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IMF: भारतीय अर्थव्यवस्था पर IMF की एमडी ने कही ये बात, कहा- वैश्विक वृद्धि में 15% योगदान देगा देश
Wed, 22 Feb 2023 07:14 PM IST
विवेक दास
बिजनेस डेस्क, अमर उजाला, नई दिल्ली
बिजनेस डेस्क, अमर उजाला, नई दिल्ली
Published by: विवेक दास
Updated Wed, 22 Feb 2023 07:14 PM IST
सार
IMF: उन्होंने कहा, 'भारत का प्रदर्शन काफी प्रभावशाली रहा है। इस साल के लिए हम उम्मीद करते हैं कि भारत मार्च में समाप्त होने वाले वित्तीय वर्ष में 6.8 प्रतिशतद का उच्च विकास दर हासिल कर लेगा। यह प्रमुख अर्थव्यवस्थाओं में सबसे तेज वृद्धि दर है।
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क्रिस्टालिना जॉर्जीवा
- फोटो : twitter
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विस्तार
अंतरराष्ट्रीय मुद्रा कोष (आईएमएफ) की प्रबंध निदेशक क्रिस्टालिना जॉर्जीवा ने कहा कि भारत अकेले 2023 में वैश्विक वृद्धि का 15 प्रतिशत योगदान देगा।
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उन्होंने कहा कि डिजिटलीकरण ने दुनिया की पांचवीं सबसे बड़ी अर्थव्यवस्था को कोरोना महामारी के निचले स्तर से बाहर निकाला है। विवेकपूर्ण राजकोषीय नीति और अगले साल के बजट में पूंजी निवेश के लिए महत्वपूर्ण वित्तपोषण का प्रावधान विकास की गति को बनाए रखने में मदद करेगा।
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उन्होंने कहा, 'भारत का प्रदर्शन काफी प्रभावशाली रहा है। इस साल के लिए हम उम्मीद करते हैं कि भारत मार्च में समाप्त होने वाले वित्तीय वर्ष में 6.8 प्रतिशतद का उच्च विकास दर हासिल कर लेगा। यह प्रमुख अर्थव्यवस्थाओं में सबसे तेज वृद्धि दर है। उन्होंने कहा कि भारत ऐसे समय में एक आकर्षक स्थान बना हुआ है जबकि आईएमएफ को 2023 एक मुश्किलों भरा साल लग रहा है। इस वर्ष वैश्विक विकास दर पिछले साल के 3.4 प्रतिशत से 2.9 प्रतिशत तक पहुंच सकता है। उन्होंने कहा, 'भारत एक चमकता सितारा क्यों है? ऐसा इसलिए है क्योंकि इस देश ने डिजिटलीकरण की दिशा में वास्तव में अच्छा काम किया है। भारत पहले से ही महामारी के प्रभाव पर काबू पाने और विकास व नौकरियों के अवसर पैदा करने के एक प्रमुख चालक के रूप में काफी अच्छी तरह से आगे बढ़ रहा है।
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'एक पृथ्वी, एक परिवार, एक भविष्य' एक आदर्श वाक्य
अंतरराष्ट्रीय मुद्रा कोष (आईएमएफ) की प्रबंध निदेशक क्रिस्टीना जॉर्जीवा ने कहा है कि भारत की ओर से जी-20 के लिए घोषित 'एक पृथ्वी, एक परिवार, एक भविष्य' का आदर्श वाक्य बहुत ही उत्थानकारी और संगठित करने वाला है।जी-20 की अध्यक्षता के दौरान भारत ने एक आदर्श वाक्य चुना है जो मुझे लगता है कि हम सभी के साथ मानवता के स्तर पर गूंजता है- एक पृथ्वी, एक परिवार, एक भविष्य। यह जी-20 के लिए सबसे उत्थानकारी और आदर्श वाक्य है, जिसके बारे में मैं सोच सकती हूं। जॉर्जीवा ने बेंगलुरु में जी-20 की वित्तीय ट्रैक बैठक में भाग लेने के लिए अपनी भारत यात्रा से पहले मीडिया से बातचीत में ये बातें कहीं।
पिछले साल प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी द्वारा अनावरण किए गए, भारत के जी 2023 प्रेसीडेंसी का विषय - 'वसुधैव कुटुम्बकम' या 'एक पृथ्वी एक परिवार एक भविष्य'- महाउपनिषद के प्राचीन संस्कृत पाठ से लिया गया है। अनिवार्य रूप से विषय सभी जीवन मानव, पशु, पौधे और सूक्ष्मजीवों के मूल्य और ग्रह पृथ्वी और व्यापक ब्रह्मांड में उनके परस्पर संबंध की पुष्टि करता है। अपनी भारत यात्रा से पहले जॉर्जीवा ने कहा कि भारत के साथ काम करना बहुत रोमांचक है। भारत जी-20 की अध्यक्षता के रूप में अपनी जिम्मेदारी हृदय से और उत्साह से निभा रहा है।
जलवायु परिवर्तन के खिलाफ लड़ाई में भारत के भारत के योगदान पर भी IMF एमडी ने ये कहा
अंतरराष्ट्रीय मुद्रा कोष (आईएमएफ) की प्रबंध निदेशक क्रिस्टालिना जॉर्जीवा ने कहा कि भारत ने 2070 तक कार्बन न्यूट्रल होने का बीड़ा उठाया है, पर इस महत्वाकांक्षी लक्ष्य को पहले ही हासिल कर सकता है। जॉर्जीवा ने कहा कि यह बहुत महत्वपूर्ण है कि भारत जैसा बड़ा देश जलवायु परिवर्तन के खिलाफ लड़ाई में अग्रणी भूमिका निभाए।