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India Pakistan Trade: प्रतिबंध के बावजूद 10 अरब डॉलर का भारतीय सामान पहुंचा पाकिस्तान, GTRI का बड़ा दावा
Sun, 27 Apr 2025 12:26 PM IST
नितिन गौतम
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, नई दिल्ली
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, नई दिल्ली
Published by: नितिन गौतम
Updated Sun, 27 Apr 2025 12:26 PM IST
सार
जीटीआरआई ने बताया कि भारतीय फर्म इन बंदरगाहों पर अपना सामान भेजती हैं, जहां स्वतंत्र फर्म इस सामान को जहाजों से उतारकर बंदरगाह के गोदामों में स्टोर करती हैं। बंदरगाह के इन गोदामों में सामान के लेबर को बदला जाता है।
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भारत पाकिस्तान व्यापार
- फोटो : एएनआई
विस्तार
भारत और पाकिस्तान के बीच व्यापार काफी समय से बंद हैं, इसके बावजूद करीब 10 अरब डॉलर की कीमत का भारतीय सामान पाकिस्तान के बाजार में पहुंचा है। ग्लोबल ट्रेड रिसर्च इनीशिएटिव ने यह दावा किया है। 22 अप्रैल को हुए पहलगाम आतंकी हमले के बाद भारत ने पाकिस्तान से लगती अटारी सीमा पर स्थित एकीकृत चेक पोस्ट को भी बंद कर दिया है।
किस तरह से पाकिस्तान के बाजार में पहुंच रहा भारतीय सामान
जीटीआरआई ने दावा किया है कि कुछ फर्म दुबई, सिंगापुर और कोलंबो के बंदरगाह का इस्तेमाल कर भारतीय सामान को पाकिस्तान पहुंचा रही हैं। इसके चलते प्रतिबंध के बावजूद भारतीय सामान बदस्तूर पाकिस्तान पहुंच रहा है। जीटीआरआई ने दावा किया है कि इन रूट्स के जरिए सालाना 10 अरब डॉलर का सामान पाकिस्तान जा रहा है। जीटीआरआई ने बताया कि भारतीय फर्म इन बंदरगाहों पर अपना सामान भेजती हैं, जहां स्वतंत्र फर्म इस सामान को जहाजों से उतारकर बंदरगाह के गोदामों में स्टोर करती हैं। बंदरगाह के इन गोदामों में सामान के लेबर को बदला जाता है और उसे मेड इन यूएई या अन्य देश का लेबल चिपकाया जाता है। इसके बाद इस सामान को पाकिस्तान भेज दिया जाता है। इस तरीके से फर्म्स भारत-पाकिस्तान के बीच व्यापार प्रतिबंध के बावजूद सामान को पाकिस्तान भेजने में सफल रहती हैं।
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इस तरह से कंपनियां ज्यादा कीमत पर सामान बेच पाती हैं। उदाहरण के लिए एक भारतीय फर्म एक लाख डॉलर के ऑटो पार्ट्स दुबई भेजती है। वहां लेबल बदलने के बाद यही उत्पाद पाकिस्तान में एक लाख 30 हजार डॉलर में बेचे जाते हैं। इस अधिक कीमत में गोदाम, कागजी कार्रवाई का खर्च भी शामिल होता है।
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किस तरह से पाकिस्तान के बाजार में पहुंच रहा भारतीय सामान
जीटीआरआई ने दावा किया है कि कुछ फर्म दुबई, सिंगापुर और कोलंबो के बंदरगाह का इस्तेमाल कर भारतीय सामान को पाकिस्तान पहुंचा रही हैं। इसके चलते प्रतिबंध के बावजूद भारतीय सामान बदस्तूर पाकिस्तान पहुंच रहा है। जीटीआरआई ने दावा किया है कि इन रूट्स के जरिए सालाना 10 अरब डॉलर का सामान पाकिस्तान जा रहा है। जीटीआरआई ने बताया कि भारतीय फर्म इन बंदरगाहों पर अपना सामान भेजती हैं, जहां स्वतंत्र फर्म इस सामान को जहाजों से उतारकर बंदरगाह के गोदामों में स्टोर करती हैं। बंदरगाह के इन गोदामों में सामान के लेबर को बदला जाता है और उसे मेड इन यूएई या अन्य देश का लेबल चिपकाया जाता है। इसके बाद इस सामान को पाकिस्तान भेज दिया जाता है। इस तरीके से फर्म्स भारत-पाकिस्तान के बीच व्यापार प्रतिबंध के बावजूद सामान को पाकिस्तान भेजने में सफल रहती हैं।
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इस तरह से कंपनियां ज्यादा कीमत पर सामान बेच पाती हैं। उदाहरण के लिए एक भारतीय फर्म एक लाख डॉलर के ऑटो पार्ट्स दुबई भेजती है। वहां लेबल बदलने के बाद यही उत्पाद पाकिस्तान में एक लाख 30 हजार डॉलर में बेचे जाते हैं। इस अधिक कीमत में गोदाम, कागजी कार्रवाई का खर्च भी शामिल होता है।
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