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G20: भारत ने भगोड़े आर्थिक अपराधियों के प्रत्यर्पण और भ्रष्टाचार मुक्त दुनिया की वकालत की, जानें और क्या कहा
Sat, 12 Aug 2023 02:13 PM IST
देव कश्यप
पीटीआई, कोलकाता।
पीटीआई, कोलकाता।
Published by: देव कश्यप
Updated Sat, 12 Aug 2023 02:13 PM IST
सार
केंद्रीय कार्मिक राज्यमंत्री सिंह ने कहा, भगोड़े आर्थिक अपराधी अपने देश में गंभीर आर्थिक अपराध करते हैं और गिरफ्तारी, अभियोजन या अपनी सजा की तामील से बचने के लिए दूसरे देश में भाग जाते हैं।
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केंद्रीय मंत्री जितेंद्र सिंह ने कोलकाता में दूसरी जी-20 भ्रष्टाचार विरोधी मंत्रिस्तरीय बैठक को संबोधित किया।
- फोटो : PTI
विस्तार
केंद्रीय मंत्री जितेंद्र सिंह ने शनिवार को कोलकाता में महत्वपूर्ण जी-20 भ्रष्टाचार विरोधी मंत्रिस्तरीय बैठक के दौरान भ्रष्टाचार मुक्त दुनिया बनाने के अलावा भगोड़े आर्थिक अपराधियों के तेजी से प्रत्यर्पण और उनकी संपत्ति की वसूली पर जोर दिया। उन्होंने कहा कि भगोड़े आर्थिक अपराधी राष्ट्रीय और अंतरराष्ट्रीय कानून प्रवर्तन के लिए एक महत्वपूर्ण चुनौती पैदा करते हैं, क्योंकि वे न्याय से बचने के लिए देशों की कानूनी और वित्तीय प्रणालियों के बीच अंतराल और मतभेदों का फायदा उठाने में सक्षम हैं।
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केंद्रीय कार्मिक राज्यमंत्री सिंह ने कहा, भगोड़े आर्थिक अपराधी अपने देश में गंभीर आर्थिक अपराध करते हैं और गिरफ्तारी, अभियोजन या अपनी सजा की तामील से बचने के लिए दूसरे देश में भाग जाते हैं। उन्होंने कहा कि आर्थिक अपराधों में धोखाधड़ी, कर चोरी, मनी लॉन्ड्रिंग और गबन जैसी कई प्रकार की अवैध गतिविधियां शामिल हैं। सिंह ने कहा, उनके काम कानून के शासन को कमजोर करते हैं, आर्थिक विकास में बाधा डालते हैं और अक्सर भ्रष्टाचार में योगदान देते हैं।
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उन्होंने कहा कि भारत की अध्यक्षता में जी-20 भ्रष्टाचार निरोधक कार्य समूह (एसीडब्ल्यूजी) कानून प्रवर्तन सहयोग और सूचना साझाकरण और संपत्ति वसूली तंत्र को मजबूत करने से संबंधित महत्वपूर्ण मुद्दों पर आम सहमति बनाने में सफल रहा है। मंत्री ने कहा, जी-20 के रूप में हमें अपनी महत्वाकांक्षा के प्रति साहसी होने और भ्रष्टाचार से निपटने के लिए अंतरराष्ट्रीय सहयोग में कमियों को दूर करने के लिए मिलकर काम करने की जरूरत है। मुझे यकीन है कि जी-20 सदस्य प्रत्यर्पण तंत्र की प्रभावशीलता को बढ़ाने और सीमा पार वित्तीय प्रवाह की बेहतर ट्रैकिंग की सुविधा हेतु इन सिद्धांतों को लागू करने के लिए ठोस कदम उठाएंगे, जो भगोड़े आर्थिक अपराधियों को रोकेगा।
