Fuel Sales: रबी फसलों की कटाई और औद्योगिक गतिविधि बढ़ने से ईंधन की बिक्री में इजाफा, क्या कहते हैं आंकड़े?
Fuel Sales In India: देश में औद्योगिक और कृषि क्षेत्र में गतिविधियां बढ़ने से मार्च के दूसरे पखवारे में पेट्रोल और डीजल की बिक्री में इजाफा हुआ है। मार्च के पहले 15 दिनों में पेट्रोल की बिक्री में वर्षवार आधार पर 1.4 प्रतिशत ओर डीजल की बिक्री में 10.2 प्रतिशत की गिरावट दर्ज की गई है।
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रबी फसलों की कटाई में तेजी और आर्थिक गतिविधियों में वृद्धि के कारण डीजल की मांग बढ़ने से अप्रैल में भारत की ईंधन बिक्री में वृद्धि हुई है। प्रारंभिक उद्योग के आंकड़े इस बात की पुष्टि करते हैं। देश में सबसे ज्यादा खपत होने वाले ईंधन डीजल की बिक्री पिछले वर्ष अप्रैल की तुलना में 6.7 प्रतिशत बढ़कर लगभग 75 लाख टन हो गई। मासिक आधार पर डीजल की खपत में 4.8 प्रतिशत की वृद्धि दर्ज की गई। इससे पहले मार्च में 68 लाख टन डीजल की खपत हुई थी। अप्रैल महीने में पेट्रोल की बिक्री भी पिछले साल की तुलना में 2.5 प्रतिशत बढ़कर 26 लाख टन हो गई। हालांकि मासिक आधार पर इसमें 0.5 प्रतिशत की गिरावट आई है।
मार्च के दूसरे पखवारे से बढ़ी पेट्रोल-डीजल की बिक्री
देश में औद्योगिक और कृषि क्षेत्र में गतिविधियां बढ़ने से मार्च के दूसरे पखवारे में पेट्रोल और डीजल की बिक्री में इजाफा हुआ है। मार्च के पहले 15 दिनों में पेट्रोल की बिक्री में वर्षवार आधार पर 1.4 प्रतिशत ओर डीजल की बिक्री में 10.2 प्रतिशत की गिरावट दर्ज की गई है। कोविड से प्रभावित अप्रैल 2021 की तुलना में अप्रैल 2023 में पेट्रोल की खपत में 23.5 प्रतिशत का इजाफा हुआ। वहीं अप्रैल 2020 की तुलना में इसमें दोगुने से अधिक की वृद्धि हुई। आंकड़ों के अनुसार अप्रैल 2021 की तुलना में डीजल की खपत 21 फीसदी बढ़ी।
कोरोना काल के बाद एटीएफ की बिक्री में भी इजाफा
कोरोना काल के बाद एविएशन सेक्टर के खुलने के बाद देश में हवाई यात्रियों की संख्या लगभग कोरोना काल के पूर्व स्तर पर पहुंच गई है। इससे एयर टरबाइन फ्यूल यानी एटीएफ की मांग में भी 15.4 प्रतिशत का इजाफा हुआ है। अप्रैल में एटीएफ की मांग बढ़कर 5,95,600 टन हो गई है। अप्रैल 2021 की तुलना में इसमें 53.3 प्रतिशत की वृद्धि हुई है। हालांकि कोरोना से पहले यानी अप्रैल 2019 की तुलना में यह अब भी चार प्रतिशत कम है। मासिक आधार पर एटीएफ की खपत में 3.1 प्रतिशत की गिरावट आई है। मार्च 2023 में एटीएफ की खपत 6,14,700 टन थी।
रबी फसलों की कटाई तेज होने से डीजल की बिक्री में वृद्धि
रबी फसलें, ज्यादातर गेहूं, जौ, सरसों, तिल व मटर अक्टूबर से दिसंबर के बीच बोई जाती हैं और अप्रैल से जून तक काटी जाती हैं। गेहूं की कटाई से डीजल की मांग बढ़ जाती है क्योंकि हार्वेस्टर और ट्रैक्टर उस ईंधन पर चलते हैं। भारत सेवा क्षेत्र के साथ-साथ अर्थव्यवस्था के औद्योगिक पक्ष के समर्थन से स्थिर रूप से विकास कर रहा है। उद्योग जगत के जानकारों का मानना है कि देश में तेल की मांग को औद्योगिक गतिविधियों से मजबूत समर्थन मिला है।