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India-Us: अमेरिका से संबंधों को और प्रगाढ़ बनाएगा भारत, वित्त मंत्री बोलीं- दोनों देशों का नजरिया सकारात्मक
Fri, 11 Nov 2022 05:33 PM IST
विवेक दास
बिजनेस डेस्क, अमर उजाला, नई दिल्ली
बिजनेस डेस्क, अमर उजाला, नई दिल्ली
Published by: विवेक दास
Updated Fri, 11 Nov 2022 05:33 PM IST
सार
India-Us: वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण ने कहा है कि भारत एक विश्वसनीय भागीदार के रूप में अमेरिका के साथ अपने संबंधों को गहराई से महत्व देता है। भारत के प्रधानमंत्री और अमेरिका के राष्ट्रपति के बीच महत्वपूर्ण और लगातार हो रही बातचीत से रणनीतिक साझेदारी को मजबूत करने में मदद मिली है।
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भारत-अमेरिका साझेदारी
- फोटो : amarujala.com
विस्तार
वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण ने शुक्रवार को कहा कि भारत और अमेरिका द्विपक्षीय रिश्तों को नई ऊंचाई पर ले जाने के लिये पूरे उत्साह के साथ काम करेंगे और इसको लेकर दोनों देशों का नजरिया काफी सकारात्मक है। साथ ही वित्त मंत्री ने कहा कि अगले 10-15 वर्षों में भारत दुनिया की तीसरी सबसे बड़ी अर्थव्यवस्था बन जाएगा। नौवीं भारत-अमेरिका वित्तीय भागीदारी मंच की बैठक की शुरुआत के मौके पर अमेरिकी वित्त मंत्री जेनेट येलेन के साथ संयुक्त रूप से संवाददाताओं को संबोधित करते हुए सीतारमण ने कहा कि द्विपक्षीय वार्ता से हमारे बीच लंबे समय से चले आ रहे बेहतर संबंधों को और मजबूती मिलेगी।
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उन्होंने कहा ‘‘भारत एक विश्वसनीय भागीदार के रूप में अमेरिका के साथ अपने संबंधों को काफी महत्व देता है। हमारे बीच पारंपरिक रूप से मजबूत द्विपक्षीय संबंध हैं जो साझा मूल्यों, व्यापक मुद्दों पर आपसी हितों और दोनों देशों के लोगों के जीवंत संपर्क पर आधारित है।’’ वित्त मंत्री ने कहा कि आर्थिक और वित्तीय भागीदारी मंच के माध्यम से पर्याप्त और बहुआयामी सहयोग द्विपक्षीय संबंधों की एक प्रमुख आधारशिला है।
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उन्होंने कहा, ‘‘हमारी बैठक हमारे आर्थिक संबंधों को और अधिक मजबूती देगी, दोनों देशों की कंपनियों के बीच संबंधों को मजबूत करेगी और वैश्विक आर्थिक चुनौतियों को दूर करने के लिये समन्वित नीतिगत रुख को सुगम बनाएगी।’’ बता दें कि यह बैठक ऐसे समय में हो रही है जब भारत जी-20 की अध्यक्षता संभालाने वाला है।
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सीतारमण ने कहा, ‘‘हम वैश्विक आर्थिक चुनौतियों का अधिक समन्वित तरीके से और बहुपक्षीय व्यवस्था को मजबूत कर अमेरिका के साथ निकट सहयोग जारी रखेंगे।’’ अमेरिकी वित्त मंत्री येलेन ने कहा कि भारत-अमेरिका सहयोग न केवल आर्थिक विकास और स्थिरता को बढ़ावा देगा बल्कि यह हिंद-प्रशांत क्षेत्र में आर्थिक समृद्धि के समर्थन के लिहाज से भी मददगार हो सकता है।
येलेन ने कहा, ‘‘भारत आने वाले दिनों में जी-20 की अध्यक्षता संभालने जा रहा है। इसको देखते हुए, हम अपनी साझा प्राथमिकताओं पर चर्चा करने को उत्सुक हैं।’’ उन्होंने कहा, ‘‘हम यह भी उम्मीद करते हैं कि हमारे बीच जो आपसी समझ बनी है, उससे हमें अपने साझा लक्ष्यों को आगे बढ़ाने में मदद मिलेगी। इसमें जलवायु परिवर्तन के जोखिम को कम करना, बहुपक्षीय संस्थानों को विकसित करना और कई विकासशील देशों पर जारी कर्ज बोझ को दूर करना शामिल है।’’ येलेन ने कहा कि अमेरिका, भारत के साथ द्विपक्षीय आर्थिक संबंधों को मजबूत करने और सहयोग के स्तर को और प्रगाढ़ बनाने को लेकर प्रतिबद्ध है।
वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण ने कहा है कि भारत एक विश्वसनीय भागीदार के रूप में अमेरिका के साथ अपने संबंधों को गहराई से महत्व देता है। भारत के प्रधानमंत्री और अमेरिका के राष्ट्रपति के बीच महत्वपूर्ण और लगातार हो रही बातचीत से रणनीतिक साझेदारी को मजबूत करने में मदद मिली है। इस प्रतिबद्धता से हमारे अमेरिका के साथ संबंध मजबूत हुए हैं।
वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण ने दिल्ली में आयोजित भारत-अमेरिका आर्थिक वित्तीय साझेदारी की 9वीं बैठक के दौरान कहा है कि हम वैश्विक आर्थिक चुनौतियों का अधिक समन्वित तरीके से सामना करेंगे और बहुपक्षवाद को मजबूत करने के लिए अमेरिका के घनिष्ठ सहयोग पर भरोसा करना जारी रखेंगे।
वहीं दूसरी ओर, बैठक में भाग लेने पहली बार भारत आईं अमेरिका की ट्रेजरी सचिव जेनेट ऐलन ने कहा है हमें उम्मीद है कि हमने जो आपसी समझ बनाई है, वह हमारे साझा लक्ष्यों को आगे बढ़ाने, जलवायु परिवर्तन के अस्तित्व संबंधी जोखिम को कम करने, बहुपक्षीय संस्थानों को सहयोग प्रदान करने और कई विकासशील देशों द्वारा सामना किए जाने वाले कर्ज के बोझ को दूर करने के लिए मिलकर काम करने में हमारी मदद करेगी।