलोड करें

सब्सक्राइब करें
Hindi News ›   Business ›   Business Diary ›   India-US: Trump initial tariff effect from today; Additional tariff may affect textile, marine products

US Tariffs: ट्रंप ने भारत पर थोपा 25% अतिरिक्त टैरिफ, रूसी तेल खरीद पर जुर्माना; नया फैसला 27 अगस्त से प्रभावी

Thu, 07 Aug 2025 01:39 AM IST
शिव शुक्ला अमर उजाला ब्यूरो/डेस्क, नई दिल्ली।
अमर उजाला ब्यूरो/डेस्क, नई दिल्ली। Published by: शिव शुक्ला Updated Thu, 07 Aug 2025 01:39 AM IST
सार

अमेरिका ने भारत पर टैरिफ बढ़ाकर 50 फीसदी करने का एलान किया है। हालांकि, नया फैसला 27 अगस्त से प्रभावी होगा। जानकारों के मुताबिक अगर अमेरिका अधिक टैरिफ वसूलने के फैसले पर कायम रहता है तो भारत के कपड़ा, समुद्री उत्पाद और चमड़ा निर्यात जैसे क्षेत्रों पर सबसे बुरा असर पड़ सकता है। टैरिफ नीतियों के अलावा अमेरिका ने कहा है कि अगर भारत रूस से तेल खरीदेगा तो जुर्माना वसूला जाएगा। जानिए क्या हैं नए फैसले के मायने

विज्ञापन
India-US: Trump initial tariff effect from today; Additional tariff may affect textile, marine products
अमेरिकी राष्ट्रपति ट्रंप, भारत के प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और रूस के राष्ट्रपति पुतिन। - फोटो : अमर उजाला

विस्तार

अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने भारत पर 25 फीसदी अतिरिक्त टैरिफ लगा दिया है। यह टैरिफ रूस से तेल खरीदना जारी रखने पर जुर्माने के तौर पर लगाया गया है। अतिरिक्त टैरिफ के बाद कुछ छूट प्राप्त वस्तुओं को छोड़कर, भारतीय वस्तुओं पर कुल टैरिफ 50 प्रतिशत होगा। ट्रंप ने अपने प्रारंभिक टैरिफ लागू होने से 14 घंटे से भी कम समय पहले अतिरिक्त टैरिफ लगाने संबंधी कार्यकारी आदेश पर हस्ताक्षर कर दिए। 30 जुलाई को ट्रंप ने भारतीय वस्तुओं पर 25 फीसदी टैरिफ लगाने का एलान किया था, जो 7 अगस्त यानी आज से प्रभावी होगा। वहीं, अतिरिक्त टैरिफ 21 दिन बाद यानी 27 अगस्त से प्रभावी होगा। ट्रंप पिछले दिनों कई बार यह बात दोहारा चुके हैं कि भारत, रूस से तेल खरीदता है और ऐसा करके वह यूक्रेन युद्ध को भड़काने में रूसी राष्ट्रपति व्लादिमीर पुतिन की मदद कर रहा है। एक दिन पहले भी उन्होंने 24 घंटे के भीतर भारत पर बहुत अधिक टैरिफ लगाने की बात कही थी।

विज्ञापन


कम शुल्क से भारत के प्रतिस्पर्धियों को अमेरिकी बाजार में मिलेगी बढ़त
अमेरिका के टैरिफ बढ़ाकर 50 फीसदी करने से भारत पर दोहरी मार पड़ने की संभावना है। अधिक टैरिफ होने से भारत के कपड़ा, समुद्री उत्पाद और चमड़ा निर्यात जैसे क्षेत्रों पर सबसे बुरा असर पड़ सकता है। इसके अलावा, म्यांमार, कंबोडिया और बांग्लादेश जैसे क्षेत्रीय प्रतिस्पर्धी देशों पर कम शुल्क होने से अमेरिका बाजार में भारतीय उत्पादों के पिछड़ने का खतरा भी पैदा हो गया है।
विज्ञापन


