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पानी की कमी से कम हो सकता है खाद्य उत्पादों का निर्यात, मंत्री ने दी चेतावनी

Mon, 24 Jun 2019 09:20 PM IST
paliwal पालीवाल बिजनेस डेस्क, अमर उजाला
बिजनेस डेस्क, अमर उजाला Published by: paliwal पालीवाल Updated Mon, 24 Jun 2019 09:20 PM IST
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india food export can be cut due to water shortage in the region
- फोटो : pexels.com

आने वाले समय में जल संकट के चलते खाद्यान्न उत्पादन की स्थिति भी खराब हो सकती है। जल शक्ति मंत्री गजेंद्र सिंह शेखावत ने चेतावनी देते हुए कहा कि हम सभी को पानी की प्रत्येक बूंद को बचाना व संरक्षित करना चाहिए तथा इसके उचित उपयोग के लिए सम्मिलित प्रयास करना चाहिए।

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भविष्य में हो सकती है स्थिति खराब

शेखावत ने कहा कि निकट भविष्य में पानी की कमी से स्थिति खराब हो सकती है। आवश्यकता इस बात की है कि पानी के पारम्परिक स्रोतों का पुनरुद्धार किया जाना चाहिए और जल संरक्षण के लिए सशक्त प्रयास किए जाने चाहिए। वर्ना हम खाद्य उत्पादों का निर्यात नहीं कर पाएंगे। जल उपलब्धता के मामले में भारत दुनिया के सबसे संवेदनशील देशों में एक है और बढ़ती जनसंख्या ने समस्या को और भी गंभीर बना दिया है। 

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झील, तालाब के संरक्षण पर देना होगा ध्यान

देशवासियों को झील, तालाब और अन्य पानी के कुदरती स्त्रोतों का सरंक्षण करना होगा। अगर अभी से यह नहीं किया तो फिर आगे के लिए कई तरह की दिक्कतें हो सकती हैं। 

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चावल उगाने में लगता है सबसे ज्यादा पानी

फिलहाल देश में चावल, गेहूं और चीनी की मांग से ज्यादा उपलब्धता है। चावल का सबसे बड़ा निर्यातक भारत है। लेकिन एक किलो चावल उगाने के लिए कम से कम चार से पांच हजार लीटर पानी की आवश्यकता पड़ती है। ऐसे में हमें ऐसी फसलों को उगाना पड़ेगा, जो पानी कम लेती हैं। इस साल वैसे ही देश के कई हिस्सों में जल संकट गहरा गया है। 

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