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सिंह ने कहा कि भारत भ्रष्टाचार से निपटने के लिए एक मजबूत और समग्र दृष्टिकोण का प्रबल समर्थक रहा है। उन्होंने कहा कि दुनिया की प्रमुख अर्थव्यवस्थाओं के नेताओं के रूप में यह जी-20 की जिम्मेदारी है कि वह यह सुनिश्चित करे कि हम इस गति को तब तक जारी रखें जब तक कि 'भ्रष्टाचार मुक्त दुनिया' बनाने का यह दृष्टिकोण वास्तविकता न बन जाए। उन्होंने कहा, मजबूत भ्रष्टाचार विरोधी नीतियों को प्राथमिकता देकर और उसे लागू करके हम पारदर्शिता, अखंडता और जवाबदेही के लिए वैश्विक मानक स्थापित कर सकते हैं। हमारे पास भ्रष्टाचार के खिलाफ अंतरराष्ट्रीय सहयोग बढ़ाने की शक्ति है जिसमें भ्रष्टाचार विरोधी कानूनों को सुसंगत बनाना, सूचना साझा करने की प्रवृति को बढ़ाना और सीमा पार जांच और अभियोजन को मजबूत करना शामिल है।
सिंह ने पारस्परिक कानूनी सहायता के एक बहुत ही महत्वपूर्ण विषय पर "जवाबदेही रिपोर्ट" को अंतिम रूप देने की दिशा में काम पर जोर दिया। साथ ही उन्होंने कहा कि इसके निष्कर्ष और सिफारिशें अंतरराष्ट्रीय अपराध से निपटने और वैश्विक सुरक्षा बनाए रखने में देशों के बीच सहयोग को बेहतर बनाने और मजबूत करने में बहुत उपयोगी होंगी। उन्होंने कहा, भगोड़े आर्थिक अपराधियों के खतरे से निपटने की दिशा में ये महत्वपूर्ण कदम हैं।
सिंह ने यहां जी-20 भ्रष्टाचार निरोधी मंत्रिस्तरीय बैठक को संबोधित करते हुए कहा कि भ्रष्टाचार के प्रति भारत का जीरो टॉलरेंस अप्रोच भ्रष्टाचार से निपटने के लिए अंतरराष्ट्रीय सहयोग के प्रति हमारे दृष्टिकोण का भी मार्गदर्शन करता है। उन्होंने कहा कि तकनीकी, पारदर्शिता और सार्वजनिक भागीदारी भ्रष्टाचार विरोधी प्रयासों का आधार है। मंत्री ने कहा, पारदर्शिता बढ़ाने के लिए तकनीकी का उपयोग करके और सक्रिय नागरिक भागीदारी की संस्कृति को बढ़ावा देकर भ्रष्टाचार का मुकाबला किया जा सकता है। मैं भ्रष्टाचार को रोकने और मुकाबला करने में सूचना और संचार प्रौद्योगिकी की भूमिका को उजागर करने के लिए सभी जी-20 सदस्यों के प्रयासों का स्वागत करता हूं। उन्होंने कहा कि शासन का आधुनिकीकरण, दक्षता में सुधार और सेवा वितरण में वृद्धि भ्रष्ट आचरण को कम करने का मार्ग प्रदान करती है।
सिंह ने कहा कि जी-20 एसीडब्ल्यूजी ने भ्रष्टाचार से लड़ने में ऑडिटिंग की भूमिका पर अच्छी प्रथाओं का एक संग्रह तैयार करने में सराहनीय प्रगति की है। उन्होंने कहा, मुझे उम्मीद है कि ऑडिट को एक प्रमुख उपकरण के रूप में उपयोग करके सार्वजनिक और निजी क्षेत्रों में सुशासन, अखंडता, जवाबदेही और पारदर्शिता को बढ़ाने में यह एक महत्वपूर्ण ज्ञान संसाधन साबित होगा। उन्होंने कहा कि भ्रष्टाचार के खिलाफ लड़ाई लंबी और कठिन हो सकती है, लेकिन इसे जीतना असंभव नहीं है। उन्होंने सभी से इस उद्देश्य के लिए खुद को प्रतिबद्ध करने और ऐसे समाज बनाने के लिए कहा जहां समृद्धि और न्याय भ्रष्टाचार के संकट से कमजोर न हो।
उन्होंने कहा कि इस समय भ्रष्टाचार के खिलाफ लड़ाई और भी महत्वपूर्ण है क्योंकि आज दुनिया अद्वितीय और विविध चुनौतियों का सामना कर रही है, जिसमें कोविड महामारी, आपूर्ति-श्रृंखला व्यवधान, भू-राजनीतिक संघर्ष और जलवायु संबंधी घटनाएं शामिल हैं। मंत्री ने कहा, इन सभी ने अतीत में दुनिया द्वारा हासिल की गई प्रगति और विकास को पटरी से उतार दिया है।