किन देशों पर कितना टैरिफ
अतिरिक्त टैरिफ के बाद भारत ब्राजील के साथ दुनिया का सबसे अधिक अमेरिकी टैरिफ वाला देश बन जाएगा। अमेरिका ने म्यांमार पर 40 फीसदी, थाईलैंड और कंबोडिया पर 36-36 फीसदी, बांग्लादेश पर 35 फीसदी, इंडोनेशिया पर 32 फीसदी, चीन और श्रीलंका पर 30-30 फीसदी, मलयेशिया पर 25 और फिलिपींस और वियतनाम पर 20-20 फीसदी टैरिफ लगाया है। इन देशों का अमेरिका के साथ कई क्षेत्रों में कारोबार है, जिसका सीधा भारत से संबंध है। अब जब इन देशों पर और भारत पर अधिक टैरिफ होगा, तो स्वाभाविक रूप से अमेरिकी बाजार में भारत के इन प्रतिस्पर्धी देशों को बढ़त मिलेगी। हालांकि, टैरिफ में कटौती की एक उम्मीद भारत और अमेरिका के बीच द्विपक्षीय व्यापार समझौते की स्थिति में नजर आ रही है, जिसके लिए अमेरिका वार्ताकारों की टीम 25 अगस्त को भारत आने वाली है।
विज्ञापन
विज्ञापन


इन क्षेत्रों पर पड़ेगा असर
अमेरिका के बढ़े टैरिफ पर जिन क्षेत्रों को सबसे ज्यादा खामियाजा भुगतना पड़ेगा, उनमें वस्त्र/परिधान (10.3 अरब ऑलर), रत्न एवं आभूषण (12 अरब डॉलर), झींगा (2.24 अरब डॉलर), चमड़ा एवं जूते (1.18 अरब डॉलर), पशु उत्पाद, रसायन (2.34 अरब डॉलर) और विद्युत एवं यांत्रिक मशीनरी (9 अरब डॉलर) शामिल हैं। निर्यातकों के अनुसार, इस कदम से अमेरिका को भारत के 86 अरब डॉलर मूल्य के निर्यात पर गंभीर असर पड़ेगा।

उच्च टैरिफ से इन वस्तुओं को छूट
हालांकि, अमेरिका ने उच्च टैरिफ से कुछ वस्तुओं को बाहर रखा है। इनमें फार्मास्यूटिकल्स, ऊर्जा उत्पाद जैसे कच्चा तेल, परिष्कृत ईंधन, प्राकृतिक गैस, कोयला और बिजली, महत्वपूर्ण खनिज और इलेक्ट्रॉनिक्स जैसे कंप्यूटर, टैबलेट, स्मार्टफोन, सॉलिड-स्टेट ड्राइव, फ्लैट पैनल डिस्प्ले और एकीकृत सर्किट शामिल हैं।

55 फीसदी अमेरिकी निर्यात होगा प्रभावित
भारतीय निर्यात संगठन महासंघ (फियो) के महानिदेशक अजय सहाय ने टैरिफ बढ़ाने के अमेरिका के कदम को हैरान करने वाला बताया है। उन्होंने कहा कि इससे अमेरिका को भारत के 55 प्रतिशत निर्यात पर असर पड़ेगा। 2024-25 में भारत और अमेरिका के बीच द्विपक्षीय व्यापार 131.8 अरब डॉलर का हुआ था। इसमें भारत ने 86.5 अरब डॉलर की वस्तुओं का निर्यात किया था और 45.3 अरब डॉलर के सामान का आयात किया था।

निर्यात में 50 फीसदी तक कमी संभव
थिंक टैंक ग्लोबल ट्रेड रिसर्च इनीशिएटिव (जीटीआरआई) ने कहा कि टैरिफ से अमेरिका में भारतीय सामान महंगा हो जाने की आशंका है। इससे अमेरिका को होने वाले निर्यात में 40-50 प्रतिशत तक की कमी आने की संभावना है। कोलकाता स्थित समुद्री खाद्य निर्यातक और मेगा मोडा के एमडी योगेश गुप्ता ने कहा कि अब अमेरिकी बाजार में भारत का झींगा महंगा हो जाएगा। उन्होंने कहा, हमें पहले से ही इक्वाडोर से भारी प्रतिस्पर्धा का सामना करना पड़ रहा है क्योंकि वहां केवल 15 फीसदी टैरिफ है। भारतीय झींगा पर पहले से ही 2.49 फीसदी एंटी-डंपिंग ड्यूटी और 5.77 फीसदी काउंटरवेलिंग ड्यूटी लगती है। इस 25 फीसदी के बाद, 7 अगस्त से शुल्क 33.26 फीसदी हो जाएगा।

