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Semicon India: सेमीकॉन इंडिया में हुए समझौते देश की सेमीकंडक्टर यात्रा आगे बढ़ाएंगे, बोले आईटी मंत्री वैष्णव
Thu, 04 Sep 2025 12:07 PM IST
कुमार विवेक
बिजनेस डेस्क, अमर उजाला, नई दिल्ली
बिजनेस डेस्क, अमर उजाला, नई दिल्ली
Published by: कुमार विवेक
Updated Thu, 04 Sep 2025 12:07 PM IST
सार
Semicon India: आईटी मंत्री अश्विनी वैष्णव ने बताया है कि नए सहयोग और उत्पाद लॉन्च देश में आत्मनिर्भर सेमीकंडक्टर पारिस्थितिकी तंत्र के निर्माण की दिशा में एक मजबूत कदम है। उन्होंने बताया कि प्रमुख घोषणाओं में से एक टाटा इलेक्ट्रॉनिक्स और मर्क के बीच समझौता है, इसके तहत मर्क गुजरात के धोलेरा स्थित टाटा के फैब को सामग्री, बुनियादी ढांचे और आपूर्ति शृंखला तैयार करने में मदद देगा। आइए इस बारे में विस्तार से जानें।
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अश्विनी वैष्णव
- फोटो : PIB
विस्तार
भारत की सेमीकंडक्टर यात्रा सही गति और पैमाने के साथ आगे बढ़ रही है। इससे जुड़ी 13 प्रमुख घोषणाएं सेमीकॉन इंडिया 2025 के दौरान की गई। केंद्रीय इलेक्ट्रॉनिक्स और आईटी मंत्री अश्विनी वैष्णव ने गुरुवार को यह बात कही।
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मंत्री ने बताया कि नए सहयोग और उत्पाद लॉन्च देश में आत्मनिर्भर सेमीकंडक्टर पारिस्थितिकी तंत्र के निर्माण की दिशा में एक मजबूत कदम है। उन्होंने बताया कि प्रमुख घोषणाओं में से एक टाटा इलेक्ट्रॉनिक्स और मर्क के बीच समझौता है, इसके तहत मर्क गुजरात के धोलेरा स्थित टाटा के फैब को सामग्री, बुनियादी ढांचे और आपूर्ति शृंखला तैयार करने में मदद देगा। इस साझेदारी का मुख्य उद्देश्य सुरक्षा, प्रतिभा विकास, मानकों और आत्मनिर्भरता पर केंद्रित होगा। टाटा इलेक्ट्रॉनिक्स ने चिपआईएन, डीएलआई योजना और चिप्स -टू-स्टार्टअप पहल के तहत स्टार्टअप्स, एमएसएमई और शिक्षा जगत को समर्थन देने के साथ भारत के डिजाइन और आईपी पारिस्थितिकी तंत्र को मजबूत करने के लिए सी-डैक के साथ भी एक समझौता किया है।
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केन्स सेमीकॉन ने भी कई साझेदारी का एलान किया है। स्पर्श-आईक्यू सॉल्यूशंस, थर्डीटेक, फोकली और सेंससेमी टेक्नोलॉजीज के साथ इसने भारत के पहले पूर्णतः स्वदेशी ऑटोमोटिव और औद्योगिक एआई विजन समाधान के विकास की घोषणा की है। यह परियोजना कैमरा मॉड्यूलों का डिजाइन, निर्माण और सत्यापन पूरी तरह से भारत में करेगी, जिससे आयात पर निर्भरता कम होगी और अधिक घरेलू बौद्धिक संपदा का सृजन होगा।
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केन्स ने वायरलेस ईयरबड्स और वियरेबल्स के लिए भारत का पहला "मेड इन इंडिया" माइक्रो-इलेक्ट्रो-मैकेनिकल सिस्टम (एमईएमएस) माइक्रोफोन लॉन्च करने के लिए इंफिनियॉन के साथ भी समझौता किया है। कंपनी भारत में इन्फिनियॉन के पावर वेफर्स की पैकेजिंग भी करेगी, जिससे नवीकरणीय ऊर्जा, औद्योगिक और उपभोक्ता इलेक्ट्रॉनिक्स क्षेत्रों को समर्थन मिलेगा। एलएंडटी सेमीकॉन ने अग्रणी संस्थानों के साथ समझौता ज्ञापन पर हस्ताक्षर किए हैं। आईआईटी गांधीनगर और सी-डैक के साथ मिलकर, यह ई-पासपोर्ट, राष्ट्रीय पहचान पत्र और क्रिप्टोग्राफ़िक उत्पादों जैसे अनुप्रयोगों के लिए स्मार्ट ऑपरेटिंग सिस्टम युक्त मेक-इन-इंडिया सिक्योर चिप के विकास पर काम करेगा।
आईआईएससी बैंगलोर के साथ एक अन्य समझौता के तहत सेमीकंडक्टर और क्वांटम प्रौद्योगिकी के लिए भारत का पहला राष्ट्रीय नवाचार केंद्र स्थापित होगा। इसमें उन्नत अनुसंधान, निर्माण और औद्योगिक विशेषज्ञता को शामिल किया जाएगा। अन्य घोषणाओं में, महिलाओं की सह-नेतृत्व वाली गुजरात स्थित स्टार्टअप इंडीसेमिक भी शामिल है, जिसने सी-डैक के स्वदेशी वेगा प्रोसेसर द्वारा संचालित एक IoT इवोल्यूशन बोर्ड लॉन्च किया है। इसके प्रयोग स्मार्ट शहरों, औद्योगिक स्वचालन, स्वास्थ्य-तकनीक, रक्षा और ड्रोन जैसे क्षेत्रों में फैले होंगे। कौशल विकास के क्षेत्र में, नाइलिट ने संयुक्त व्याख्यानों, हैकाथॉन, प्रशिक्षक कार्यक्रमों और नवाचार चुनौतियों के माध्यम से उद्योग-अकादमिक संबंधों को मज़बूत करने के लिए सिंगापुर सेमीकंडक्टर उद्योग संघ (एसएसआईए) के साथ एक समझौता ज्ञापन पर हस्ताक्षर किए।
इसी प्रकार, आईएसएम ने उद्योग प्लेसमेंट के साथ सेमीकंडक्टर निर्माण, स्वचालन और एआई में विशिष्ट कार्यक्रमों को डिज़ाइन और संचालित करने के लिए न्यू एज मेकर्स इंस्टीट्यूट ऑफ टेक्नोलॉजी (एनएएमटेक) के साथ साझेदारी की। आईएसएम ने संयुक्त अनुसंधान, नवाचार और कार्यबल विकास के लिए एरिजोना स्टेट यूनिवर्सिटी के साथ एक अन्य समझौता भी किया।