Report: मोबाइल मालवेयर हमलों में भारत शीर्ष पर; बड़े बैंकों के ग्राहकों पर सबसे ज्यादा खतरा, 29% हमले बढ़े
जेडस्केलर थ्रेटलैब्ज-2024 मोबाइल, आईओटी एंड ओटी थ्रेट रिपोर्ट में कहा गया है कि भारत मोबाइल मालवेयर हमलों का सबसे बड़ा निशाना बन गया है। जून, 2023 से मई, 2024 के बीच दुनियाभर में जितने भी मोबाइल मालवेयर हमले हुए, उनमें सर्वाधिक 28 फीसदी भारत में किए गए।
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
विस्तार
भारत में दुनिया के किसी अन्य देश की तुलना में सबसे अधिक मोबाइल मालवेयर हमले हो रहे हैं। इस मामले में भारत ने अमेरिका और कनाडा को भी पीछे छोड़ दिया है। चिंताजनक बात है कि एचडीएफसी, आईसीआईसीआई और एक्सिस जैसे बड़े भारतीय बैंकों के मोबाइल ग्राहकों पर खतरा सबसे ज्यादा है। उन्हें निशाना बनाने के लिए फिशिंग के प्रयासों में बढ़ोतरी देखी गई है।
जेडस्केलर थ्रेटलैब्ज-2024 मोबाइल, आईओटी एंड ओटी थ्रेट रिपोर्ट में कहा गया है कि भारत मोबाइल मालवेयर हमलों का सबसे बड़ा निशाना बन गया है। जून, 2023 से मई, 2024 के बीच दुनियाभर में जितने भी मोबाइल मालवेयर हमले हुए, उनमें सर्वाधिक 28 फीसदी भारत में किए गए। इसके बाद अमेरिका में 27.3 फीसदी और कनाडा में 15.9 फीसदी हमले हुए।
यह रिपोर्ट जून, 2023 से मई, 2024 के बीच खतरे वाले मोबाइल लेनदेन और साइबर हमलों वाले 20 अरब से अधिक डाटासेट के विश्लेषण के आधार पर तैयार की गई है। मालवेयर एक सॉफ्टवेयर है, जिसका इस्तेमाल मोबाइल या कंप्यूटर पर किसी की पहचान चोरी करने या गोपनीय जानकारी में सेंध लगाने के लिए किया जाता है।
मोबाइल स्पाइवेयर हमलों में 111 फीसदी की चौंकाने वाली वृद्धि
रिपोर्ट में बैंकिंग मालवेयर हमलों में 29 फीसदी और मोबाइल स्पाइवेयर हमलों में 111 फीसदी की चौंकाने वाली वृद्धि का खुलासा किया गया है।
- आगे कहा गया है, आधे मोबाइल हमले ट्रोजन (मालवेयर जो उपयोगकर्ताओं को दुर्भावनापूर्ण सॉफ्टवेयर डाउनलोड करने और चलाने के लिए प्रेरित करता है) के कारण होते हैं। इसलिए, वित्तीय क्षेत्र विशेष रूप से असुरक्षित है।
- स्पाइवेयर मालवेयर का ही एक प्रकार है। इससे किसी व्यक्ति की जानकारी के बिना उसकी निजी जानकारी चुराई जाती है।
सुझाव...मजबूत करने होंगे सुरक्षा के उपाय
सिन्हा ने कहा, मालवेयर हमलों के मामले में पिछले साल इस सूची में तीसरे स्थान पर रहने वाला भारत अब शीर्ष पर पहुंच गया है। यह भारतीय उद्यमों के लिए मजबूत सुरक्षा उपायों को अपनाने की महत्वपूर्ण जरूरत को रेखांकित करता है। खासकर तेजी से डिजिटल बदलाव और बढ़ते साइबर खतरों के बीच।
भारतीय डाक सेवा भी शिकार
भारतीय डाक सेवा भी साइबर हमलावरों का निशाना बन गई। एसएमएस संदेशों का इस्तेमाल कर हमलावर मोबाइल उपयोगकर्ताओं को ऐसे फिशिंग साइटों पर जाने के लिए कहते हैं, जो उन्हें क्रेडिट कार्ड विवरण दर्ज करने के लिए प्रेरित करती हैं।
गूगल प्ले स्टोर पर 200 से अधिक खतरनाक एप
जेडस्केलर के सीआईएसओ-इंडिया के सुवब्रत सिन्हा ने कहा, लीगेसी सिस्टम और असुरक्षित आईओटी/ओटी (इंटरनेट ऑफ थिंग्स/ऑपरेशनल टेक्नोलॉजी) परिवेश साइबर अपराधियों का प्रमुख निशाना बन रहे हैं। इन्हें लक्ष्य बनाकर हैकिंग के प्रयासों में उल्लेखनीय वृद्धि हुई है। रिपोर्ट में कहा गया है कि गूगल प्ले स्टोर पर 200 से अधिक ऐसे एप मिले, जो सुरक्षा के लिहाज से खतरनाक थे। वहीं, आईओटी मालवेयर लेनदेन में सालाना आधार पर 45 फीसदी की वृद्धि हुई है, जो आज साइबर खतरों की व्यापक प्रकृति को बताती है।
सकारात्मक पहलू
सकारात्मक बात यह है कि मालवेयर उत्पत्ति स्थल के रूप में भारत ने सुधार किया है। वह एशिया-प्रशांत क्षेत्र में 5वें स्थान से 7वें स्थान पर पहुंच गया है।