कपड़ा उद्योग के लिए झटका
भारतीय वस्त्र उद्योग परिसंघ (सीआईटीआई) ने अतिरिक्त टैरिफ के ऐलान को भारतीय कपड़ा उद्योग के लिए बड़ा झटका बताया है। इससे उद्योग के लिए अमेरिका में प्रतिस्पर्धा और तगड़ा हो जाएगा। परिसंघ ने कहा कि वह 50 प्रतिशत अमेरिकी टैरिफ दर के संभावित प्रतिकूल प्रभाव को लेकर बेहद चिंतित है। अमेरिका भारत का कपड़ा और परिधान निर्यात का सबसे बड़ा बाजार है। कामा ज्वेलरी के प्रबंध निदेशक कॉलिन शाह ने कहा कि यह कदम भारतीय निर्यात के लिए एक गंभीर झटका है। इससे अमेरिका को लगभग 55 प्रतिशत निर्यात सीधे तौर पर प्रभावित होगा।

वार्ता के लिए विकल्प खुला रखा
भारत पर दबाव बनाने की अपनी चाल के तहत ट्रंप ने अतिरिक्त 25 फीसदी टैरिफ लगाने का एलान तो कर दिया है, लेकिन बातचीत के लिए विकल्प भी खुला रखा है। कार्यकारी आदेश के अनुसार, अतिरिक्त टैरिफ 27 अगस्त से प्रभावी होगा, जबकि द्विपक्षीय व्यापार समझौते पर बातचीत करने के लिए अमेरिकी टीम 25 अगस्त को ही भारत आ रही है। ट्रंप ने प्रारंभिक टैरिफ की घोषणा के बाद भी वार्ता के विकल्प खुले रखे थे। शुरुआत में प्रारंभिक टैरिफ 1 अगस्त को लागू होना था, जिसे बढ़ाकर 7 अगस्त कर दिया था।


50 फीसदी टैरिफ अनुचित कदम : भारत
भारत ने अमेरिका की ओर से कुल 50 फीसदी टैरिफ लगाने को अनुचित कदम बताया है। विदेश मंत्रालय ने कहा कि भारत का ऊर्जा आयात बाजार कारकों पर आधारित है। इसका उद्देश्य देश के लिए ऊर्जा सुरक्षा सुनिश्चित करना है। भारतीय वस्तुओं पर 50 फीसदी टैरिफ अनुचित, अन्यायपूर्ण और अविवेकपूर्ण हैं। भारत अपने राष्ट्रीय हितों की रक्षा के लिए सभी आवश्यक कदम उठाएगा।

विज्ञापन
विज्ञापन
सबसे विश्वसनीय Hindi News वेबसाइट अमर उजाला पर पढ़ें कारोबार समाचार और Union Budget से जुड़ी ब्रेकिंग अपडेट। कारोबार जगत की अन्य खबरें जैसे पर्सनल फाइनेंस, लाइव प्रॉपर्टी न्यूज़, लेटेस्ट बैंकिंग बीमा इन हिंदी, ऑनलाइन मार्केट न्यूज़, लेटेस्ट कॉरपोरेट समाचार और बाज़ार आदि से संबंधित ब्रेकिंग न्यूज़
 
रहें हर खबर से अपडेट, डाउनलोड करें अमर उजाला हिंदी न्यूज़ APP अपने मोबाइल पर।
Amar Ujala Android Hindi News APP Amar Ujala iOS Hindi News APP
विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन

एड फ्री अनुभव के लिए अमर उजाला प्रीमियम सब्सक्राइब करें

Next Article

AU ऐप में पढ़ें

Followed