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एयर इंडिया बिक्रीः मंत्रियों के समूह में अमित शाह बन सकते हैं अध्यक्ष

Thu, 18 Jul 2019 06:00 PM IST
paliwal पालीवाल बिजनेस डेस्क, अमर उजाला
बिजनेस डेस्क, अमर उजाला Published by: paliwal पालीवाल Updated Thu, 18 Jul 2019 06:00 PM IST
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home minister amit shah may head ministerial panel on air india sale

केंद्र सरकार ने सरकारी एयरलाइन कंपनी एयर इंडिया को बेचने के लिए मंत्रियों के समूह का दोबारा से गठन कर दिया है। सूत्रों के मुताबिक इस समूह में गृह मंत्री अमित शाह की एंट्री हो गई है और उन्हें इसका अध्यक्ष बनाया जा सकता है। वहीं नीतिन गडकरी को बाहर किया जा सकता है। 

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चार मंत्रियों का है नया पैनल

सूत्रों के मुताबिक नए पैनल में चार मंत्री हैं जिनमें अमित शाह, निर्मला सीतारमण, पीयूष गोयल और हरदीप सिंह पुरी शामिल हैं। इस नए पैनल की अध्यक्षता अमित शाह कर सकते हैं। 

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जून 2017 में हुआ था गठन

केंद्र सरकार ने एयर इंडिया में अपनी 76 फीसदी हिस्सेदारी बेचने के लिए एक मंत्री समूह का गठन जून 2017 में किया था, जिसकी अध्यक्षता तत्कालीन वित्त मंत्री अरुण जेटली कर रहे थे। उस वक्त इस पैनल में चार अन्य मंत्री--- अशोक गजपति राजू, सुरेश प्रभु, पीयूष गोयल और नीतिन गडकरी शामिल थे। 

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दोबारा से किया गया गठन

मोदी सरकार की दोबारा से वापसी होने पर इस मंत्री समूह का दोबारा से गठन किया गया है। फिलहाल इस समूह में सूत्रों के मुताबिक नीतिन गडकरी शामिल नहीं हैं। एयर इंडिया पर 55 हजार करोड़ रुपये का बकाया है। 

पूरी तरह से बाहर निकेलगी सरकार

सरकार एयर इंडिया से बाहर निकल सकती है। निवेश एवं सार्वजनिक संपत्ति प्रबंधन (दीपम) के सचिव अतानु चक्रवर्ती ने बताया कि अभी इसपर कोई अंतिम निर्णय नहीं लिया गया है। उनका मानना है कि, 'सरकार को निवेशक द्वारा कंपनी में हिस्सेदारी खरीदने से कोई आपत्ति नहीं होगी।' 

home minister amit shah may head ministerial panel on air india sale
air india - फोटो : PTI

पहले भी एयर इंडिया को बेचना चाहती थी सरकार

बीते वर्ष भी सरकार एयर इंडिया को बेचना चाहती थी। लेकिन कच्चे तेल की कीमतों में अस्थिरता के कारण सरकार ने इसे रोक दिया था। अब सरकार इसे बेचने के लिए एक बार फिर सक्रिय हुई है। 

नीति आयोग ने दिया था प्रस्ताव 

कंपनी की पूरी हिस्सेदारी बेचने का प्रस्ताव नीति आयोग ने दिया था, लेकिन सरकार ने एक रणनीतिक निवेशक को 74 फीसदी हिस्सेदारी बेचने की पेशकश की थी, जो इसके न बिकने का बड़ा कारण बताया गया था। 

बनाया है रिवाइवल प्लान

पिछले कई वर्षों से घाटे में चल रही एयर इंडिया को उबारने के लिए सरकार ने एक नई योजना बनाई है। ऐसा माना जा रहा है कि इस योजना के लागू होते ही ऐसा माना जा रहा है कि एयर इंडिया प्रतिस्पर्धी और मुनाफे वाली एयर लाइन में तब्दील हो जाएगी। क्योंकि पूरी योजना न केवल इसके रिवाइवल पर केंद्रित है। सरकार इसके तहत एयरलाइन को वित्तीय पैकेज भी देगी। यही नहीं कोर बिजनेस बढ़ाने के लिए अलग-अलग रणनीतियां अपनाई जाएंगी। 

मंत्री समूह ने इसकी तीन सहयोगी कंपनियों को बेचने का ढांचा अलग से तय करने का निर्देश भी दिया गया है। इन कंपनियों में एयर इंडिया इंजीनियरिंग सर्विसेज लिमिटेड (एआईईएसएल), एयर इंडिया एयर ट्रांसपोर्ट सर्विसेज लिमिटेड (एआईएटीएसएल) और एयरलाइन एलाइड सर्विसेज लिमिटेड (एएएसएल) शामिल हैं। 

बेचेगी कई संपत्तियां

एयर इंडिया को बदहाली से उबारने के लिए सरकार इसकी बेकार और खाली पड़ी जमीनों और ढांचे को भी बेचने की योजना बना रही है। अब तक एयरलाइन विभिन्न शहरों में अपनी नॉन-कोर एसेट्स को बेचकर 410 करोड़ रुपये एकत्रित कर चुकी है। एयर इंडिया को किराये से भी करीब 314 करोड़ रुपये की कमाई हुई है। 

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