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Tariff: ट्रंप की धमकियों के बीच सरकार ने किया टैरिफ का बचाव, मंत्री बोले- हम घरेलू उद्यागों की रक्षा चाहते

Tue, 01 Apr 2025 02:52 PM IST
कुमार विवेक बिजनेस डेस्क, अमर उजाला, नई दिल्ली
बिजनेस डेस्क, अमर उजाला, नई दिल्ली Published by: कुमार विवेक Updated Tue, 01 Apr 2025 02:52 PM IST
सार

Tariff: केंद्रीय मंत्री ने लोकसभा में कहा है कि भारत विश्व व्यापार संगठन का सदस्य है और किसी भी वस्तु पर लागू किए जा सकने वाले उसके अधिकतम टैरिफ से बंधा हुआ है। उन्होंने कहा कि हमारी ओर से लगाए जाने वाले टैरिफ आम तौर पर किसी भी वस्तु के लिए तय अधिकतम टैरिफ से कम होते हैं। मंत्री ने आगे क्या कहा, आइए जानें।
 

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India's tariff policy aims to regulate trade, protect domestic industries: Govt
केंद्रीय राज्यमंत्री जितिन प्रसाद - फोटो : अमर उजाला

विस्तार

भारत की टैरिफ नीति का मकसद व्यापार को विनियमित करना, घरेलू उद्योगों की रक्षा करना और आयातित व निर्यातित वस्तुओं पर कर लगाकर राजस्व पैदा करना है। केंद्रीय मंत्री जितिन प्रसाद ने मंगलवार को लोकसभा में यह बात कही। 

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केंद्रीय वाणिज्य व उद्योग राज्य मंत्री प्रसाद ने कहा कि सरकार टैरिफ और भारत की आर्थिक वृद्धि पर उसके असर के बारे में नीति आयोग की ओर से हाल में दिए गए बयानों से अवगत है। प्रसाद ने प्रश्नकाल के दौरान बताया कि नीति आयोग का बयान आर्थिक विकास हासिल करने और वैश्विक अर्थव्यवस्था में भारत को अधिक आकर्षक खिलाड़ी बनाने की भारत की व्यापक रणनीति के अनुरूप है।
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मंत्री से पूछा गया था कि क्या सरकार नीति आयोग के हाल के उस बयान से अवगत है जिसमें कहा गया है कि टैरिफ सुरक्षा से भारत को कोई लाभ नहीं है और आर्थिक विकास के लिए इसे टैरिफ कम करना जरूरी है। प्रसाद ने कहा कि भारत की टैरिफ नीति का उद्देश्य व्यापार को विनियमित करना, घरेलू उद्योगों की रक्षा करना और आयातित व निर्यातित वस्तुओं पर करों के माध्यम से राजस्व उत्पन्न करना है।
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उन्होंने कहा, "हालिया सुधारों में टैरिफ संरचना को सुव्यवस्थित करने और व्यापार को सुविधाजनक बनाने पर ध्यान केंद्रित किया गया है।"

मंत्री ने कहा कि भारत विश्व व्यापार संगठन का सदस्य है और किसी भी वस्तु लाइन पर लागू किए जा सकने वाले उसके अधिकतम टैरिफ से बंधा हुआ है। टैरिफ आम तौर पर किसी भी वस्तु के लिए तय अधिकतम टैरिफ से कम होते हैं।

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उन्होंने कहा कि बदलते व्यापार परिदृश्य में भारत अधिक से अधिक मुक्त व्यापार समझौतों की ओर बढ़ रहा है। मंत्री ने बताया कि पीटीए/एफटीए सदस्यों के बीच पर्याप्त व्यापार पर सीमा शुल्क और गैर-टैरिफ बाधाओं को कम किया जाएगा या समाप्त किया जाएगा।

वर्तमान में भारत 13 एफटीए और नौ पीटीए का सदस्य है, इसके अलावा यूरोपीय संघ, संयुक्त राज्य अमेरिका, यूनाइटेड किंगडम, ओमान, न्यूजीलैंड और पेरू के साथ व्यापार वार्ता चल रही है। टैरिफ कम करने से, विशेष रूप से इनपुट और मध्यम मूल्य वर्ग के वस्तुओं पर मदद मिलती है।


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विनिर्माताओं को अधिक प्रतिस्पर्धी बनाने के लिए, घरेलू उत्पादकों और उपभोक्ताओं के हितों में संतुलन स्थापित करते हुए टैरिफ उपायों पर निर्णय लेते समय एक संतुलित दृष्टिकोण अपनाया जाता है। मंत्री ने कहा कि सरकार ने शुल्क ढांचे को सुधारने के लिए व्यापक टैरिफ सुधार शुरू किए हैं।

मंत्री ने बताया कि मार्च 2025 तक भारत ने ईवी बैटरी उत्पादन के लिए आवश्यक 35 वस्तुओं और मोबाइल फोन विनिर्माण के लिए 28 वस्तुओं पर आयात शुल्क समाप्त कर दिया है। उन्होंने कहा, "इस कदम का उद्देश्य स्थानीय उत्पादन को बढ़ावा देना और इन क्षेत्रों में निर्यात प्रतिस्पर्धा को बढ़ाना है। इसी प्रकार, महत्वपूर्ण खनिजों पर आयात शुल्क में कमी से इस क्षेत्र में निवेश आने की संभावना है।"

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