Economy: ‘भारत को 'चाइना प्लस वन' का लाभ पाने के लिए ईको सिस्टम की जरूरत’, CEA ने कहा- दुनिया हमारी ओर देख रही
भारत के मुख्य आर्थिक सलाहकार वी अनंत नागेश्वरन का कहना है कि भारत 'चाइना प्लस वन' नीति का लाभ उठा सकता है लेकिन देश में ईको सिस्टम को बेहतर बनाना होगा। उन्होंने कहा है कि पूरी दुनिया इस समय भारत की ओर देख रही है।
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मुख्य आर्थिक सलाहकार वी अनंत नागेश्वरन ने कहा है कि भारत 'चाइना प्लस वन' नीति का लाभ उठा सकता है, लेकिन इसके लिए हमको कुछ वैसा ही पारिस्थितिकी तंत्र बनाने की जरूरत है जैसा की चीनी कंपनियों ने बनाया था।
सीईए नागेश्वरन ने आर्थिक सर्वेक्षण 2023-24 की प्रस्तुति के बाद एक वर्चुअल बातचीत में एएनआई को बताया, "चाइना प्लस वन निश्चित रूप से एक वैश्विक विनिर्माण खिलाड़ी के रूप में भारत के विकास का एक महत्वपूर्ण घटक है।"
'कई देश भारत की ओर देख रहे हैं'
मुख्य आर्थिक सलाहकार ने आगे कहा, "कई देश भारत की ओर देख रहे हैं, लेकिन चाइना प्लस वन नीति अपनाने के लिए हमें कुछ ऐसे इकोसिस्टम की भी जरूरत है जो इन कंपनियों ने चीन में बनाया है।"
नागेश्वरन ने आगे कहा कि 2020 में कोविड महामारी के बाद से ही दुनिया को आपूर्ति श्रंखला का सामना करना पड़ रहा है। इसके साथ ही अमेरिका, यूरोप सहित अन्य देशों में भू- राजनीतिक तनाव और संरक्षणवाद भड़कने के बाद कई प्रमुख वैश्विक विनिर्णाण कंपनियां अपने संचालन में विविधता ला रही हैं।
आपूर्ति श्रृंखला में व्यवधानों का सामना करना पड़ रहा है, खासकर 2020 में सीओवीआईडी -19 महामारी के बाद से, साथ ही यूरोपीय देशों और अमेरिका सहित विभिन्न देशों द्वारा भू-राजनीतिक तनाव और संरक्षणवाद के भड़कने के बाद, कई प्रमुख वैश्विक विनिर्माण कंपनियां अपने परिचालन में विविधता ला रही हैं।
कृषि नीतियों में बदलाव की जरूरत
मुख्य आर्थिक सलाहकार वी अनंत नागेश्वरन ने कहा है कि देश के कृषि क्षेत्र के मुद्दे पर राष्ट्रीय स्तर पर चर्चा करने की जरूरत है। उन्होंने कहा कि कृषि में सब्सिडी के बावजूद कृषि नीतियों में बदलाव की जरूरत है। मुख्य आर्थिक सलाहकार ने आर्थिक सर्वेक्षण 2023-24 की प्रस्तावना में कहा कि सरकार पर्याप्त मात्रा में किसानों को सहायता देती है और ये सहायता पानी पर सब्सिडी, बिजली और फर्टिलाइजर्स पर सब्सिडी के रूप में किसानों को मिलती है।