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India UK FTA: भारत-यूके एफटीए से जुड़े नियम जारी, 15 जुलाई से होंगे लागू

Sun, 05 Jul 2026 04:04 PM IST
नितिन गौतम आईएएनएस, नई दिल्ली
आईएएनएस, नई दिल्ली Published by: नितिन गौतम Updated Sun, 05 Jul 2026 04:04 PM IST
सार

भारत और ब्रिटेन के बीच हुए मुक्त व्यापार समझौते के नियम जारी हो गए हैं। इन नियमों के तहत कोई उत्पाद भारत या यूके में बना हो, तभी उस उत्पाद पर मुक्त व्यापार समझौते के तहत फायदा मिलेगा। 

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INDIA UK fta rules issues implement from this date
भारत ब्रिटेन व्यापार समझौते के नियम जारी - फोटो : आईएएनएस

विस्तार

भारत-यूके आर्थिक और व्यापार समझौता 15 जुलाई से लागू होने वाला है और केंद्र सरकार ने इस समझौते से जुडे़ नियमों को जारी कर दिया है। वित्त मंत्रालय की ओर से जारी ताजा नोटिफिकेशन के मुताबिक, कोई प्रोडक्ट भारत या यूके में बना हुआ तब माना जाएगा, जब वह पूरी तरह से इनमें से किसी एक देश में बनाया गया हो, पूरी तरह से वहीं के सामग्रियों से बनाया गया हो, या फिर समझौते के तहत तय उत्पाद-विशिष्ट मूल की शर्तों को पूरा करते हुए, बाहर के इनपुट का इस्तेमाल करके बनाया गया हो।  
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क्या है नए नियमों में?
  • केंद्रीय अप्रत्यक्ष कर और सीमा शुल्क बोर्ड (सीबीआईसी) द्वारा जारी किए गए नियम बताते हैं कि कौन-सा सामान समझौते के तहत खास टैरिफ सुविधा के लिए योग्य है या नहीं, और साथ ही निर्यातकों और आयातकों के लिए जरूरी नियमों का पालन करने की शर्तें भी तय करते हैं। यह नियम भी समझौते के साथ ही 15 जुलाई से लागू हो जाएंगे।
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  • अधिसूचना के अनुसार, 'इन नियमों को 'कस्टम्स टैरिफ (भारत और यूनाइटेड किंगडम ऑफ ग्रेट ब्रिटेन एंड नॉर्दर्न आयरलैंड के बीच व्यापक आर्थिक और व्यापार समझौते के तहत सामान के मूल स्थान का निर्धारण) नियम, 2026' कहा जाएगा। ये नियम 15 जुलाई, 2026 से लागू होंगे।'
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उत्पादों के निर्यात को लेकर साफ दिशा-निर्देश
यह नियम मिला-जुला व्यवहार की सुविधा देता है, जिससे एक पार्टनर देश में बनी चीजों को दूसरे देश में आगे के प्रोडक्शन में इस्तेमाल करने पर उसी देश का बना हुआ माना जा सकता है। इसमें यह भी बताया गया है कि साधारण रीपैकेजिंग, रीलेबलिंग, धुलाई, छंटाई, पॉलिशिंग, साधारण असेंबली और दूसरे छोटे-मोटे कामों से किसी प्रोडक्ट को 'ओरिजिनेटिंग स्टेटस' (मूल देश का दर्जा) नहीं मिलेगा। कस्टम्स अधिकारियों के पास ओरिजिन के दावों की जांच करने और तय शर्तों को पूरा न करने वाले प्रोडक्ट्स को प्राथमिकता वाली सुविधा न देने का अधिकार होगा।

ये नियम उन आयातकों को भी छूट देते हैं जो आयात के समय टैरिफ फायदों का दावा नहीं कर पाए थे। वाणिज्य और उद्योग मंत्री पीयूष गोयल ने हाल ही में कहा कि भारत-यूके सीईटीए से व्यापार, निवेश और इनोवेशन के क्षेत्रों में सहयोग और मजबूत होगा, जिससे दोनों देशों की साझा समृद्धि में योगदान मिलेगा। सीईटीए से प्रोफेशनल्स के लिए नए रास्ते खुलेंगे। लंदन में, गोयल ने भारतीय कंपनियों से आग्रह किया कि वे यूके की कंपनियों के साथ अपना जुड़ाव बढ़ाएं और सीईटीए के तहत मिलने वाले मौकों को लगातार बिजनेस ग्रोथ में बदलें।


लंदन में 'इंडिया-यूके: पार्टनर्स इन प्रोग्रेस बिजनेस प्लेनरी' को संबोधित करते हुए गोयल ने कहा कि यह अहम व्यापार समझौता द्विपक्षीय व्यापार, निवेश, टेक्नोलॉजी पार्टनरशिप, इनोवेशन और सप्लाई चेन को मजबूत करने के बड़े मौके देता है।
 
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