फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
डाउनलोड करें

सब्सक्राइब करें
Hindi News ›   Business ›   Business Diary ›   India growth engine is running at full speed building a reliable image through investment and manufacturing

Report: वैश्विक सुस्ती के बीच तेजी से दौड़ रहा भारत का ग्रोथ इंजन, निवेश और विनिर्माण से बन रही भरोसेमंद छवि

Tue, 06 Jan 2026 07:28 AM IST
शुभम कुमार अमर उजाला नेटवर्क
अमर उजाला नेटवर्क Published by: शुभम कुमार Updated Tue, 06 Jan 2026 07:28 AM IST
सार

ईवाई की ताजा रिपोर्ट के अनुसार वित्त वर्ष 2024-25 में भारत की वास्तविक जीडीपी वृद्धि दर 6.8-7.2% रही और 2025-26 में भी इसी रेंज में रहने का अनुमान है। वैश्विक औसत 2% के आसपास होने के बावजूद भारत तीन गुना तेज़ी से बढ़ रहा है। रिपोर्ट में निवेश, विनिर्माण, घरेलू मांग और संरचनात्मक सुधारों को वृद्धि का मुख्य कारण बताया गया है।

विज्ञापन
India growth engine is running at full speed building a reliable image through investment and manufacturing
सांकेतिक तस्वीर - फोटो : अमर उजाला

विस्तार

वैश्विक अर्थव्यवस्था जहां 2 से 2.5 प्रतिशत की सुस्त वृद्धि दर के दौर में फंसी हुई है, वहीं अर्न्स्ट एंड यंग (ईवाई) की ताजा रिपोर्ट भारत को उन गिनी-चुनी अर्थव्यवस्थाओं में रखती है, जहां तेज विकास केवल अनुमान नहीं बल्कि आंकड़ों से समर्थित वास्तविकता बन चुका है। ईवाई के अनुसार वित्त वर्ष 2024-25 में भारत की वास्तविक जीडीपी वृद्धि दर 6.8 से 7.2 प्रतिशत के दायरे में रही, जबकि 2025-26 के लिए इसी दायरे में रहने का अनुमान जताया गया है।

विज्ञापन


रिपोर्ट इस वृद्धि को केवल गति का परिणाम नहीं बल्कि निवेश, विनिर्माण, घरेलू मांग और संरचनात्मक सुधारों के संयुक्त प्रभाव के रूप में देखती है। ईवाई के अनुसार वर्ष 2025 में अमेरिका की औसत वृद्धि दर लगभग 1.8 प्रतिशत रही, यूरो जोन में यह 1.2 प्रतिशत के आसपास दर्ज की गई। जबकि चीन की वृद्धि 4.5 से 4.8 प्रतिशत के दायरे में दर्ज की गई। इसके विपरीत भारत की अर्थव्यवस्था वैश्विक औसत से लगभग तीन गुना तेज गति से आगे बढ़ती दिख रही है।
विज्ञापन


क्या कहती है रिपोर्ट?
रिपोर्ट कहती है कि यही अंतर भारत को पूंजी निवेश और बहुराष्ट्रीय कंपनियों के लिए आकर्षक बनाता है। भारत की जीडीपी में सेवाओं का योगदान जहां 54 प्रतिशत के आसपास बना हुआ है, वहीं उद्योग क्षेत्र की हिस्सेदारी बढ़कर 28 प्रतिशत तक पहुंच गई है, जो एक दशक पहले लगभग 25 प्रतिशत थी। रिपोर्ट इसे इस बात का संकेत मानती है कि भारत की वृद्धि अब अत्यधिक सेवा-आधारित न रहकर अधिक संतुलित हो रही है।
विज्ञापन
विज्ञापन


ईवाई रिपोर्ट बताती है कि भारत की सकल स्थायी पूंजी निर्माण दर जीडीपी के अनुपात में 31 प्रतिशत के स्तर तक पहुंच चुकी है, जो वर्ष 2020 में घटकर 27 प्रतिशत तक आ गई थी। रिपोर्ट के अनुसार सार्वजनिक पूंजीगत व्यय में पिछले पांच वर्षों में लगभग 2.5 गुना वृद्धि हुई है, जिसका सीधा असर निजी निवेश के भरोसे पर पड़ा है।

