फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
डाउनलोड करें

सब्सक्राइब करें
Hindi News ›   Business ›   Business Diary ›   India paper and paperboard imports rise by 8 pc; China and ASEAN dominate the industry

Import: भारत में कागज और पेपरबोर्ड आयात में आठ फीसदी का उछाल, उद्योग पर चीन और आसियान का दबदबा

Mon, 25 Aug 2025 05:27 PM IST
रिया दुबे बिजनेस डेस्क, अमर उजाला, नई दिल्ली
बिजनेस डेस्क, अमर उजाला, नई दिल्ली Published by: रिया दुबे Updated Mon, 25 Aug 2025 05:27 PM IST
सार

भारतीय कागज निर्माता संघ के अनुसार अप्रैल-जून तिमाही में कागज और पेपरबोर्ड के आयात आठ फीसदी बढ़कर 486,000 टन हो गया है। कागज के आयात में लगातार वृद्धि, खासकर चीन और आसियान से घरेलू कागज उद्योग की प्रतिस्पर्धात्मकता को नुकसान पहुंचा रही है।

विज्ञापन
India paper and paperboard imports rise by 8 pc; China and ASEAN dominate the industry
पेपरबोर्ड आयात में आठ फीसदी का उछाल - फोटो : Adobestock

विस्तार

देश में अप्रैल-जून तिमाही में कागज और पेपरबोर्ड के आयात में आठ प्रतिशत की वृद्धि हुई है। यह बढ़कर 486,000 टन हो गया है। भारतीय कागज निर्माता संघ (आईपीएमए) ने यह जानकारी दी है। आईपीएमए ने वाणिज्य मंत्रालय के आंकड़ों का हवाला देते हुए कहा कि वित्त वर्ष 2025 की पहली तिमाही में कागज और पेपरबोर्ड का आयात 452,000 टन रहा। 

विज्ञापन


ये भी पढ़ें: Goldman Sachs: घरेलू बचत पर गोल्डमैन सैक्स का बड़ा दावा, 10 वर्षों में 9.5 ट्रिलियन डॉलर के निवेश की उम्मीद

विज्ञापन

चीन से आयात 28 प्रतिशत बढ़ा

तिमाही के दौरान चीन से आयात 28 प्रतिशत बढ़कर 143,000 टन हो गया। इससे भारत में कागज आयात के सबसे बड़े स्रोत के रूप में चीन की स्थिति मजबूत हो गई। संघ ने बताया कि आसियान देशों से आयात में वृद्धि दर्ज की गई। यह पिछले वर्ष की समान तिमाही के 78,000 टन से बढ़कर 92,000 टन हो गया। 

विज्ञापन
विज्ञापन

आयात में वृद्धि घरेलू कागज उद्योग को नुकसान पहुंचा रही

आईपीएमए के अध्यक्ष पवन अग्रवाल ने कहा कि कागज के आयात में लगातार वृद्धि, खासकर चीन और आसियान से घरेलू कागज उद्योग की प्रतिस्पर्धात्मकता को नुकसान पहुंचा रही है। क्षमता और स्थिरता संबंधी पहलों में महत्वपूर्ण निवेश के बावजूद, भारतीय कागज निर्माता, आत्यधिक आयात के कारण, कम उपयोग वाले संयंत्रों से जूझ रहे हैं। 

वार्षिक कागज आयात 20 लाख टन के आंकड़े को पार कर चुका है

आईपीएमए ने कहा कि वित्त वर्ष 2025 में भारत का वार्षिक कागज आयात 20 लाख टन के आंकड़े को पार कर चुका है। इसका मूल्य 14,629 करोड़ रुपये है, यह पिछले चार वर्षों में दोगुना हो गया है। इसमें अकेले चीन का योगदान कुल आयात के एक-चौथाई से अधिक है।

वीपीबी पर न्यूनतम आयात मूल्य लागू

एक अधिसूचना के अनुसार, सस्ते आयात पर अंकुश लगाने के लिए सरकार ने 31 मार्च, 2026 तक वर्जिन मल्टी-लेयर पेपर बोर्ड पर न्यूनतम आयात मूल्य 67,220 रुपये प्रति टन लगाया है।इस उत्पाद का उपयोग फार्मास्यूटिकल्स, एफएमसीजी उत्पादों, खाद्य और पेय पदार्थों, इलेक्ट्रॉनिक्स, उच्च श्रेणी के सौंदर्य प्रसाधनों, शराब, पुस्तक कवर और प्रकाशन की पैकेजिंग में किया जाता है।
 

विज्ञापन
विज्ञापन
सबसे विश्वसनीय Hindi News वेबसाइट अमर उजाला पर पढ़ें कारोबार समाचार और Union Budget से जुड़ी ब्रेकिंग अपडेट। कारोबार जगत की अन्य खबरें जैसे पर्सनल फाइनेंस, लाइव प्रॉपर्टी न्यूज़, लेटेस्ट बैंकिंग बीमा इन हिंदी, ऑनलाइन मार्केट न्यूज़, लेटेस्ट कॉरपोरेट समाचार और बाज़ार आदि से संबंधित ब्रेकिंग न्यूज़
 
रहें हर खबर से अपडेट, डाउनलोड करें अमर उजाला हिंदी न्यूज़ APP अपने मोबाइल पर।
Amar Ujala Android Hindi News APP Amar Ujala iOS Hindi News APP
विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन

एड फ्री अनुभव के लिए अमर उजाला प्रीमियम सब्सक्राइब करें

Next Article

AU ऐप में पढ़ें

Followed