Nirmala Sitharaman: 'वैश्विक चुनौतियों के बीच भारतीय बाजार ने दिखाया लचीलापन', बोलीं वित्त मंत्री
Nirmala Sitharaman: बढ़ते वैश्विक व्यापार युद्ध के बीच वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण ने कहा कि सरकार का ध्यान मजबूत घरेलू आधार बनाने पर रहेगा। बीएसई के 150 वर्ष पूरे होने के अवसर पर आयोजित एक कार्यक्रम में उन्होंने कहा कि हम नीतिगत बदलावों र दीर्घकालिक निवेश के साथ वैश्विक व्यवधानों से निपटेंगे। वित्त मंत्री ने आगे क्या कहा, आइए जानते हैं।
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हाल की वैश्विक अनिश्चितताओं के बावजूद भारत के वित्तीय बाजारों ने उल्लेखनीय लचीलापन दिखाया है। वित मंत्री निर्मला सीतारमण ने बीएसई के एक कार्यक्रम में यह बात कही। वित्त मंत्री ने कहा कि संरक्षणवादी नीतियों के बढ़ने से वैश्विक आपूर्ति शृंखला के बाधित होने और उत्पादन लागत बढ़ने की आशंका है। उन्होंने कहा कि वर्तमान परिस्थितियों में वैश्विक व्यापार को पटरी पर लाना बहुत ही चुनौतीपूर्ण हैं, लेकिन हम नीतिगत सुधारों और दीर्घकालिक निवेश के साथ व्यवधानों को दूर करने के लिए प्रतिबद्ध हैं।
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बढ़ते वैश्विक व्यापार युद्ध पर वित्त मंत्री ने की यह टिप्पणी
बढ़ते वैश्विक व्यापार युद्ध के बीच सीतारमण ने कहा कि सरकार का ध्यान मजबूत घरेलू आधार बनाने पर रहेगा। बीएसई के 150 वर्ष पूरे होने के अवसर पर आयोजित एक कार्यक्रम में उन्होंने कहा, "हम नीतिगत बदलावों र दीर्घकालिक निवेश के साथ वैश्विक व्यवधानों से निपटेंगे... व्यापार को फिर से संतुलित करने के प्रयास बहुत ही चुनौतीपूर्ण हैं।" मंत्री ने कहा कि हाल की वैश्विक अनिश्चितताओं के बावजूद भारत के वित्तीय बाजारों ने उल्लेखनीय लचीलापन दिखाया है और उन्होंने बाजारों में खुदरा निवेशकों के विश्वास की सराहना की।
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डीआईआई अब बाजार में सहायक नहीं प्रमुख भूमिका निभा रहे: सीतारमण
उन्होंने कहा कि घरेलू संस्थागत निवेशक (डीआईआई) अब भारतीय बाजारों में सहायक नहीं बल्कि प्रमुख भूमिका निभा रहे हैं। यह भारत के पूंजी बाजार की बढ़ती परिपक्वता और गहराई का परिचय देता है। इस महीने की शुरुआत में अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप की ओर से भारत सहित अधिकांश देशों पर टैरिफ लगाने की घोषणा के बाद से वैश्विक स्तर पर शेयर बाजारों में उथल-पुथल मची हुई है। अमेरिकी सरकार की ओर से पारस्परिक टैरिफ के क्रियान्वयन पर 90 दिनों की रोक लगाने की घोषणा के बाद बाजारों में कुछ सुधार हुआ।