बुनियादी ढांचा : आंकड़ों में दिखती तैयारी
ईवाई के अनुसार केंद्र सरकार का पूंजीगत व्यय वित्त वर्ष 2025-26 में 11.5 लाख करोड़ रुपए के आसपास रहने का अनुमान है, जो कुल बजट व्यय का लगभग 22 प्रतिशत है। रिपोर्ट कहती है कि सड़क, रेल और लॉजिस्टिक्स पर बढ़ा खर्च उत्पादन लागत को घटाने और निर्यात प्रतिस्पर्धा बढ़ाने में मदद कर रहा है।

विनिर्माण क्षेत्र में पीएलआई का प्रभाव
रिपोर्ट के मुताबिक प्रोडक्शन लिंक्ड इंसेंटिव योजनाओं के तहत अब तक 4.2 लाख करोड़ रुपए से अधिक के निवेश प्रस्ताव सामने आ चुके हैं। इलेक्ट्रॉनिक्स विनिर्माण में भारत का निर्यात वित्त वर्ष 2015 में जहां 6 अरब डॉलर था, वहीं 2025 तक इसके 35 अरब डॉलर के पार जाने का अनुमान है। रिपोर्ट इसे वैश्विक सप्लाई चेन में भारत की मजबूत होती स्थिति का प्रमाण मानती है।

निर्यात : वैश्विक दबाव के बावजूद लचीलापन
वित्त वर्ष 2024-25 में वैश्विक व्यापार की वृद्धि 3 प्रतिशत से कम रहने के बावजूद भारत का कुल निर्यात 760 से 780 अरब डॉलर के दायरे में स्थिर रहा। इसी अवधि में सेवाओं के निर्यात में भारत की हिस्सेदारी लगातार बढ़ी और यह लगभग 340 अरब डॉलर के स्तर पर पहुंच गई। हरिपोर्ट के अनुसार निजी अंतिम उपभोग व्यय भारत की जीडीपी का लगभग 57 प्रतिशत है। ईवाई का अनुमान है कि अगले पांच वर्षों में भारत का मध्यवर्ग 45 करोड़ से बढ़कर लगभग 60 करोड़ तक पहुंच सकता है।


डिजिटल अर्थव्यवस्था का वास्तविक आकार
ईवाई के आकलन के अनुसार भारत की डिजिटल अर्थव्यवस्था का आकार 2022 में जीडीपी का 11 प्रतिशत था, जो 2030 तक बढ़कर 20 प्रतिशत तक पहुंच सकता है। यूनिफाइड पेमेंट्स इंटरफेस के माध्यम से होने वाले वार्षिक लेनदेन का मूल्य अब 200 लाख करोड़ रुपए से अधिक हो चुका है, जिसे रिपोर्ट आर्थिक औपचारिकता का बड़ा संकेत मानती है।

अन्य वीडियो
विज्ञापन
विज्ञापन
सबसे विश्वसनीय Hindi News वेबसाइट अमर उजाला पर पढ़ें कारोबार समाचार और Union Budget से जुड़ी ब्रेकिंग अपडेट। कारोबार जगत की अन्य खबरें जैसे पर्सनल फाइनेंस, लाइव प्रॉपर्टी न्यूज़, लेटेस्ट बैंकिंग बीमा इन हिंदी, ऑनलाइन मार्केट न्यूज़, लेटेस्ट कॉरपोरेट समाचार और बाज़ार आदि से संबंधित ब्रेकिंग न्यूज़।
 
रहें हर खबर से अपडेट, डाउनलोड करें अमर उजाला हिंदी न्यूज़ APP अपने मोबाइल पर।
Amar Ujala Android Hindi News APP Amar Ujala iOS Hindi News APP
विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन

एड फ्री अनुभव के लिए अमर उजाला प्रीमियम सब्सक्राइब करें

Next Article

AU ऐप में पढ़ें

Followed